In the midst of the Prayagraj Corona crisis, flood waters entered the Kachari areas; Water level rising at 3 cm per hour, people started packing | कोरोना महामारी के बीच कछारी इलाकों में बाढ़ का पानी घुसा; 3 सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर, सामान समेटने लगे लोग

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प्रयागराज14 मिनट पहले

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गंगा का जलस्तर बढ़ने से प्रयागराज में गंगा घाट भी डूब गए हैं। जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही जिसकी वजह से आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

  • बीते 24 घण्टे में 28 सेमी जलस्तर बढ़ने से कछारी इलाकों से लोग सामान समेटने लगे हैं
  • उत्तराखंड, राजस्थान समेत यूपी के कई इलाकों वर्षा की वजह से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है

कोरोना संक्रमण में पूरे प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुंच चुकी संगम नगरी के कछारी इलाकों में अब बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। यहां बड़ी तेजी से बढ़ रहे गंगा-यमुना के जलस्तर से नई मुसीबत की आहट मिलने लगी है। सोमवार को 3 सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से इन दोनों नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने से कछारी क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है। इस दिन हरिद्वार,नरोरा और कानपुर बांधों से गंगा में 5.50 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से बाढ़ग्रस्त इलाकों में जल्द पानी घुसने की आशंका बनी हुई है।

मंगलवार को सुबह बक्शी बांध के नीचे गंगा आरती स्थल तक गंगा का पानी पहुंच गया। अब आरती स्थल बदलने की नौबत आ गई है। उधर,यमुना में केन,बेतवा और चिल्ला से लगातार पानी आने की वजह से बीते 24 घण्टे में 28 सेमी जलस्तर बढ़ने से कछारी इलाकों बसे लोग सामान समेटने लगे हैं।

घाट के पास से तीर्थ पुरोहित व गरीबों का कुनबा समेटने लगा सामान
लगातार जल दबाव बढ़ने से अस्थाई रूप से टेंट और झोपड़ियां बनाकर रहने वालों की परेशानी बढ़ गई है। हनुमान मन्दिर समेत काली मार्ग और नाग वासुकी के आसपास रहने वाले सैकड़ों गरीब परिवारों ने ठिकाना बदलना शुरू कर दिया है। तीर्थ पुरोहितों और तट पर पूजा-प्रसाद का कारोबार करने वाले दर्जनों लोगों ने चौकियां हटा ली है। पहाड़ों व मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश की वजह से गंगा-यमुना के प्रवाह में तेजी आई है। उत्तराखंड, राजस्थान समेत यूपी के कई इलाकों वर्षा की वजह से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं बांधों से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।

आसपास के इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी।

आसपास के इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी।

हरिद्वार, नरोरा और कानपुर से छोड़ा गया पानी बना मुसीबत
सोमवार को हरिद्वार से 94,956 हजार क्यूसेक, नरोरा से 1.96 लाख, 217 क्यूसेक और कानपुर से 2.86 लाख, 133 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम के अनुसार मंगलवार सुबह फाफामऊ में गंगा का जलस्तर फाफामऊ 80.45 मीटर, छतनाग में 78.23 मीटर रिकार्ड किया गया। नैनी में यमुना 78.80 मीटर पर बह रही है।

24 घंटे के भीतर नैनी, छतनाग में करीब 47 और फाफामऊ में 20 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ा है। काली सड़क स्थित म‍ूर्ति विसर्जन स्थल, वीआइपी घाट के साथ ही रामघाट के पास स्थित बड़ा नाला डूब गया। छोटा संगम और पीछे खिसक आया है, जिससे अब हनुमान घाट पर स्नान शुरू हो गया है।

उधर बलुआघाट स्थित बारादरी की पांच और सीढिय़ों पर यमुना का पानी चढ़ गया है। बारादरी के पास का गुबंद भी आधा डूब चुका है। गंगा के जलस्तर में दो मीटर और बढ़ोतरी होने पर बंधवा स्थित बड़े हनुमान मंदिर में पानी प्रवेश कर जाएगा और हनुमान जी स्नान करेंगे। जल पुलिस के मुताबिक गंगा का जलस्तर 81.40 मीटर होने पर मंदिर में पानी प्रवेश करेगा।

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