रिसर्च के नाम पर कृषि अनुसंधान परिषद में 9.50 करोड़ का घोटाला

9
101
.

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक घोटालों का पर्दाफाश हो रहा है। इस कड़ी में कृषि अनुसंधान परिषद में 9.50 करोड़ के घोटाले पर से पर्दा उठा है जहां पर रिसर्च के नाम पर  9.50 करोड़ का खेल खेला गया। बता दें कि समाजवादी सरकार में इस घोटाले को तत्कालीन महानिदेशक राजेंद्र कुमार यादव ने किया था। अपर मुख्य सचिव हेमंत राव की जांच में इस घोटाले की पुष्टि हुई थी। आपको बता दें कि इस जांच में कृषि अनुसंधान परिषद के कई और अधिकारी भी दोषी पाए गए हैं।

उत्तर प्रदेश: एनकाउंटर के दौरान बाल-बाल बचे इंस्पेक्टर, गोली लगने से बदमाश घायल | lucknow – News in Hindi

बता दें कि परिषद में तत्कालीन महानिदेशक प्रो. राजेंद्र कुमार ने काफी ऊंचे लेवल पर अनियमितता की थी। प्रमुख सचिव कृषि को भेजी जांच रिपोर्ट में अपर मुख्य सचिव हेमंत राव ने लिखा है कि तत्कालीन महानिदेशक राजेंद्र कुमार ने भारी अनियमितताएं की हैं। रिसर्च के लिए 143 कुल कंसेप्ट नोट प्राप्त हुए थे जिनमें कुल 59 ही निर्धारित मानक पूरा करते थे। बाकी आखिरी डेट के बाद आए थे। जो कि अधूरे थे।

यूरिया घोटाला: जिले के टॉप-20 बायर्स में शामिल हुआ यूरिया विक्रेता, खुद को बेच डाली इतनी यूरिया

इसके बाद भी तत्कालीन महानिदेशक ने इन 84 को भी बजट आवंटित कर दिया। जांच में पता चला कि यह प्रों राजेंद्र के करीबी थे। यही नहीं तत्कालीन महानिदेशक ने कृषि उत्पादन आयुक्त की बैठक के कार्यवृत्त में भी फेरबदल भी कर दिया।

NCERT की 35 करोड़ की डुप्लीिकेट किताबें पकड़े जाने पर अखिलेश यादव ने भाजपा को सुनाई खरी-खोटी

 

Authors

.

9 COMMENTS

  1. मेरठ मेडिकल कॉलेज की तीसरे फ्लोर से महीला मरीज पाइप से उतरकर हुई फरार - First Eye News

    […] रिसर्च के नाम पर कृषि अनुसंधान परिषद म… […]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here