UP में बीजेपी विधायकों के बागी तेवर, अपनी ही सरकार पर उठा रहे सवाल | lucknow – News in Hindi

0
19
.
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार (Yogi Government) के कामकाज पर अब विपक्ष (Opposition) के साथ-साथ बीजेपी के विधायक (BJP MLA) भी सवाल उठाने लगे हैं. ऐसा करने वाले कुछ विधायक अपनी ही सरकार के खिलाफ खुलेआम बयानबाजी कर रहे हैं, तो कुछ ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं.

हाल में लखीमपुर में हर्ष फायरिंग में हुई मौत के मामले में पुलिस ने सानू खान नाम के एक आरोपी को कथित तौर पर बचाने की कोशिश की, तो मामले पर योगी के गढ़ गोरखपुर के सदर विधायक डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल ने ट्वीट कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किये. हालांकि कुछ ही देर बाद डीजीपी का कॉल उनके पास आया. जिसके बाद राधा मोहन दास अग्रवाल ने दोबारा ट्वीट कर लिखा, मामला डीजीपी के संज्ञान में है, देखना है कि कार्रवाई में क्या प्रगति होती है.

ब्राह्मणों के मसले पर पूछा सवाल

उधर, सुल्तानपुर के बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी ने ब्राह्मणों के मसले पर पार्टी और योगी सरकार को घेरने की कोशिश की है. उन्होंने पिछले तीन वर्षों में सूबे में मारे गए ब्राह्मणों की संख्या को लेकर सवाल किया है. इसके लिए विधानसभा में प्रश्न के लिए आवेदन देकर पिछले तीन साल में कितने ब्राह्मणों की हत्या और इन मामलों में कितने आरोपियों की गिरफ्तार हुई, इसकी जानकारी मांगी. सुल्तानपुर की लम्भुआ सीट से पहली बार विधायक बने द्विवेदी हाल में तब खबरों सुर्खियों में आए, जब वो बीजेपी विधायक राजकुमार सहयोगी के समर्थन में अलीगढ़ गए थे.राकेश राठौर ने थाली बजाओ कार्यक्रम का उड़वाया था मजाक 

सीतापुर शहर सीट से विधायक राकेश राठौर के अपनी ही सरकार से नाराज रहने की चर्चा आम है. पिछले कुछ समय में वायरल हुए उनके ऑडियो इस बात के खुले प्रमाण हैं. इनमें से एक ऑडियो को लेकर पार्टी की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा चुका है. दरअसल राकेश राठौर ने बीजेपी के ही एक कार्यकर्ता से पीएम मोदी के थाली बजाओ कार्यक्रम का मजाक बनवाया था. जिस पर उन्हें नोटिस भेजा गया था.

‘स्वाभिमान बचाना है तो पुलिस के पास न जाएं विधायक’ 

गोपामऊ विधानसभा के बीजेपी विधायक श्याम प्रकाश लगातार सोशल मीडिया पर अपनी ही सरकार की घेराबंदी करते नजर आ रहे हैं. इन्हें भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है. अलीगढ़ में बीजेपी विधायक के साथ मारपीट मामले में उन्होंने सरकार को घेरते हुए यूपी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किया. और लिखा कि अपने सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए विधायकों को थाना और अधिकारियों के पास नहीं जाना चाहिए.

’30 साल में ऐसी बेबसी कभी महसूस नहीं की’

हरदोई से बीजेपी सांसद जय प्रकाश रावत ने कोरोना वायरस में अपनी निधि से वेंटिलेटर खरीदने के लिए 25 लाख रुपए दिए थे. वेंटिलेटर की समस्या को लेकर सांसद के एक समर्थक ने फेसबुक पर पोस्ट लिखा. इसी पोस्ट पर गोपामऊ से बीजेपी विधायक श्याम प्रकाश ने कमेंट करते हुए लिखा, ‘सब कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गया है.’ विधायक के कमेंट के बाद सांसद जयप्रकाश ने भी कमेंट करते हुए लिखा कि ‘मैंने अपनी निधि इस शर्त पर दी थी कि वेंटिलेटर खरीदा जाए लेकिन ऐसा हुआ नहीं, निधि कहां गई पता नहीं?’

इतना ही नहीं सांसद ने ये भी लिखा, ‘जब ऊपर से यह निर्देश होगा कि अधिकारी अपने विवेक से काम करें तो हमको कौन सुनेगा, हमने अपने तीस साल के कार्यकाल में ऐसी बेबसी कभी महसूस नहीं की.’

मंत्री का दावा- एकजुट हैं हम 

हालांकि संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सफाई देते हुए कहा कि कोई सांसद- विधायक नाराज नहीं हैं. हमलोगों का उद्देश्य जन सेवा करना है. लॉकडाउन के दौरान सरकार ने लोगों की आर्थिक सहायता की, करोड़ों लोगों को मुफ्त खाना दिया. प्रवासी मजदूरों की मदद की. आगे विधानसभा का सत्र शुरू होने वाला है. सभी विधायक एकजुट दिखेंगे. नाराजगी की ये बातें सिर्फ मीडिया की उपज है.



Source link

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here