इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते उपयोग से खराब हो रही पुरुषों की स्पर्म क्वॉलिटी, जानें क्यों | health – News in Hindi

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पुरुष बांझपन (Infertility) की समस्या दुनियाभर में तेजी से बढ़ रही है. बांझपन की समस्या शुक्राणुओं (Sperm) के कम उत्पादन के कारण हो सकती है, शुक्राणु के असामान्य तरीके से कार्य करने के कारण या फिर उन रुकावटों के कारण भी जिनकी वजह से शुक्राणु की उचित डिलिवरी नहीं हो पाती. साल 2017 में एशियन जर्नल फार्मासूटिकल एंड क्लिनिकल रिसर्च में बताया गया कि सामान्य आबादी में इन्फर्टिलिटी यानी बांझपन की समस्या करीब 15-20 फीसद और पुरुष बांझपन इसमें 20-40 फीसद का योगदान देता है. इस अध्ययन के मुताबिक भारत में पुरुष बांझपन की समस्या का प्रसार करीब 23 फीसद है, जिसे निःसंदेह उच्च दर माना जा सकता है.

जीवनशैली से जुड़े कारक मेल इन्फर्टिलिटी के लिए जिम्मेदार
पुरुष बांझपन की इस उच्च दर के पीछे के कारणों को समझना और फिर उन अंतर्निहित कारणों का इलाज करना बेहद जरूरी है. अब तक के शोध के अनुसार, जीवनशैली और पर्यावरण से जुड़े कई कारक हैं जो पुरुष बांझपन के पीछे के मुख्य कारण हो सकते हैं. आप यह तो जानते ही होंगे कि धूम्रपान और शराब के सेवन जैसी आदतें पुरुष प्रजनन क्षमता को कैसे प्रभावित करती हैं. लेकिन अब हाल के अध्ययनों की मानें तो इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया उपकरणों का बढ़ता उपयोग भी पुरुष प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर रहा है.पुरुष प्रजनन क्षमता और रोशनी के बीच संबंध

स्लीप नाम के जर्नल में हाल में एक अध्ययन प्रकाशित हुआ, जिसके मुताबिक डिजिटल मीडिया उपकरणों के प्रकाश उत्सर्जक स्क्रीन के संपर्क में आने से पुरुषों की स्पर्म की क्वॉलिटी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. इस अध्ययन में 21 से 59 साल के बीच के 116 पुरुषों के सीमन सैंपल लिए गए जो प्रजनन मूल्यांकन से गुजर रहे थे. अध्ययन में शामिल सभी पुरुषों की नींद से जुड़ी आदत और डिजिटल डिवाइस स्क्रीन के संपर्क में आने के बारे में एक प्रश्नावली के जरिए जानकारी प्राप्त की गई.

अध्ययन में आगे बताया गया कि अगर शाम के वक्त और रात में सोते समय स्मार्टफोन और टैबलेट का इस्तेमाल किया जाए तो पुरुषों के शुक्राणु की गतिशीलता, प्रगतिशील गतिशीलता और गाढ़ेपन में कमी आती है. इन उपकरणों से निकलने वाली शॉर्ट-वेवलेंथ लाइट (SWL) के संपर्क में कोई पुरुष जितना अधिक होता है, उतना ही अधिक मात्रा में उसके शुक्राणु गतिहीन होते जाते हैं. इसके अलावा, अध्ययन ने यह भी संकेत दिया कि लंबे समय तक नींद की अवधि का सकारात्मक रूप से संबंध कुल शुक्राणुओं की संख्या और शुक्राणुओं की प्रगतिशील गतिशीलता से है.

इस अध्ययन की खोज के अनुसार, यह कहना सुरक्षित है कि शाम और रात के समय SWL उत्सर्जित करने वाले डिजिटल उपकरण जैसे- मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट और टीवी, न केवल नींद से जुड़ी गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार हैं बल्कि पुरुष बांझपन की दर को भी बढ़ा सकते हैं. SWL का उत्सर्जन करने वाले डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल और निर्भरता के बढ़ते उपयोग के साथ, यह आशंका है कि पुरुष बांझपन भी बढ़ेगा.

विकिरण और पुरुष बांझपन
दैनिक जीवन में हम जिन उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं जिसमें डिजिटल उपकरण भी शामिल हैं वे सिर्फ SWL का उत्सर्जन नहीं करते. रिप्रोडक्टिव बायोलॉजी एंड इन्डोक्रिनोलॉजी नाम के जर्नल में साल 2018 में प्रकाशित स्टडी ने संकेत दिया कि मनुष्य आज कई प्रकार के आयनित और गैर-आयनित विकिरणों से घिरा हुआ है और ये सभी शुक्राणुजनन की प्रक्रिया पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं. इस प्रक्रिया के माध्यम से ही शुक्राणु शरीर में उत्पन्न होते हैं.

इस अध्ययन में कहा गया है कि आयनित विकिरण जो एक्स-रे के दौरान उत्सर्जित होते हैं वे निश्चित रूप से अधिक हानिकारक और कैंसर पैदा करने वाले हैं. लेकिन गैर-आयनित विकिरण के विभिन्न सोर्स जैसे-  मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, माइक्रोवेव अवन, टीवी, वाईफाई, फोन टॉवर और रडार की संख्या और इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है. इन डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से होने वाला विकिरण उत्सर्जन, वीर्यकोष को प्रभावित करता है, जो बदले में शुक्राणुओं की संख्या, आकृति और गतिशीलता को प्रभावित कर सकता है और शरीर में डीएनए, हार्मोन और एंटीऑक्सिडेटिव एंजाइम को भी नुकसान पहुंचा सकता है.

प्रजनन क्षमता पर विकिरण और रोशनी का नकारात्मक असर
वर्तमान शोध इस तथ्य पर बहुत स्पष्ट है कि डिजिटल उपकरणों से उत्सर्जित होने वाली रोशनी के साथ ही डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से होने वाला विकिरण- ये दोनों ही पुरुष प्रजनन क्षमता को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं. जो पुरुष इन उपकरणों का उपयोग अधिक करते हैं उन्हें इन जोखिमों के प्रभावों का मुकाबला करने के लिए उपकरणों के इस्तेमाल को सीमित करना चाहिए या फिर हेल्थकेयर प्रफेशनल से परामर्श लेना चाहिए ताकि उन्हें भविष्य में बांझपन की समस्या न हो. अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, बांझपन के लक्षण, कारण, इलाज के बारे में पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.



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