क्या आप खर्राटों से परेशान हैं? अपनाएं ये 7 घरेलू उपाय और देखें कमाल | health – News in Hindi

0
40
.

खर्राटों के लिए कोई चमत्कारी इलाज नहीं है, लेकिन जीवनशैली में बदलाव करके और आसान घरेलू उपाय अपनाकर इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है.

नाक (Nose) के वायुमार्ग में रुकावट, मांसपेशियों की कमजोरी (Weakness), गले के ऊतकों में भारीपन खर्राटों (Snoring) का कारण हो सकता है. यही नहीं यूव्यूला टीश्यू के आकार बढ़ने और नरम होने के कारण भी यह स्थिति हो सकती है.




  • Last Updated:
    August 25, 2020, 6:43 AM IST

खर्राटे (Snoring) की समस्या आम हो गई है और इन खर्राटों की वजह से दूसरे लोगों की नींद (Sleep) खराब होती है. लेकिन अगर लोग आदत मानकर इस समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं तो यह बड़ी गलती है. सोते समय सांस लेते समय जब तेज आवाज होती है, उसे ही खर्राटे कहते हैं. खर्राटे की आवाज आनी तब शुरू होती है जब गले की त्वचा में हवा के बहाव की वजह से ऊतकों में वाइब्रेशन पैदा होती है और नाक या मुंह से खर्राटों की आवाज आ सकती है. myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. केएम नाधीर  का कहना है कि नाक के वायुमार्ग में रुकावट, मांसपेशियों की कमजोरी, गले के ऊतकों में भारीपन इसका कारण हो सकता है. यही नहीं यूव्यूला टीश्यू के आकार बढ़ने और नरम होने के कारण भी यह स्थिति हो सकती है. यूव्यूला टीश्यू गले के बीच में लटक रहे ऊतक को कहते हैं.

myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि खर्राटों के लिए कोई चमत्कारी इलाज नहीं है, लेकिन जीवनशैली में बदलाव करके और आसान घरेलू उपाय अपनाकर इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है. वहीं कुछ टिप्स भी कारगर हो सकते हैं. वजन ज्यादा हो तो पहले वजन कम करने पर ध्यान दें क्योंकि ज्यादा वजन वालों के गले के अतिरिक्त ऊतक खर्राटों की समस्या बढ़ जाती है. पीठ के बल सोने की बजाए करवट लेकर सोएं. लेटने से पहले सिर को चार इंच ऊपर उठाकर सोएं. इसके लिए सिर के नीचे एक से ज्यादा तकिया लगाकर रखें. इससे गले के ऊतकों का बचाव होता है.

घीघी को हल्का गर्म कर एक-एक बूंद नाक के दोनों छेद में डालें. यह प्रक्रिया रोजाना रात को सोने से पहले और सुबह उठने के तुरंत बाद करें. घी में मौजूद औषधीय गुण नाक के जमाव को कम करने में सहायता करते हैं.

हल्दी

रोजाना सोने से पहले गर्म दूध के गिलास में दो चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर सोने से आधा घंटे पहले पिएं. हल्दी में एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुण होते हैं जो कि खर्राटों को भी कम करने में मदद करते हैं. इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.

इलाइची

इलाइची बंद नाक को खोलने में मदद करती है. नाक खुलने से हवा के आने-जाने में कोई परेशानी नहीं होती है जिससे खर्राटे कम आएंगे. इसके लिए एक गिलास पानी में एक चम्मच इलाइची पाउडर डालें और सोने से आधा घंटा पहले पिएं.

भाप

एक कटोरे में पानी लेकर गर्म करें. इसमें टीट्री ऑयल मिला दें. इसके बाद 10 मिनट तक गहरी सांस लेकर भाप लेने की कोशिश करें. इससे नाक का जमाव दूर होता है. रोज रात सोने से पहले यह उपाय करें.

लहसुन

पहले एक या दो फाके कच्चे लहसुन के खाएं और फिर एक गिलास पानी पिएं. रोज रात को सोने से पहले यह करें. लहसुन नाक में जमा बलगम कम करता है. साथ ही श्वसन प्रणाली की सूजन भी कम करने में मदद करता है. साइनस के कारण आने वाले खर्राटों को कम करने के लिए लहसुन का उपाय सर्वश्रेष्ठ है.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, खांसी के प्रकार, लक्षण, कारण, बचाव, इलाज और दवा पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।



Source link

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here