Sonia Gandhi camp expresses displeasure over leaking letter, says- CWC meeting called after dissent letter – सोनिया गांधी खेमे ने पत्र लीक होने पर जताई नाराजगी, असहमति पत्र के बाद बुलाई गई CWC बैठक

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7 अगस्त के पत्र में कपिल सिब्बल, शशि थरूर, गुलाम नबी आजाद, पृथ्वीराज चव्हाण और आनंद शर्मा जैसे वरिष्ठ नेताओं के हस्ताक्षर हैं, जो संगठन में व्यापक बदलाव चाहते हैं. जिसमें हर स्तर पर चुनाव, सत्ता का विकेंद्रीकरण शामिल है. नेताओं ने “सामूहिक नेतृत्व” की मांग की है.

एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर NDTV को बताया, पत्र में ऐसा नहीं है कि सोनिया गांधी या राहुल गांधी की आलोचना की गई है. लेकिन कांग्रेस पार्टी में पूरी तरह से बदलाव की मांग की गई है. पत्र के लीक होने और उनके सोनिया गांधी के अध्यक्ष बने रहने की अटकलों के बीच, सोनिया गांधी ने अपने सहयोगियों से कहा कि वह शीर्ष पद से हट जाएंगी.

73 वर्षीय सोनिया गांधी को दिसंबर 2017 में राहुल गांधी के लिए पद छोड़ने के लिए पार्टी द्वारा मना लिया गया था. सोनिया गांधी ने अक्सर व्यक्त किया है वे स्वास्थ्य के मद्देनजर अध्यक्ष बने रहने नहीं चाहती हैं. हालांकि, जब तक पूर्णकालिक पार्टी प्रमुख पर कोई सहमति नहीं बन जाती, तब तक वह इस पद पर बनी हुई हैं.

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राहुल गांधी, जिन्होंने 2019 लोकसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था, को पार्टी के एक वर्ग द्वारा बार-बार आग्रह किया गया कि वे अध्यक्ष बनें. हालांकि, एक अन्य वर्ग को लगता है कि वह कांग्रेस के अध्यक्ष के लिए अनुभवहीन हैं और  चुनावी तौर पर असरदार नहीं हैं.

राहुल गांधी ने कथित तौर पर अध्यक्ष बनने से इनकार कर दिया है. हालांकि, उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि उन्हें वापस आने से भी कोई गुरेज नहीं है. कल के महत्वपूर्ण सीडब्ल्यूसी बैठक से पहले, कुछ वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने गांधी परिवार और पार्टी के उनके निरंतर नेतृत्व का  बचाव किया है.

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि गांधी परिवार नेतृत्व की भूमिका के लिए फिट हैं और कहा कि चुनावी हार “नेतृत्व परिवर्तन के लिए संकेत” नहीं हो सकता. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी गांधी परिवार का बचाव किया. 

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की अहम बैठक कल

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