Lockdown effect on cinemas and box office | मार्च से अगस्त तक अटक गई 70 फिल्में, 2020 में जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई अगले तीन साल में भी मुमकिन नहीं

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19 मिनट पहलेलेखक: गगन गुर्जर

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  • 40 सालों से डिस्ट्रीब्यूशन में सक्रिय राज बंसल कहते हैं कि सिनेमाघर खुले तो पहले पुरानी फिल्में रिलीज की जाएंगी
  • 2019 अब तक का सबसे अच्छा साल रहा, 2020 में जो घाटा हुआ, उसकी भरपाई अगले दो-तीन साल तक मुश्किल

कोरोनावायरस और लॉकडाउन के चलते इस साल फिल्म इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित हुई है। 6 महीने से सिनेमाघर बंद हैं। इसके चलते लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। तालाबंदी के कारण सिनेमाघरों के स्टाफ के साथ-साथ फिल्म वितरकों का भी बुरा हाल है। अब चर्चा है कि सितंबर से सिनेमा घर खुल सकते हैं तो हमने ट्रेड विश्लेषक, मल्टीप्लेक्स मालिक और 40 सालों से डिस्ट्रीब्यूशन में सक्रिय राज बंसल से बात की और सिनेमाघरों और फिल्मों का बीते 6 महीनों का हिसाब-किताब समझने के साथ-साथ आने वाले महीनों के बारे में भी जानने की कोशिश की। उन्होंने जो बताया, पेश है उन्हीं की ज़ुबानी:-

इन 6 महीनों लगभग 80 फिल्में रिलीज होतीं

अगर हर सप्ताह दो हिंदी फिल्मों का एवरेज भी मानकर चलें तो इन छह महीनों में 40 से 50 फिल्में रिलीज होतीं। इनमें अगर अंग्रेजी, तमिल-तेलुगू और अन्य भाषाओं के हिंदी वर्जन को भी शामिल कर लिया जाए तो यह आंकड़ा 70 से 80 तक पहुंचता है। इसके चलते कम से कम 1500 करोड़ का नुकसान इन 6 महीनों में हो चुका है।

सिनेमाघर खुले तो पुरानी फिल्में पहले लगेंगी

ऐसी चर्चा है कि अनलॉक-4 के तहत सिनेमाघरों को खोलने की इजाजत दी जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो बिल्कुल शुरुआत में पुरानी (पिछले कुछ सालों की) ब्लॉकबस्टर और मार्च 2020 तक आईं फिल्में रिलीज की जाएंगी ताकि दर्शकों का मूड देखा जा सके। क्योंकि, नई फिल्मों पर कोई एकदम से रिस्क नहीं लेगा। हफ्ते-दो हफ्ते बाद छोटी फिल्मों के साथ नई मूवीज को लाया जाएगा। इसके बाद दो बड़ी फिल्में ‘सूर्यवंशी’ और ’83’ दिवाली और क्रिसमस पर रिलीज होंगी।

नुकसान से बचने के लिए कई फिल्ममेकर्स अपनी फिल्में डिजिटली रिलीज कर रहे हैं। 'गुलाबो सिताबो', 'दिल बेचारा', 'शकुंतला देवी' और 'गुंजन सक्सेना : द कारगिल गर्ल' जैसी फिल्में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो चुकी हैं। 'भुज : प्राइड ऑफ इंडिया', 'लक्ष्मी बॉम्ब', 'सड़क 2', 'लूडो', 'डॉली किटी और वो चमकते सितारे', 'क्लास ऑफ 83', 'द बिग बुल', 'तोरबाज' और 'खाली पीली' जैसी 18 अन्य फिल्में भी सीधे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर ही रिलीज की जाएंगी।

नुकसान से बचने के लिए कई फिल्ममेकर्स अपनी फिल्में डिजिटली रिलीज कर रहे हैं। ‘गुलाबो सिताबो’, ‘दिल बेचारा’, ‘शकुंतला देवी’ और ‘गुंजन सक्सेना : द कारगिल गर्ल’ जैसी फिल्में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो चुकी हैं। ‘भुज : प्राइड ऑफ इंडिया’, ‘लक्ष्मी बॉम्ब’, ‘सड़क 2’, ‘लूडो’, ‘डॉली किटी और वो चमकते सितारे’, ‘क्लास ऑफ 83’, ‘द बिग बुल’, ‘तोरबाज’ और ‘खाली पीली’ जैसी 18 अन्य फिल्में भी सीधे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर ही रिलीज की जाएंगी।

फिल्मों की शूटिंग हो चुकी हैं शुरू

मार्च में लॉकडाउन लगने से पहले तक कई फिल्मों की शूटिंग चल रही थी, जो पांच-छह महीने तक रुकी रही। लेकिन, अब वे फिल्में फिर फ्लोर पर आने लगी हैं। आमिर खान ‘लाल सिंह चड्ढा’ के शूट के लिए तुर्की पहुंच चुके हैं। अक्षय कुमार ने यूके में ‘बेल बॉटम’ की शूटिंग शुरू कर दी है। मिलाप जावेरी ‘सत्यमेव जयते-2’ की शूटिंग के लिए लोकेशन देखने लखनऊ पहुंचे हैं। जयपुर, बनारस में भी फिल्मों की शूटिंग की जा रही है। लॉकडाउन के चलते कोई फिल्म बंद नहीं हुई है। जिन फिल्मों का ऐलान हुआ है, वो बनेंगी। बड़े स्टार्स की फिल्मों का शेड्यूल डेट्स की वजह से दो-तीन महीने आगे पीछे हो सकता है। लेकिन सभी फिल्में निश्चित-तौर पर बनेंगी।

तुर्की गए आमिर खान ने 15 अगस्त को वहां के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन की पत्नी अमीन से मुलाकात की थी, जिसके बाद वे विवादों में घिर गए थे। सोशल मीडिया यूजर्स आमिर को एंटी-नेशनल बता रहे थे और राजनेता भी उन्हें लेकर आपस में उलझ रहे थे। अर्दोआन अक्सर भारत विरोधी बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। जब भी भारत और पाकिस्तान के मामलों का जिक्र होता है, वे पाकिस्तान के साथ खड़े नजर आते हैं।

तुर्की गए आमिर खान ने 15 अगस्त को वहां के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन की पत्नी अमीन से मुलाकात की थी, जिसके बाद वे विवादों में घिर गए थे। सोशल मीडिया यूजर्स आमिर को एंटी-नेशनल बता रहे थे और राजनेता भी उन्हें लेकर आपस में उलझ रहे थे। अर्दोआन अक्सर भारत विरोधी बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। जब भी भारत और पाकिस्तान के मामलों का जिक्र होता है, वे पाकिस्तान के साथ खड़े नजर आते हैं।

इस साल की ज्यादातर फिल्में अगले साल आएंगी

इस साल की ज्यादातर फिल्में सिनेमाघरों में अगले साल ही आ पाएंगी। मार्च से अब तक की बात करें तो कुछ फिल्मों को ओटीटी पर रिलीज कर दिया गया तो कुछ की रिलीज डेट आगे बढ़ गई है। आमिर खान की ‘लाल सिंह चड्ढा’ अगले साल क्रिसमस पर आएगी। अगर इस साल सूटेबल डेट नहीं मिलती है तो वरुण धवन और सारा अली खान स्टारर ‘कुली नं.1’ भी अगले साल ही आ पाएगी। हालांकि, बीच में चर्चा थी कि यह फिल्म ओटीटी पर आ सकती है। लेकिन मेकर्स ने इसका खंडन किया है। वे थिएटर खुलने का इंतजार कर रहे हैं। अमिताभ बच्चन, रणबीर कपूर और आलिया भट्ट स्टारर ‘ब्रह्मास्त्र’ अगले साल आएगी। अक्षय कुमार स्टारर ‘पृथ्वीराज’ की शूटिंग आधी हो चुकी है। फिल्म दिवाली पर आनी थी। लेकिन अब यह अगले साल ही पर्दे पर आ पाएगी। सलमान खान स्टारर ‘राधे’ भी 2021 में रिलीज होगी।

2020 की भरपाई आसान नहीं

2019 हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लिए अब तक का सबसे बेहतरीन साल रहा। इस साल करीब 250 फिल्में रिलीज हुई थीं और सभी ने लगभग 5600 करोड़ रुपए का कारोबार किया था। इतना ही नहीं, बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाई करने वाली सबसे ज्यादा 19 फिल्में भी 2019 में ही आईं।

2020 की बात करें तो यह साल अभी तक लगभग 800 करोड़ के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर खड़ा है, जो कि मार्च के दूसरे सप्ताह तक आया। इसके बाद लॉकडाउन लग गया। अब साल के महज चार महीने बचे हैं और सिर्फ दो बड़ी फिल्मों की रिलीज की चर्चा है। ऐसे में बॉक्स ऑफिस को बहुत बड़ा नुकसान होना तय है। राज बंसल कहते हैं कि इस नुकसान की भरपाई आने वाले दो-तीन साल तक नहीं हो सकती।

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