वजन कम करने के दौरान लेंगे ये पोषक आहार तो नहीं पड़ेगे बीमारी | health – News in Hindi

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वजन कम (Weight Lose) करने की इच्छा हर कोई रख सकता है, लेकिन अगर इस लक्ष्य को पाने के लिए किसी डाइट (Diet) या आहार को अपना रहे है. वजन (Weight) कम करने के दौरान लोग जो नई डाइट अपनाते हैं. कई बार इस बात को समझ नहीं पाते हैं कि यहां स्थिरता यानी लंबे समय तक इसका पालन करना महत्वपूर्ण है. जरूरी है कि ऐसा आहार (Diet) अपनाया जाए जो कि प्राकृतिक रूप से लंबे समय तक चल सकने वाला हो और साथ ही सभी जरूरी पोषक तत्व (Nutrients) भी शामिल हों, जो कि शरीर के लिए जरूरी हों. यहां जानिए ऐसे आहार के बारे में जो कि लंबे समय तक देने वाले पोषण, बीमारी की रोकथाम और वजन प्रबंधन का सही मेल हैं.

पौधे आधारित आहार
पौधे आधारित आहार में वे खाद्य पदार्थ होते हैं, जिनके स्रोत पौधे होते हैं. अधिकांश पौधे आधारित आहार फलों और सब्जियों से भरपूर होते हैं. विटामिन से लेकर फाइबर तक, सभी आवश्यक पोषक तत्व प्रदान कर सकते हैं. यह हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं और वजन घटाने में मदद करते हैं. अधिकांश पौधे आधारित स्रोत फाइबर में उच्च होते हैं जो अधिक समय तक पेट को भरा हुआ रख सकते हैं और इसके कारण कम कैलोरी का सेवन करते हैं. ये आहार टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को कम करते हैं. साथ ही रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं.

कम कार्ब वाले आहारकम कार्ब आहार का मतलब है कार्बोहाइड्रेट के सेवन को सीमित करना और उच्च प्रोटीन तथा वसा के खाद्य पदार्थों पर जोर देना. वजन कम करने के लिए आमतौर पर कम कार्ब आहार का उपयोग किया जाता है. कुछ कम कार्ब आहारों में वजन घटाने से अलावा कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं, जैसे कि टाइप 2 मधुमेह और मेटाबॉलिक सिंड्रोम से जुड़े जोखिम कारकों को कम करना. क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट एंड सर्टिफाइड डायबिटीज एजुकेटर आकांक्षा मिश्रा कहती हैं कि कम कार्ब आहार शरीर में इंसुलिन के स्तर को कम कर सकता है और पीसीओएस और प्री-डायबिटीज (मधुमेह से पहले वाली स्थिति) में इंसुलिन प्रतिरोध को रिवर्स करने में मदद करता है और साथ ही यह वजन घटाने के लिए भी फायदेमंद है. लो कार्ब का मतलब यह नहीं कि आहार से कार्ब को पूरी तरह ही हटा दें.किसी भी पोषक तत्व, यहां तक कि कार्ब को भी लंबे समय तक अपने आहार से दूर रखना सही नहीं है, क्योंकि कार्ब्स तृत्ति से जुड़ा हुआ है.

मेडिटेरेनियन डाइट यानी भूमध्यसागरीय आहार
मेडिटेरेनियन डाइट खाने की एक शैली है जो भूमध्यसागरीय देशों के पारंपरिक आहारों पर आधारित है जैसे कि स्पेन, फ्रांस, इटली और ग्रीस. शोधकर्ताओं ने पाया है कि इन देशों में गंभीर बीमारियों की दर अन्य देशों जैसे अमेरिका और उत्तरी यूरोप से कम थी. अन्य लोकप्रिय आहारों के विपरीत, मेडिटेरेनियन डाइट कैलोरी की गिनती करने या मैक्रोन्यूट्रीयेंट्स को ट्रैक करने की बजाए निश्चित खाद्य पदार्थों और खाद्य पदार्थों के समूह पर ध्यान केंद्रित करता है. इस डाइट में कई चीजें आती हैं जिनका सेवन किया जाता है जैसे समुद्री भोजन, ताजी सब्जियां और फल, साबुत अनाज, नट्स और बीज.

डैश डाइट
मेडिटेरेनियन डाइट की तरह, डैश डाइट प्लान भी विशेष रूप से वजन घटाने वाला आहार नहीं है. myUpchar से जुड़ीं डॉ. मेधावी अग्रवाल का कहना है कि यह उच्च रक्तचाप होने से रोकने या इसके इलाज में मदद करने के लिए अपनाया जाता है. इस आहार में फल, सब्जियां, नट्स, कम फैट वाले डेयरी पदार्थ, मछली, मीट, बीन्स आदि का सेवन किया जाता है. 2018 में लिवर इंटरनेशनल के एक अध्ययन में पाया गया कि कम से कम आठ सप्ताह तक डैश आहार का सेवन करने से वजन कम हो सकता है और ट्राइग्लिसराइड्स, सूजन आदि में कमी हो सकती है. हालांकि, यदि व्यक्ति निम्न रक्तचाप से ग्रस्त हैं, तो नमक का अत्यधिक कम सेवन नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.

इंटरमिटेंट फास्टिंग
इंटरमिटेंट फास्टिंग (यानी बीच-बीच में उपवास) में यह नहीं बताया जाता है कि क्या खाना है बल्कि कब और कैसे खाना है इस बात पर ध्यान केंद्रित किया जाता है. इस आहार में खाने और उपवास की अवधि के बीच उतार-चढ़ाव करते हैं. आठ घंटे के दौरान भोजन करना और दिन के अन्य 16 घंटों के लिए उपवास जैसी आहार योजना बनाई जाती है. न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसीन में 2020 की शुरुआत में एक अध्ययन में पाया गया कि इंटरमिटेंट फास्टिंग के जरिए मेटाबॉलिज्म स्विचिंग वजन कम करने और लंबे समय में अन्य बीमारियों को रोकने में मदद कर सकता है.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, वजन कम करने के तमाम उपायों के बारे में यहां जानें पढ़ें।

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