बाथरूम स्वच्छता से जुड़ी 6 गलतियां कहीं आप भी तो नहीं करते, तुरंत सुधार करें | health – News in Hindi

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कोविड-19 इंफेक्शन (Covid-19 Infection) ने हम सभी को स्वच्छता के प्रति नए सिरे से सचेत कर दिया है. खासतौर पर इस महामारी (Corona Epidemic) के दौरान अपने घर, आसपास के क्षेत्रों की स्वच्छता बनाए रखना बेहद जरूरी हो गया है. इन सब में सबसे ज्यादा जरूरी है बाथरूम (Bathroom) की स्वच्छता बनाए रखना. क्या आप जानते हैं कि आप बाथरूम में कई ऐसे काम करते हैं, जिनके बारे में आपको लगता होगा कि इनसे कोई नुकसान नहीं है, लेकिन वे आपकी सेहत (Health) के लिए खतरनाक हैं. आपकी यह आदतें आपको कई तरह के संक्रमण (Infection) के खतरे में डाल सकती हैं. चलिए जानते हैं बाथरूम में होने वाली 6 वो गलतियां जो आम हैं और उनसे बचने के उपाय भी –

गलती नंबर 1: टॉयलेट का ढक्कन खुला छोड़ना
कई लोगों में इस तरह की आदत होती है कि वे टॉयलेट का इस्तेमाल करने के बाद उसका ढक्कन खुला छोड़ देते हैं. कई रिसर्च में यह बात सामने आ चुकी है कि अगर आप टॉयलेट का ढक्कन खुला रखकर फ्लश करते हैं तो छोटी-छोटी बूंदों के साथ कई एयरबोर्न बैक्टीरिया और वायरस टॉयलेट बाउल से बाहर आ सकते हैं. इससे आप और आपके परिवारजन, जो भी उस टॉयलेट का इस्तेमाल करते हैं उन सबको कई तरह की बीमारियों का खतरा है, इनमें से कोविड-19 भी एक है. इसलिए जब भी आप फ्लश करें तो पहले ढक्कन बंद कर दें और आमतौर पर भी जब टॉयलेट का इस्तेमाल न हो रहा हो उसके ढक्कन को बंद ही रखें.गलती नंबर 2: अपने ब्रश को टॉयलेट या सिंक के करीब रखना

कभी भी अपने ब्रश को टॉयलेट या सिंक के करीब ना रखें. जैसा कि हम ऊपर बता चुके हैं, टॉयलेट के फ्लश की वजह से निकलने वाली छोटी-छोटी बूंदें, जिनमें वायरस और बैक्टीरिया होता है, वे बाथरूम में मौजूद अन्य चीजों के साथ ही आपके ब्रश को भी संक्रमित कर सकती हैं. जब आप हाथ धोते हैं उस वक्त आपके ब्रश पर गंदे साबुन और पानी के छींटे पड़ सकते हैं.

अपने ब्रश को टॉयलेट और सिंक से कम से कम 4 फुट की दूरी पर रखें. आपको चाहिए कि आप अपने ब्रश को किसी ऊंची जगह पर टूथब्रश होल्डर में और टूथब्रश कवर से ढककर रखें. यही नहीं, हर तीन से पांच महीने के भीतर अपना ब्रश बदलते रहें.

गलती नंबर 3: महीनों तक एक ही लुफा इस्तेमाल करना
क्लिनिकल माइक्रोबायलॉजी जर्नल में छपी एक स्टडी के मुताबिक नहाने के लिए इस्तेमाल होने वाले लुफा हजारों बैक्टीरिया और वायरस के लिए एक सुरक्षित ठिकाना हो सकता है. अगर आपने हाल ही में दाढ़ी बनाई है या बॉडी सेवर का इस्तेमाल किया है और उसके ऊपर आप लुफा का इस्तेमाल करते हैं तो उसमें मौजूद बैक्टीरिया और वायरस आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं.

अपने प्लास्टिक लुफा को हर दो माह में बदल दें. अगर आप लुफा प्लांट से मिलने वाले प्राकृतिक लुफा का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसे हर तीसरे हफ्ते में बदल दें. यही नहीं ऐसे लुफा को हर हफ्ते पतले ब्लीच से कीटाणुरहित करें. अपने गीले लुफा को सावर पर टांगकर बाथरूम में ही ना छोड़ दें, क्योंकि यह गीला वातावरण बैक्टीरिया को पनपने के लिए अनुकूल परिस्थिति प्रदान करता है.

गलती नंबर 4: तौलियों को ना धोना
नियमित तौर पर पहने जाने वाले कपड़ों की तुलना में तौलियों को काफी कम धोया जाता है और यह कड़वा सच है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप अपने गीले तौलिए को बाथरूम जैसे नम और कम रोशनी वाली जगह पर टांगते हैं तो इसमें बैक्टीरियां और फंगी जैसे माइक्रोऑर्गेनिज्म पनपने की आशंका बढ़ जाती है. आपके तौलिए पर मल-मूत्र और शारीरिक स्राव के कुछ हिस्से के साथ ही डेड स्किल सेल्स भी मौजूद होते हैं. तीन से पांच बार इस्तेमाल के बाद आपको अपने तौलिए को धो देना चाहिए. यही नहीं परिवार के हर सदस्य का अपना अलग तौलिया होना भी जरूरी है, इससे बीमारियों को एक व्यक्ति से दूसरे में फैलने से रोका जा सकता है.

गलती नंबर 5: बाथरूम चप्पल ना पहनना
जब भी बाथरूम में जाएं तो बाथरूम चप्पल जरूर पहनें, क्योंकि आपके पैरों संक्रमण के वाहक बन सकते हैं. बाथरूम चप्पल आपको गीले बाथरूम में न सिर्फ फिसलने से बचाते हैं बल्कि कई तरह के संक्रमण जैसे फंगल इंफेक्शन, एथलीट फुट, पैर के तलवों में मस्से और स्टैफिलोकोकल संक्रमण से भी बचाते हैं.

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गलती नंबर 6: बाथरूम में जहरीले कैमिकल का इस्तेमाल
कुछ लोग बाथरूम को साफ और स्वच्छ रखने के लिए ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें हाइड्रोजन पेरोक्साइड जैसे जहरीले रसायन मिले होते हैं. ऐसे उत्पाद धीरे-धीरे जहरीले रसायन को हवा में छोड़ते हैं, जिनसे अस्थमा, एलर्जी और गर्भवती महिलाओं के अजन्मे बच्चे में जन्म दोष तक हो सकता है. इसलिए सफाई के लिए सिर्फ उन उत्पादों का इस्तेमाल करें जिनमें जहरीले रसायन ना हों.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, संक्रमण कैसे होता है, इसके प्रकार, कारण, लक्षण, बचाव, इलाज और दवा पढ़ें।

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