CBI CFSL team conduct psychological autopsy in Sushant Singh Rajput death case : This will be only the third time this investigation method is used, the other two were in the Sunanda Pushkar case and the 2018 Burari mass-suicide case. | सीबीआई अब करेगी ‘साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी’, आखिरी समय में अभिनेता की मानसिक स्थिति को जानने में मिलेगी मदद

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38 मिनट पहले

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सुशांत सिंह राजपूत की मौत 14 जून को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में हुई थी। उनका शव उनके कमरे में फंदे पर लटका मिला था। मुंबई पुलिस ने इसे सुसाइड बताया था।

  • सुनंदा पुष्कर और बुराड़ी परिवार सुसाइड केस में भी हुई थी ये जांच
  • जांच के जरिए व्यक्ति के दिमाग को पढ़ने की कोशिश की जाती है

सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम अब उनकी साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी भी करेगी। ये काम एजेंसी की CFSL (सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्री) टीम द्वारा किया जाएगा। इसके तहत अभिनेता की सभी सोशल मीडिया पोस्ट्स की स्टडी करते हुए आखिरी समय में उनके दिमाग और उनके मनोभावों को पढ़ने की कोशिश की जाएगी।

इस तरह की ऑटोप्सी के दौरान जांच टीम उनकी सोशल मीडिया एक्टिविटीज के अलावा उनकी डायरी में लिखे गए नोट्स की स्टडी करेगी। इस दौरान उनके द्वारा फेसबुक और इंस्टाग्राम पर की गई पोस्ट्स से लेकर उनकी वॉट्सएप चैट्स और परिवार, दोस्तों और अन्य लोगों के साथ की गई उनकी बातचीत भी शामिल है। इसके जरिए उनके जीवन के हर पहलू का बेहद बारीकी के साथ विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।

मानसिक स्थिति का समग्र चित्र बनाया जाएगा

साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी के दौरान सीबीआई अभिनेता के मूड में होने वाले बदलावों, व्यवहार के पैटर्न और यहां तक कि व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी बातें भी जानने की कोशिश करेगी। इन सब कामों के जरिए आखिरी समय में उनकी मानसिक स्थिति का एक समग्र चित्र बनाने की कोशिश की जाएगी।

महत्वपूर्ण साबित हो सकती है ये ऑटोप्सी

विशेषज्ञों का मानना है कि सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में सच्चाई को सामने लाने में इस तरह की साइकलॉजिकल ऑटोप्सी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। उनके मुताबिक एक तरह से ये अभिनेता के दिमाग का पोस्टमार्टम करना होगा।

इन बड़े मामलों में भी हुई थी साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी

ये तीसरा मौका है, जब किसी हाईप्रोफाइल केस में CFSL टीम इस तरह की जटिल जांच प्रक्रिया को अपनाते हुए जांच करेगी। इससे पहले सुनंदा पुष्कर और बुराड़ी परिवार आत्महत्या मामले में भी इस तरह की जांच की गई थी।

19 अगस्त को मिली थी सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी

इससे पहले 19 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को इस मामले की जांच जारी रखने की अनुमति दी थी। जिसके बाद एजेंसी ने एक स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम बनाकर मामले की जांच शुरू कर दी थी। 21 अगस्त को मुंबई पहुंचने के बाद से ही टीम इस मामले में बेहद तेजी से जांच कर रही है।

तेजी से जांच कर रही सीबीआई

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में मंगलवार को सीबीआई जांच का पांचवां दिन है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में अबतक सिद्धार्थ पिठानी, नीरज सिंह, रजत मेवाती, केश्व बचनेर, दीपेश सावंत और संदीप श्रीधर को पूछताछ के लिए बुलाया है। जल्द ही सीबीआई सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती, भाई शोविक, मां संध्या और उनके पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती से भी पूछताछ कर सकती है।

14 जून को घर में पिठानी के अलावा तीन और लोग मौजूद थे

14 जून को सुशांत का शव बांद्रा के जिस फ्लैट में लटका मिला था, उसमें उस वक्त चार लोग थे। सिद्धार्थ पिठानी (सुशांत के फ्लैट-मेट), दीपेश सावंत (सुशांत के दोस्त), नीरज सिंह (हाउस कीपर) और केशव (कुक)। नीरज ने एक बातचीत में सुशांत की मौत से पहले की कहानी सुनाई थी।उसने बताया था कि सुशांत ने सुबह नाश्ता किया था। लेकिन जब 10:00-10:30 बजे स्टाफ उनसे यह पूछने गया कि लंच में क्या बनाना है तो उन्होंने दरवाजा नहीं खोला।

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