शरद पवार: sushant singh rajput death case latest news: शरद पवार ने सीबीआई जांच पर उठाए सवाल, पूछा 7 साल में सीबीआई ने दाभोलकर हत्याकांड में क्या किया? – sharad pawar raises question on cbi he said that cbi is investigating dabholkar murder case since seven years but no result so far

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हाइलाइट्स:

  • सीबीआई जांच पर शरद पवार का तंज
  • दाभोलकर हत्याकांड में सीबीआई जांच कर रही थी
  • अभी तक कोई हल नहीं निकला
  • 7 साल पहले हुई दाभोलकर की हत्या
  • अब सीबीआई सुशांत मामले की भी जांच करेगी
  • सरकार देगी पूरा सहयोग

मुंबई
एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की जांच को सीबीआई को सौंपने के बाद तंज कसते हुए कहा है कि डॉ. नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड की जांच भी सीबीआई ही कर रही थी। सात साल गुजर जाने के बाद भी इस मामले में कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। उम्मीद है कि सुशांत के साथ ऐसा न हो।

क्या कहा शरद पवार ने
दरअसल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शरद पवार ने ट्वीट कर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया है मुझे भरोसा है कि महाराष्ट्र के सरकार सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय का सम्मान करेगी और उन्हें जांच में पूरा सहयोग भी करेगी’।

पवार के ट्वीट के कई मायने
शरद पवार ने सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की तुलना 7 साल पहले हुए दाभोलकर हत्याकांड से की है। आपको बता दें कि दाभोलकर हत्याकांड साल 2013 में हुआ था। उस समय भी राज्य में कांग्रेस- एनसीपी की अघाड़ी सरकार थी। उस समय सरकार पर मामले की जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगा और हाई कोर्ट ने 7 महीने बाद इस पूरे मामले को सीबीआई के हवाले कर दिया। आज भी परिस्थितियां कुछ वैसी ही नजर आ रही है। फिलहाल महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी की सरकार है और सुशांत सिंह मामले में भी लापरवाही के आरोप के चलते यह मामला सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के हवाले किया है। सवाल यह भी है कि क्या राज्य सरकार जांच में सीबीआई का सहयोग करेगी? यह तो जांच शुरू होने के बाद में पता चलेगा। फिलहाल महाराष्ट्र सरकार के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने भी कहा है कि सरकार सीबीआई का पूरा सहयोग सुशांत मामले की जांच में करेगी। शरद पवार ने भी सरकार से सीबीआई की जांच में सहयोग करने की बात कही है।


कब हुआ दाभोलकर हत्याकांड

स्वर्गीय डॉ.नरेंद्र दाभोलकर की महाराष्ट्र के पुणे शहर में ओंकारेश्वर पुल के पास 20 अगस्त 2013 को दो मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। दाभोलकर अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति चलाते थे और अंधविश्वास के खिलाफ उनकी जंग काफी दिनों से चल रही थी। महाराष्ट्र सरकार के ऊपर इस पूरे मामले में लापरवाही से जांच करने का आरोप लगा और पूरे राज्य में इस हत्याकांड को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था। जिसके बाद सरकार को इसके खिलाफ कानून भी बनाना पड़ा। सीबीआई ने इस मामले में 8 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया है। जिनमें से 5 लोगों के विरुद्ध चार्जशीट भी फाइल की गई है। लापरवाही की वजह से इस मामले को बॉम्बे हाई कोर्ट ने सीबीआई को सौंप दिया था।

सुशांत की मौत का राजनीतिकरण किया गया
गृह मंत्री अनिल देशमुख ने सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि फिल्म अभिनेता की मौत को लेकर सिर्फ सियासत हो रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह बिहार में होने वाले चुनाव हैं। जहां पर भाजपा सुशांत की मौत को मुद्दा बना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि संघीय ढांचे का भी ख्याल संविधान विशेषज्ञों को रखना चाहिए।

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