मटके का पानी पीने से एसिडिटी और गले के रोग होते हैं ठीक, जानिए इसके दूसरे फायदे | health – News in Hindi

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मटके का पानी पीने से कई तरह की बामारियों से छुटकारा मिलता है.

मिट्टी (soil) के मटके (Pot) का पानी मिट्टी के गुणों (Soil properties) से भरपूर होता है. मटके का पानी (water) पीने से प्यास भी खत्म होती है और कोई साइड इफेक्ट (side effect) भी नहीं होता है.




  • Last Updated:
    August 24, 2020, 2:21 PM IST

धरती विभिन्न विटामिन (Vitamin) और खनिजों से समृद्ध है और मिट्टी के बर्तनों (Pottery) में वही गुण पाए जाते हैं जो धरती में होते हैं. हमारे पूर्वजों को मिट्टी के बर्तनों में पाये जाने वाले गुणों के बारे में पता था. यही वजह है कि उन्होंने मिट्टी के बर्तनों को अपनाया था. अब भी कुछ परिवार इस परंपरा का पालन करते हैं और रेफ्रिजरेटर (Refrigerator) का इस्तेमाल करने की बजाय मिट्टी के बर्तनों में पानी रखना पसंद करते हैं और इसी ही पीते हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि इन बर्तनों में प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक गुण (Healing properties) होते हैं. myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला ने बताया कि मिट्टी में कई प्रकार के रोगों से लड़ने की क्षमता होती है. मिट्टी के बर्तनों में पानी रखा जाए तो उसमें मिट्टी के गुण आ जाते हैं. इसलिए घड़े में रखा पानी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है.

क्षारीय प्रकृति
मिट्टी प्रकृति में क्षारीय (क्षारीय भूमि उस मिट्टी को कहते हैं जिनका पीएच मान 9 से अधिक होता) है, तो यह शरीर में पीएच संतुलन बनाए रखने में मदद करती है. इसकी वजह यह है कि मानव शरीर प्रकृति में अम्लीय होने के लिए जाना जाता है. क्षारीय मिट्टी तब अम्लीय पानी के साथ प्रतिक्रिया करती है इसलिए एक उचित पीएच संतुलन बनता है. इसलिए मटके का पानी पीने से एसिडिटी और पेट के दर्द से राहत मिलती है.

गले की तकलीफों से लिएमटके का पानी खांसी या सर्दी से पीड़ित लोगों के लिए एक आदर्श पेय है. गर्मियों के दौरान सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए यह सबसे अच्छा विकल्प है, क्योंकि फ्रिज का पानी पीने में ठंडा हो सकता है और प्लास्टिक की बोतलों में बाहर रखा पानी बहुत गर्म होता है. मिट्टी के मटके का पानी प्यास बुझाने के लिए मिट्टी के गुणों से भरपूर होता है. फ्रिज का पानी पीने से गला खराब होने समेत कई तरह की परेशानियां आ सकती हैं, लेकिन मटके का पानी पीने से प्यास भी खत्म होगी और कोई साइड इफेक्ट नहीं होगा.

मेटाबॉलिज्म में सुधार
मिट्टी के बर्तन में जमा पानी से शरीर की प्राकृतिक मेटाबॉलिज्म प्रणाली को बढ़ावा मिलता है. इसका कारण यह है कि यह पानी किसी भी प्रकार के रासायनिक घटकों के संपर्क में नहीं आता है.

हीलिंग गुण से भरपूर
मिट्टी के मटके में हीलिंग यानी उपचार के गुण होते हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि मिट्टी का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के खनिजों और विद्युत चुम्बकीय ऊर्जा में बर्तन बनाने के लिए किया जाता है. जब बर्तन में पानी भर जाता है और फिर पिया जाता है, तो लाभ शरीर में स्थानांतरित हो जाते हैं.

विषाक्त पदार्थों का डर नहीं
मटके का पानी पीने का एक सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें किसी भी तरह के जहरीले रसायनों का डर नहीं होता है. प्लास्टिक की बोतलों में पाए जाने वाले एक शक्तिशाली जहरीले रसायन बीपीए का कोई डर नहीं है. इस पानी में दूषित होने की आशंका नहीं रहती है. वहीं मिट्टी सभी विषैले पदार्थ को सोख लेती है. जिन लोगों को गर्मी में खट्टी डकार और अपच की समस्या रहती है, वे पीने के पाने के लिए मटके का ही इस्तेमाल करें.

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