बांदाः 7 बीघा जमीन लेकर साहूकार ने रुपए नहीं दिए तो किसान ने की खुदकुशी, घर से मिली लाश | banda – News in Hindi

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सिंह ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है. (सांकेतिक फोटो)

यूपी के बांदा (Banda) में पिछले 3 दिनों के भीतर दो प्रवासी मजदूरों और एक किसान ने आत्महत्या (Suicide) की. COVID-19 के बाद घर लौटे प्रवासी मजदूरों (Migrant Laborers) और किसान की मौत के पीछे के कारणों की पुलिस कर रही है जांच.

बांदा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बांदा जिले (Banda) के चिल्ला थाना स्थित पलरा गांव में शुक्रवार को एक किसान ने घर में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली है. पुलिस ने यह जानकारी दी है. चिल्ला थाने के प्रभारी निरीक्षक रामाश्रय सिंह ने शनिवार को बताया कि किसान की कथित खुदकुशी के पीछे जमीन गिरवी रखने के बाद भी पैसे न मिलने का मामला बताया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पलरा गांव में किसान कुलदीप सिंह (35) का शव शुक्रवार को उसके घर के भीतर रस्सी के सहारे फांसी के फंदे से लटका हुआ बरामद किया गया है.

प्रभारी निरीक्षक ने किसान के परिजनों के हवाले से बताया कि कुलदीप ने अपनी 7 बीघा जमीन गिरवी रखी थी. उसने जिस साहूकार के हाथों जमीन गिरवी रखी थी, उसने बदले में कुलदीप को रुपए नहीं दिए.  संभवतः इसी से परेशान होकर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या की है. सिंह ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है.

3 दिनों में तीन लोगों ने की खुदकुशी
आपको बता दें कि इससे पहले पिछले तीन दिनों के अंदर बांदा में तीन लोगों के फांसी लगाकर आत्महत्या करने की खबरें आई हैं. बीते गुरुवार को खबर सामने आई थी कि बांदा जिले में बुधवार को अलग-अलग कारणों से दो प्रवासी मजदूरों ने फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली. पहली घटना बिसंडा थाना क्षेत्र (Bisanda Police Station) की थी. प्रभारी निरीक्षक अखिलेश मिश्रा ने बताया कि क्षेत्र के अलिहा गांव में छोटकू (33) ने अपने मकान के पिछले हिस्से के कमरे में पंखे की हुक से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.  उन्होंने बताया कि परिजनों की सूचना पर पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमॉर्टम करवाया है.छोटकू हरियाणा में ईंट पथाई का काम किया करता था
एसएचओ ने बताया कि छोटकू हरियाणा में ईंट पथाई का काम किया करता था. लॉकडाउन घोषित होने के बाद वह परिवार के साथ घर लौटा था. वहीं, दूसरी घटना चिल्ला थाना क्षेत्र की था. प्रभारी निरीक्षक रामाश्रय सिंह ने बताया कि डिघवट गांव के रामबाबू (40) ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. सिंह ने उसकी पत्नी दया के हवाले से बताया कि भोजन में सब्जी न बनने पर मामूली विवाद हुआ था, इसके बाद रामबाबू ने बंद कमरे में फांसी लगा ली. एसएचओ ने बताया कि रामबाबू दिल्ली में दिहाड़ी मजदूर था, कोरोना महामारी के दौरान अपने घर लौटा था.



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