Sushant Death Mystery Top forensic experts join CBI SIT, team to create death scene news and updates | शीना बोरा-सुनंदा पुष्कर केस की जांच करने वाले फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीम में, सुशांत की मौत का सीन री-क्रिएट किया जाएगा

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4 दिन पहले

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  • सीबीआई ने सुशांत डेथ मिस्ट्री की जांच के लिए 10 सदस्यों की एक एसआईटी गठित की है, जो 3 हिस्सों में होगी
  • आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर से अलग हत्या का मामला दर्ज करने के लिए सीनियर एडवोकेट ने की अपील

सुशांत केस की सीबीआई जांच के आदेश के बाद ही सीबीआई की टीम एक्टिव हो गई है। ये वो टीम है, जिसने विजय माल्या और अगस्ता वेस्टलैंड जैसे मामलों की जांच की है। अब इस टीम के साथ वो फॉरेंसिक एक्सपर्ट जुड़ गए हैं, जिन्होंने सुनंदा पुष्कर और शीना बोरा जैसे मामलों की जांच की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई की जांच टीम में अब टॉप फॉरेंसिक डॉक्टर सुधीर गुप्ता भी शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा सीबीआई की स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम (एसआईटी) ये पता लगाने की कोशिश करेगी कि सुशांत ने आत्महत्या की थी, या फिर कोई और वजह थी। इसके लिए एसआईटी क्राइम सीन री-क्रिएट करने की कोशिश करेगी। इस दौरान सुशांत की रिपोर्ट के अलावा ‌फॉरेंसिक रिपोर्ट की जांच भी की जाएगी।

कौन हैं डॉ. सुधीर गुप्ता

डॉ. सुधीर गुप्ता दिल्ली एम्स के फॉरेंसिक साइंस विभाग के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। डॉ. सुधीर उस वक्त सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने कहा था कि उनपर सुनंदा पुष्कर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हेर-फेर का दबाव बनाया गया था। डॉ. गुप्ता ने 2015 में शीना बोरा हत्याकांड की जांच में सीबीआई का सहयोग किया था। डॉ. गुप्ता ने डॉक्टर्स की टीम के साथ मिलकर शीना की कथित हडि्डयों की दोबारा जांच की थी। अपने 27 साल के कॅरियर में डॉ. गुप्ता 30 से ज्यादा हाई प्रोफाइल मामलों की जांच में सहयोग कर चुके हैं। इनमें नीतीश कटारा मर्डर, जेसिका लाल मर्डर, सुनंदा पुष्कर की मौत, उपहार अग्निकांड और शीना बोरा हत्याकांड प्रमुख रूप से शामिल हैं।

मुंबई पुलिस से एसआईटी ने दस्तावेज मांगे

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई में एसआईटी को गुरुवार को पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। बताया ये भी जा रहा है कि टीम ने मुंबई पुलिस से सुशांत केस की फाइल्स और सभी सबूतों भी मांगे हैं। इसके अलावा पहले चरण की जांच में 6 लोगों से सवाल-जवाब किए गए हैं। हालांकि, इस बारे में सीबीआई की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

एसआईटी इसलिए है खास

एसआईटी का नेतृत्व गुजरात कैडर के आईपीएस अफसर मनोज शशिधर करेंगे, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है। चार सदस्यों वाली एसआईटी में गगनदीप गंभीर और नुपूर प्रसाद को भी रखा गया है, ताकि महिला आरोपियों से पूछताछ में दिक्कत न हो। इस मामले में अनिल यादव जांच अधिकारी रहेंगे।

  • मनोज शशिधर गुजरात कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अफसर हैं। जनवरी में ही सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर बनाए गए हैं। पहले विजय माल्या केस की जांच की निगरानी कर चुके हैं।
  • गगनदीप गंभीर गुजरात कैडर की 2004 बैच की आईपीएस अफसर हैं और सीबीआई में उन्हें घोटालों की जांच में महारथी माना जाता है।
  • नुपूर प्रसाद 2007 बैच की एजीएमयूटी कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं। सीबीआई की तेजतर्रार महिला अधिकारियों के रूप में गिनी जाती है।
  • डीएसपी अनिल कुमार यादव मध्यप्रदेश से हैं। मध्यप्रदेश के व्यापमं घोटाले से जुड़े लोगों की मौत की जांच उन्होंने ही की है। यादव कॉमनवेल्थ घोटाले और अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों में भी जांच टीम का हिस्सा रहे हैं।

अब हत्या की एफआईआर दर्ज करवाने अपील

इस बीच एक वरिष्ठ वकील ने सीबीआई प्रमुख को पत्र लिखकर सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच में हत्या के लिए एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है। वकील अटल बिहारी दुबे ने ट्विटर पर इस पत्र की फोटो शेयर की हैं। जिसमें वकील ने कई पॉइंट्स की एक लिस्ट भी दी है जिसके आधार पर उन्होंने सुशांत की मौत की जांच में हत्या के लिए एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया था।

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