सर्दी-जुकाम में एंटी बायोटिक्स से ज्यादा असरदार है शहद, नई स्टडी में हुआ ऐसा खुलासा | health – News in Hindi

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स्टडी के अनुसार सर्दी जुकाम में शहद का सेवन करने से शरीर दवाइयों के मुकाबले जल्दी ठीक हो जाता है.

शोध कर्ताओं के अनुसार सर्दी-खांसी (Cough And Cold) और फ्लू (Flu) जैसी बीमारियों में शहद (Honey) का इस्तेमाल करने से जल्दी आराम मिलता है. यह एंटी बायोटिक (Anti Biotic) दवाइयों के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित, सस्ती और आसानी से उपलब्ध होने वाली चीज है.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    August 20, 2020, 11:35 AM IST

आयुर्वेद (Ayurveda) में शहद (Honey) को एक बेहद की कारगर औषधि (Medicine) माना गया है. भारत में बहुत पहले से ही सर्दी-जुकाम (Cough And Cold) और खांसी होने पर शहद का सेवन कराया जाता है. शहद न सिर्फ सर्दी जुकाम में शरीर को आराम पहुंचाता है बल्कि इसे गर्म पानी में मिलाकर पीने से वजन (Weight) घटाने में भी मदद मिलती है. अब शहद को लेकर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) के शोधकर्ताओं ने भी ये बात सामने रखी है कि शहद के सेवन से सर्दी-जुकाम को ठीक किया जा सकता है. एक नई स्टडी के मुताबिक शहद सर्दी-जुकाम में दवाइयों से ज्यादा असर करती है. स्टडी के अनुसार सर्दी जुकाम में शहद का सेवन करने से शरीर दवाइयों के मुकाबले जल्दी ठीक हो जाता है.

फ्लू जैसी बीमारियों में शहद का इस्तेमाल
शोध कर्ताओं के अनुसार सर्दी-खांसी और फ्लू जैसी बीमारियों में शहद का इस्तेमाल करने से जल्दी आराम मिलता है. यह एंटी बायोटिक (Anti Biotic) दवाइयों के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित, सस्ती और आसानी से उपलब्ध होने वाली चीज है. शोध कर्ताओं ने डॉक्टरों से गुजारिश की है कि सर्दी जुकाम के रोगियों को एंटी बायोटिक्स की जगह शहद खाने को दिया जाए. आपको बता दें कि एंटी बायोटिक्स के कई साइड इफेक्ट्स है जिसका शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है.

इसे भी पढ़ेंः अब इन तीन स्मूदी से कम होगा वजन, पीते ही दिखने लगेगा असरशहद सर्दी-जुकाम को ठीक करने में कारगर

आपको बता दें कि सर्दी-जुकाम के दौरान शहद का इस्तेमाल काफी पहले समय से हो रहा है लेकिन अब रिसर्च में भी इस बात का पता चल चुका है कि शहद सर्दी-जुकाम को ठीक करने में कारगर साबित हो सकती है. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के मेडिकल स्कूल एंड नफील्ड डिपार्टमेंट ऑफ प्राइमरी केयर हेल्थ साइंसेस (Oxford University’s Medical School and Nuffield Department of Primary Care Health Sciences) के शोध कर्ताओं ने बताया कि शहद का इस्तेमाल कर यह देखा गया कि कैसे ये अपर रेसपिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन्स (URTIs) पर रेस्पॉन्ड करता है. URTIs सर्दी-जुकाम की तरह ही एक आम बीमारी है जो कि नाक, साइनस और सामस लेने की नली को प्रभावित करती है.

शहद एंटी बायोटिक्स की तुलना में सस्ती और आसानी से उपलब्ध
BMJ Evidence-Based Medicine के जर्नल में प्रकाशित एक लेख में उन्होंने बताया कि अपर रेसपिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन्स में शहद कमाल का काम करती है. इसके अलावा शहद एंटी बायोटिक्स की तुलना में सस्ती और आसानी से उपलब्ध भी हो जाती है. शहद एंटी माइक्रोबियल के शरीर में फैलने की प्रक्रिया को धीमा कर देती है. वहीं शोधकर्ताओं का मानना है कि बच्चों पर शहद बड़ों की तुलना में जल्दी असर करता है. ऐसे में बच्चों को सर्दी-जुकाम में शहद देने से उनका शरीर जल्दी ठीक हो सकता है.



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