वन्यप्रेमियों की हुई जीत अब नहीं बनेगा आरे में मेट्रो कारशेड

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हाइलाइट्स:

  • उद्धव सरकार का फैसला, आरे के जंगलों में अब नहीं बनेगा मेट्रो कारशेड
  • तत्कालीन भाजपा सरकार ने आरे के जंगलों में 2000 पेड़ो को काटकर मेट्रो कारशेड बनाने का काम शुरू किया था
  • कारशेड की जगह अब वहां पर अब वाइल्ड लाइफ रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर या वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक लैब बनाई जाएगी
  • अब राज्य में ही होगी जानवरों के अवशेषों की जांच पहले भेजना पड़ता था हैदराबाद

मुंबई
मुंबई में आरे के जंगलों के बीच देवेंद्र फडणवीस सरकार ने मेट्रो कार शेड बनाने का फैसला किया था। वहां काम भी शुरू हो चुका था। फडणवीस सरकार के दौरान रातों-रात हजारों की तादात में पेड़ों की बलि भी दे दी गई थी। उस समय वन्य प्रेमियों ने पेड़ों से चिपक कर आंदोलन किया था और यह आंदोलन कई दिनों तक चला था। बाद में यह मामला अदालत में भी गया, लेकिन तब तक तत्कालीन फडणवीस सरकार अपना काम कर चुकी थी। महाराष्ट्र की मौजूदा उद्धव ठाकरे सरकार ने अब यहां पर मेट्रो कार शेड न बनाने का फैसला किया है। इस जगह पर अब सरकार वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक लैब या फिर वाइल्ड लाइफ रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर बनाने का फैसला किया है। सरकार ने इस बाबत प्रस्ताव तैयार कर भेजने के लिए कहा है। मेट्रो कार शेड बनाने के लिए यहां पर दो हजार पेड़ों को तत्कालीन सरकार ने काट दिया था। कई सारे पेड़ ऐसे थे जो कई दशक पुराने थे।

अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मौजूदा कारशेड को शिफ्ट करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी कर तैयारियां पूरी करने के लिए कहा है। कारशेड को हटाने की दिशा में काम शुरू हो चुका है। विपक्ष अब यह सवाल भी उठाने लगा है कि उस क्षेत्र का क्या होगा? जहां पर इतने सारे पेड़ काटे गए हैं। इस बाबत मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने फैसला लेते हुए यह तय किया है कि पर्यावरण के लिहाज से इस विशेष जगह पर वन संबंधित काम ही किया जाना चाहिए।

पेड़ो की जगह प्रयोगशाला
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के अनुसार जिस जगह पर पेड़ों को काटा गया है। वहां पर अब वाइल्ड लाइफ रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर या वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक लैब बनाई जाएगी। जिससे अक्सर बाघों की तस्करी या फिर उनकी जहर देकर हत्या करने पर जब उनके अवशेष बरामद होते हैं। तो उन्हें जांच के लिए हैदराबाद भेजना पड़ता है। यह लैब बन जाने के बाद इस जांच को यहीं पर पूरा किया जाएगा। साथ ही बाघों की तस्करी और अन्य जीव-जंतुओं की तस्करी पर रोक लगाई जा सकेगी।

आधुनिक पशु चिकित्सालय भी एक विकल्प
आरे के जंगलों के बीच इस जगह पर राज्य सरकार आधुनिक पशु चिकित्सालय बनाने पर भी विचार कर रही है। इस बाबत भी संबंधित विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेजने के लिए कहा गया है। यह मेट्रो कार शेड भाजपा सरकार ने कोलाबा से बांद्रा होते हुए सिब्ज़ तक जाने वाली मेट्रो 3 के लिए तैयार करना शुरू किया था। इस जगह पर कारशेड का विरोध हज़ारों की तादात में पर्यावरणविदों ने किया था।

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