uddhav thackeray temple reopen: महाराष्ट्र में मंदिर-मस्जिद खोलने के बाबत सरकार जल्द लेगी फैसला – maharashtra government will take a decision regarding opening of temple-mosque soon

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मुंबई
कांग्रेस नेता और राज्य के वस्त्रोद्योग मंत्री असलम शेख ने आश्वासन दिया कि सरकार धार्मिक स्थल खोलने के बाबत जल्द ही निर्णय लेगी। बीजेपी भी लगातार मांग कर रही है कि धार्मिक स्थल खोले जाएं। जैन धर्म के लोगों को पर्युषण पर्व चल रहा है। वे भी मांग कर रहे हैं कि जैन मंदिर खोले जाएं। इस पर ठाकरे सरकार ने कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर साफ कहा है कि कोरोना महामारी के चलते फिलहाल धार्मिक स्थल खोलने के बारे में सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है। ऐसे में वस्त्रोद्योग मंत्री असलम शेख के आश्वासन ने लोगों में उम्मीद की किरण जगा दी है।

कई ट्रस्ट द्वारा मस्जिद खोलने की मांग
सोमवार को मस्जिदों के कई सारे ट्रस्टियों ने मुंबई शहर के पालक मंत्री असलम शेख ने मुलाकात कर मस्जिदों को खोलने की मांग की। बैठक में मिनार मस्जिद के ट्रस्टी आसिफ मेमन, अब्दुल वहाब लतीफ, जामा मस्जिद के चेयरमैन शोहेब खातिब, ट्रस्टी नाजिर तुंगेकर, साबिर निरमन सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। बैठक में मिनार मस्जिद के ट्रस्टी आसिफ मेमन ने मांग की कि मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए तय समय पर मस्जिद खोलने की अनुमति दी जाए। लोग जागरूक है और सभी लोग सोशल डिस्टेसिंग का पालन करेंगे ही। इस पर वस्त्रोद्योग मंत्री असलम शेख ने कहा कि धार्मिक स्थल खोलने के मसले पर सरकार गंभीर है और इस पर विचार कर रही है। इस संबंध में वे खुद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात करेंगे और उन्हें पूरा भरोसा है कि सरकार जल्द ही उचित निर्णय लेगी, जिससे सभी का भला होगा।

मॉल खुल सकते हैं तो मंदिर क्यों नहीं?
सोमवार को नासिक स्थित त्र्यंबकेश्वर ज्योर्तिलिंग मंदिर के लोगों ने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे से मुलाकात की। राज से उन्होंने वर्तमान हालात के बाबत विस्तार से जानकारी दी और मंदिर खोलने की मांग रखी। राज ठाकरे ने त्र्यंबकेश्वर ज्योर्तिलिंग मंदिर के लोगों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें समझ में नहीं आता कि सरकार जब मॉल खोलने की अनुमति दे सकती है तो फिर वह मंदिर खोलने की अनुमति क्यों नहीं दे सकती।

बीजेपी ने दोहराया, पर्युषण पर जैन मंदिर खोलने की मांग

जैन धर्मावलंबियों के सबसे बड़े त्योहार पर्युषण पर्व के दौरान जैन मंदिर खोलने के बाबत बीजेपी नेता राज के पुरोहित ने गत दिनों मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा था, लेकिन मुख्यमंत्री ने राज के पत्र का कोई जवाब नहीं दिया। इस पर राज पुरोहित ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलने के लिए वक्त मांगा था। उनकी मांग की थी कि पर्युषण पर्व के दौरान सभी जैन मंदिर खोले जाएं। इस दौरान राज्य के सभी कत्नखाने बंद किए जाएं। राज्यपाल से मिलने से पहले ही राज पुरोहित कोरोना संक्रमित हो गए। फिलहाल वे क्वारंटीन में हैं। वैसे बीजेपी की मांग है कि जब सरकार शराब की दुकान खोल सकती है, माल्स खोल सकती है तो फिर वह धार्मिक स्थल क्यों नहीं खोल सकती?

सरकार ने दिया हलफनामा
धार्मिक स्थल खोलने के बाबत गत दिनों महाराष्ट्र सरकार ने बम्बई उच्च न्यायालय को बताया कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर पर्युषण पर्व पर जैन मंदिरों को खोलने की अनुमति नहीं दे सकती। राज्य ने कहा कि इस साल 15 से 23 अगस्त तक मंदिरों को खोलना, जैसा कि जैन समुदाय ने अनुरोध किया है, वायरस के प्रसार के खतरे को और बढ़ाएगा। राज्य सरकार की वकील पूर्णिमा कंथारिया ने न्यायमूर्ति एस जे कथावाला और न्यायमूर्ति माधव जमादार की पीठ के समक्ष एक लिखित जवाब पेश करते हुए कहा कि राज्य ने मंदिरों को नहीं खोलने का फैसला किया है क्योंकि इससे कोरोना वायरस के संक्रमण का और प्रसार हो सकता है, जिससे लोगों की जान जा सकती है।

शिवसेना की भूमिका

हिंदू समर्थक मानी जाने वाली शिवसेना सरकार में हैं। कोरोना वायरस के चलते वह मंदिर खोलने के विरोध में हैं। शिवसेना के सांसद संजय राऊत का कहना है कि अगर मंदिर खोल दिए गए और कोरोना के मरीज बढ़ने लगे तो क्या होगा, इसलिए सरकार फूंक-फूंककर कदम रख रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों की तबियत से जुड़ी है। लोग स्वस्थ्य रहेंगे तो आगे बढ़ेंगे।

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