Amidst the devastation of the flood, people are destroying the shelters with their own hands; Condition worse in Barabanki and Balrampur | बाढ़ के कहर के बीच अपने ही हाथों से आशियाने उजाड़ रहे हैं लोग; बाराबंकी और बलरामपुर में हालत ज्यादा खराब

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लखनऊएक घंटा पहले

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यह तस्वीर बाराबंकी जिले के तहसील सिरौली के तिलवारी और सुनावा गांव का है। यहां लोग बाढ़ की वजह से अपने आशियाने छोड़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

  • बाराबंकी में सरयू नदी की बाढ़ की कटान रोकने के लिए सरकार हर वर्ष करोड़ों रुपए का बजट खर्च करती है
  • बलरामपुर में भी बाढ़ से लोगों की हालत काफी खराब है, लोगों के सामने खाने पीने का संकट पैदा हो गया है

उत्तर प्रदेश के लगभग एक दर्जन जिले बाढ़ से प्रभावित हैं जबकि इनमें से आधा दर्जन जिलों में बाढ़ की वजह से से हालात ज्यादा खराब हैं। बाराबंकी, बलरामपुर, गोंडा और बहराइच में बाढ़ का संकट फैसला हुआ है। बाढ़ की वजह से लोग अपने हाथों से बनाए आशियाने को भी तोड़कर पलायन के लिए मजबूर हो रहे हैं। बाराबंकी में सरयू नदी की बाढ़ की कटान रोकने के लिए सरकार हर वर्ष करोड़ों रुपए का बजट खर्च करती है जिससे ग्रामीणों को बाढ़ और उसकी कटान से बचाया जा सके मगर हर वर्ष सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ जाती है।

इस साल भी सरकार ने बाढ़ और नदी से होने वाली कटान के समाधान के लिए करोड़ो का बजट दिया है मगर परिणाम हर साल की तरह फिर वही ढाक के तीन पात रहा। बाढ़ ग्रस्त गांवों में आज से नदी ने अपनी कटान शुरू कर दी है तो ग्रामीणों ने घर को नदी में समा जाने के डर से अपना आशियाना खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया है जिससे उसमें लगी ईंट का उपयोग बाद में किया जा सके।

बाराबंकी जिले में अपना घर छोड़कर जाता परिवार।

बाराबंकी जिले में अपना घर छोड़कर जाता परिवार।

बाराबंकी में बाढ की वजह से जनजीवन प्रभावित
बाराबंकी में सरयू नही की बाढ़ की कटान रोकने के लिए सरकार हर वर्ष करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं। इस साल भी सरकार ने बाढ़ और नदी से होने वाली कटान के समाधान के लिए करोड़ो का बजट दिया है मगर परिणाम हर साल की तरह फिर वही ढाक के तीन पात रहा । बाढ़ ग्रस्त गांवों में आज से नदी ने अपनी कटान शुरू कर दी है तो ग्रामीणों ने घर को नदी में समा जाने के डर से अपना आशियाना खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया है जिससे उसमें लगी ईंट का उपयोग बाद में किया जा सके ।

बाराबंकी जिले में बाढ़ की वजह से ऊंचाई वाली जगहों पर लोग शरण लिए हुए हैं।

बाराबंकी जिले में बाढ़ की वजह से ऊंचाई वाली जगहों पर लोग शरण लिए हुए हैं।

बाराबंकी जिले में हो रही कटान का एक दृश्य।

बाराबंकी जिले में हो रही कटान का एक दृश्य।

बलरामपुर में राप्ती नदी खतरे के निशान से नीचे फिर जिले के कई इलाकों में हो रही कटान

यूपी के बलरामपुर में अभी बाढ़ ने दस्तक नहीं दी राप्ती नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। यहां बाढ़ पहाड़ी नालो के पानी व नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी से आती है। इस वक्त राप्ती नदी तटवर्ती इलाको में करीब 35 स्थानों पर कटान कर रही है।

जिले के उतरौला तहसील के तहत आने वाला चंदापुर बांध में धीरे-धीरे कटान शुरू हो गई है। हालांकि अधिकारियों ने किसी तरह नदी की धारा को मोड़ने का प्रयास किया है जिससे चंदापुर बांध के पास बसे करीब आधा दर्जन गांव को बचाया जा सके। चंदापुर बांध के पास कोडरवा, लाराम, केरावगढ़, खमहरिया व अलादाद नगर सहित तमाम गांव स्थित हैं।

बलरामपुर में बाढ़ की कटान देखकर चिंतित लोग।

बलरामपुर में बाढ़ की कटान देखकर चिंतित लोग।

उतरौला क्षेत्र के ग्राम गोनकोट व परसौना में तेजी से काटन कर रही है। ग्रामीणों का कहना हैं कि 15 दिन के अंदर लगभग 200 मीटर नदी जमीन कटान करके सड़क के किनारे पहुंच गई है। प्रशासन के द्वारा कुछ दिन पहले फ्लैट फाइटिंग फट्टीयां लगाई गई थी, लेकिन अब वह भी नदी के अंदर समाता जा रहा है। कटान इतनी तेज है कि एक ही दिन में कई सौ मीटर नदी कटान कर रही है। वह सड़क से 6 से 7 मीटर ही दूर रह गई है नदी का जलस्तर इस समय ऊपर है इसलिए नदी कटान नहीं कर रही है जैसे ही यह जलस्तर नीचे आएगा नदी दोबारा कटान शुरू कर देगी।

बलरामपुर जिले में बाढ की वजह से तेजी से कटान हो रही है। इसे लिए बालू की बोरियों का इंतजाम किया गया है।

बलरामपुर जिले में बाढ की वजह से तेजी से कटान हो रही है। इसे लिए बालू की बोरियों का इंतजाम किया गया है।

जिले के सदर तहसील के तहत आने वाले कल्याणपुर के ग्रामीणों का हाल बेहाल है। यहां पर अब तक तकरीबन 45 घर कट चुके हैं और सौ हेक्टेयर से ज्यादा खेत राप्ती नदी में समाहित हो चुके हैं। कल्याणपुर गांव इस समय टापू बना हुआ है। यहां पर जाने के लिए केवल एक मात्र रास्ता है। वह भी पैदल और नाव के जरिए आपको तय करना पड़ता है।

बलरामपुर में बाढ़ प्रभावित इलाके में लोग अपने आशियाने को उजाड़ना शुरू कर दिया है।

बलरामपुर में बाढ़ प्रभावित इलाके में लोग अपने आशियाने को उजाड़ना शुरू कर दिया है।

बलरामपुर जिल में लोग अपना आशियाना छोड़ सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं।

बलरामपुर जिल में लोग अपना आशियाना छोड़ सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं।

बलरामपुर में बाढ़ की वजह से प्रभावित इलाकों में लोगों को अपनी जरुरतों को पूरा करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

बलरामपुर में बाढ़ की वजह से प्रभावित इलाकों में लोगों को अपनी जरुरतों को पूरा करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

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