महाड हादसे के पीड़ित दो बच्चों के संरक्षक बने एकनाथ शिंदे

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हाइलाइट्स:

  • मंत्री एकनाथ शिंदे ने संभाली महाड इमारत हादसे में दो बच्चों की जिम्मेदारी
  • हादसे में अपने परिवार को खो चुके हैं दोनों बच्चे
  • 18 घंटे बाद एनडीआरएफ ने चार साल के अहमद को सुरक्षित बाहर निकाला था
  • इस दुर्घटना में 16 लोगों के मारे जाने की खबर
  • 36 घंटे से भी ज्यादा देर तक चला था राहत एवं बचाव कार्य

मुंबई
महाड इमारत हादसे में अपने परिवार को खो चुके दो चार साल के बच्चों की जिम्मेदारी महाराष्ट्र के नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने स्वीकार की है। शिंदे अब इन बच्चों की सारी जिम्मेदारी निभाएंगे। मोहम्मद बांगी और अहमद शेखनाग इन बच्चों के नाम हैं। शिंदे ने बताया कि स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे ने हमेशा उन्हें ऐसे ही काम करने की शिक्षा दी है। जिसका पालन वह कर रहे हैं।

अहमद शेखनाग हादसे के पहले बाहर आ गया था
जिस वक्त यह इमारत हादसा हुआ कुछ देर पहले ही अहमद शेख नाग बिल्डिंग के बाहर आया था। लेकिन उसका पूरा परिवार इतना खुश नसीब नहीं था और वह दुर्घटना के शिकार हो गए। इस दुर्घटना में अहमद ने अपने मां-बाप को खो दिया है। दूसरी तरफ मोहम्मद बांगी यह चार साल का छोटा सा बच्चा भी अपनी मां और भाई को दुर्घटना में गवां चुका है। 18 घंटे के अथक प्रयास के बाद बचाव दल ने अहमद को सुरक्षित मलबे से बाहर निकाला था। दुर्भाग्य से इन दोनों बच्चों के सर से माता पिता का साया हटने के बाद एकनाथ शिंदे ने अब उनके मां बाप बनने का फैसला किया है।

बच्चों के नाम दस लाख एफडी
एकनाथ शिंदे ने बताया कि दुर्घटना में अपने परिवार को खो चुके इन दोनों बच्चों के नाम दस-दस लाख की एफडी की जाएगी। बच्चों की पूरे पढ़ाई का खर्च सांसद श्रीकांत शिंदे फाउंडेशन की तरफ से वहन किया जाएगा। 80 प्रतिशत समाज सेवा और 20 प्रतिशत राजनीति यही शिवसेना का मूल मंत्र है। माननीय उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना अभी भी उसी सिद्धांत का पूरी शिद्दत से पालन कर रही है हम सामाजिक जिम्मेदारी की भावना से इन बच्चों के संरक्षक की जिम्मेदारी को स्वीकार कर रहे हैं।

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क्या है मामला
बीते 24 अगस्त को शाम के वक्त महाड शहर में एक पांच मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई थी। जिसमें तकरीबन 40 से 45 फ्लैट थे। इस दुर्घटना में अबतक 16 निर्दोष लोगों के मौत की खबर है। इस हादसे में फंसे लोगों को निकालने के लिए शुरुआत में स्थानीय दमकल विभाग ने मोर्चा संभाला था। उसके बाद एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर दमकल विभाग के साथ इस राहत एवं बचाव कार्य को पूरा किया।

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