पीलीभीत: सफाई के नाम पर खर्च कर दिए 78 करोड़, फिर भी स्वच्छता सर्वेक्षण में जिला रहा फिसड्डी | pilibhit – News in Hindi

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पीलीभीत नगर पालिका

पीलीभीत (Pilibhit) नगर पालिका द्वारा सफाई करने का जिम्मा 180 स्थाई और 250 ठेका सफाई कर्मियों पर है. इन पर हर महीने 65 लाख रुपए खर्च कर दिया जाता है.

पीलीभीत. अपने कारनामों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाली पीलीभीत (Pilibhit) नगर पालिका (Muncipal Corporation) की एक और फजीहत सामने आयी है. पीलीभीत नगर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था के नाम पर नगर पालिका ने 78 करोड़ रुपए का बजट ठिकाने लगा दिया, फिर भी न कूड़ा हटा और न ही नालों की सफाई हुई. हालात ऐसे हैं कि अगर आप बिना मास्क के सड़कों पर निकल जाएं तो शायद ही बीमार होने से बच पाए. आलम यह रहा स्वच्छता सर्वेक्षण (Swachhhata Sarvekshan) में जिले की 259वीं रैंकिंग रही.

पूरे मंडल में सबसे पीछे पीलीभीत जिला

पूरे मंडल में सबसे पीछे पीलीभीत जिला रहा, जबकि देश के स्वच्छता सर्वेक्षण में जिले की रैंकिंग 259 आई है. यहां साॅलिग वेस्ट प्लांट नहीं लगा है. कूड़ा नदी के किनारे डाला जाता है. शहर के 49 मोहल्लों में 22 खुले कचरा घर है, जिसमें रोज़ 9 टन से ज्यादा कचरा जमा होता है जिसको शहर के किनारे खुले में डाल दिया जाता है.

कहां-कहां हुआ खर्चपीलीभीत नगर पालिका द्वारा सफाई करने का जिम्मा 180 स्थाई और 250 ठेका सफाई कर्मियों पर है. इन पर हर महीने 65 लाख रुपए खर्च कर दिया जाता है, जिसमें 45 लाख स्थाई सफाई कर्मियों पर जबकि 16 लाख ठेका सफाई कर्मियों पर. वहीं 4 लाख गाड़ियों के डीज़ल पर खर्च कर दिया जाता है/

आस्था पर पहुंच रहीं हैं ठेस
आस्था को ठेस पहुंचा कर नदियों के किनारे डाला जाता है कूड़ा. पीलीभीत नगर पालिका अभी तक शहर में एक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट नहीं लगवा पाई है. जिसके चलते शहर भर से निकला कूड़ा पीलीभीत शहर से निकलने वाली नदी देवा के किनारे डाला जाता है. इस कूड़े से इतनी तेज दुर्गंध आती है कि रोड से निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है, जबकि इसी नदी के किनारे बड़े-बड़े धार्मिक मेले लगते हैं.

क्या कहना है जिलाधिकारी का

नवागत जिलाधिकारी पुलकित खरे का कहना है कि देश की स्वच्छता सर्वेक्षण  में जो जिले की रैंकिंग आई है उसमें सुधार किया जायेगा. जिसको लेकर जिले के सभी ईओ से मिटिंग की जायेगी. विशेष अभियान चलाया जाएगा और लोगों को भी जागरुक किया जाएगा. शहर में पाइप लाइन बिछाई जाएगी. समुदायिक शौचालय, कूड़ा घर बनवाए जायेंगें. हरदोई को अच्छा किया है और पीलीभीत को भी अच्छा करेंगे.
शहर सफाई को लेकर गलती किसी की भी हो कार्रवाई होगी. ज़िला पर्यटन के हिसाब से महत्त्वपूर्ण है. यहां देश विदेश से पर्यटक आते हैं. ऐसे में जिला प्रशासन को गंभीरता दिखानी चाहिए. फिलहाल नये जिलाधिकारी पर सबकी नज़रें टिकीं है. लोगों की उम्मीद है कि ज़िला सफाई में कई पयदानों की छलांग लगाएगा.



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