जेईई की परीक्षा देने का मौका दोबारा मिल सकता है बाढ़ में फंसे छात्रों को

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हाइलाइट्स:

  • बाढ़ में फंसे जेईई की परीक्षा देने वाले छात्र परेशान ना हो, उदय सामंत ने दिया भरोसा
  • बाढ़ प्रभावित स्टूडेंट्स को फिर से मौका देने पर केंद्र से चल रही है बात
  • केंद्र ने सरकार की परेशानी को समझते हुए निवेदन को स्वीकार की
  • विदर्भ के चार जिले में बाढ़ ने मचाई भीषण तबाही, 5000 परिवार प्रभावित

मुंबई
महाराष्ट्र का विदर्भ इलाका बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित है। विदर्भ के 4 जिले भंडारा, गोंदिया, गडचिरोली और चंद्रपुर फिलहाल बाढ़ के पानी से जलमग्न हो चुके हैं। जिसकी वजह से 58 गांव के तकरीबन 2646 परिवार प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की तरफ से राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया गया है। एनडीआरएफ की टीम भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन में दिन-रात जुटी हुई है। महाराष्ट्र में और देश में जेईई की परीक्षा आज से शुरू हुई है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे हुए छात्रों के सामने इस परीक्षा में शामिल हो पाना सबसे बड़ी परेशानी है। इस परेशानी को समझते हुए महाराष्ट्र के उच्च शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने सभी विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया है कि उनका नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

बाढ़ से भारी नुकसान
बाढ़ के पानी की वजह से पूर्वी विदर्भ में भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गडचिरोली जिला बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। यहां पर फसलें नष्ट हो चुकी हैं। लोगों के आशियाने उजड़ गए हैं। अकेले भंडारा जिले में बाढ़ की वजह से 5000 परिवार प्रभावित हुए हैं और उन्हें दूसरी जगह पर शिफ्ट किया गया है नदी के किनारे होने वाली खेती बुरी तरह से तहस-नहस हो चुकी है। चौतरफा मार झेल रहे विदर्भ के छात्रों को उदय सामंत ने भरोसा दिलाया है कि उन्हें जेईई की परीक्षा के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। इस बाबत सरकार केंद्र से लगातार बातचीत कर रही है। उदय सामंत ने ट्वीट कर बताया केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री संजय धोत्रे से हमने निवदेन किया है जिसे उन्होंने मान लिया है।

विद्यार्थियों को एक मौका मिलेगा?
बाढ़ प्रभावित इलाकों में जिन परीक्षा केंद्रों पर फिलहाल परीक्षा नहीं हो सकती है। उन सभी केंद्रों पर विद्यार्थियों को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरफ से एक मौका और मिले इस पर विचार किया जा रहा है। पिछली बार यह परीक्षा 8 चरणों मे हुई थी। इस बार इसे 12 चरणों में कराया जाना है।

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भंडारा जिले की हालात खराब
भंडारा बाढ़ की स्थिति काफी विकट बनी हुई है। जिले के भंडारा तहसील में 23 गांव के 1790 परिवार, पवनी तहसील के 22 गांव के 500 परिवार, तुमसर तहसील के 5 गांव के 127 परिवार, मोहाडी तहसील के 6 गांव के 167 परिवार और लाखंडूर तहसील के 2 गांव के 57 परिवार, इस प्रकार से कुल 58 गांव के 2646 परिवारों का जनजीवन बाढ़ से अस्तव्यस्त हो चुका है। जिला प्रशासन की तरफ से इन सभी बाढ़ पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद मुहैया करवाई जा रही है। साथ में राहत एवं बचाव कार्य को भी युद्ध स्तर पर शुरू किया गया है। विरोधी पक्ष नेता देवेंद्र फडणवीस ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने अगर मध्य प्रदेश सरकार से उचित बातचीत की होती तो आज यह स्थिति नहीं बनती।

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