पीरियड्स में देरी या अनियमितता के हो सकते हैं कई कारण, न करें नजरअंदाज | health – News in Hindi

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अगर पीरियड्स (Menstruation) किसी महीने नहीं आता है तो यह अनियमित माना जा सकता है. पूरे महीने के दौरान हॉर्मोन (Hormone) के स्तर में बढ़ोतरी और गिरावट इस चक्र को नियंत्रित रखते हैं.




  • Last Updated:
    August 21, 2020, 11:27 AM IST

पीरियड्स यानी मासिक धर्म (Menstruation) महिलाओं में होने वाली एक स्वाभाविक प्रक्रिया है जो आमतौर पर 10 से 15 साल की लड़कियों में शुरू होती है. नियमित मासिक धर्म होने पर यह संकेत मिलता है कि शरीर के महत्वपूर्ण अंग सही से काम कर रहे हैं. औसत पीरियड साइकल यानी मासिक धर्म चक्र 28 दिन लंबा होता है. यदि यह चक्र हर महीने समान अंतराल का होता है तो यह नियमित माना जाता है. एक नियमित चक्र की लंबाई 21 से 35 दिनों तक हो सकती है. यह तब अनियमित माना जाता है जब एक महीने में तो लंबा और अगले महीने छोटा हो जाए. अगर पीरियड्स किसी महीने नहीं आता है तो यह अनियमित माना जा सकता है. पूरे महीने के दौरान हॉर्मोन (Hormone) के स्तर में बढ़ोतरी और गिरावट इस चक्र को नियंत्रित रखते हैं. myUpchar से जुड़े डॉ. विशाल मकवाना का कहना है कि एकाध बार मासिक धर्म चक्र में मामूली अनियमितता चिंताजनक नहीं है. हालांकि, अनियमित मासिक धर्म चक्र से निपटने में परेशानी हो सकती है. अनियमित मासिक धर्म के कुछ कारण हो सकते हैं, जिसके बारे में महिलाओं को जानकारी होनी चाहिए.

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम

ओवरी में सिस्ट (अंडाषय में गांठ) अनियमित मासिक धर्म का एक बड़ा कारण है. पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) प्रजनन क्षमता के कम होने के साथ जुड़ा हुआ है. यहां महिला का शरीर पुरुष हॉर्मोन का उत्पादन शुरू कर देती है और इसके परिणामस्वरूप अनियमित पीरियड्स हो सकते हैं. इसका इलाज करवाना जरूरी है. असामान्य या लंबे समय तक मासिक धर्म, चेहरे और शरीर पर अत्यधिक बालों का विकास, वजन बढ़ना, मुंहासे, तेल वाली त्वचा आदि पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के लक्षण हो सकते हैं.तनाव

माना जाता है कि तनाव मासिक धर्म चक्र को गड़बड़ा सकता है और इससे महिलाओं में पीरियड्स में देरी हो सकती है. तनाव से शरीर के अंदर के हार्मोन प्रभावित हो जाते हैं. तनाव का प्रबंधन करना बहुत महत्वपूर्ण है. ऐसा न करने पर महिलाएं विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों से प्रभावित हो सकती हैं.

मोटापा

myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. अनुराग शाही का कहना है कि अधिक वजन या मोटापे के कारण महिलाओं में बांझपन और अनियमित मासिक धर्म जैसी स्त्री रोग संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. अतिरिक्त वजन के कारण हार्मोनल परिवर्तन होते हैं और इससे पीरियड्स में देरी हो सकती है. कुछ शारीरिक गतिविधि आदि करके अपना वजन कम करना जरूरी है.

दवाएं

महिलाओं द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली गर्भनिरोधक गोलियां मासिक धर्म चक्र पर प्रभाव डाल सकती हैं. ये जन्म नियंत्रण गोलियां अंडाशय के अंडे को रिलीज करने से रोकती हैं. कभी-कभी एंटीडिप्रेसेंट्स का सेवन महिलाओं में मासिक धर्म में देरी या अनियमितता का कारण हो सकता है.

कुछ स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां

कुछ पुरानी स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां भी महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म का कारण बन सकती हैं. मधुमेह भी मासिक धर्म में देरी या अनियमितता की वजह बन सकती है. मधुमेह से हार्मोन प्रभावित होते हैं और पोषण की कमी सीलिएक रोग के कारण होती है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, मासिक धर्म क्या है? इसमें क्या करें, क्या नहीं, इस दौरान सेक्स करें या नहीं पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।



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