Allahabad High Court Hookah Bar Instruction Latest News And Updates: Allahabad High Court Ban On Hookah Bar In Uttar Pradesh | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- हुक्का बार पर प्रतिबंध नहीं लगा तो कोरोना सामुदायिक संक्रमण का रूप ले लेगा, मुख्य सचिव से रिपोर्ट तलब

0
57
.

  • Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Allahabad High Court Hookah Bar Instruction Latest News And Updates: Allahabad High Court Ban On Hookah Bar In Uttar Pradesh

प्रयागराज6 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

हाईकोर्ट ने कोरोना फैलाव को रोकने के लिए भी मुख्य सचिव को रोड मैप तैयार करने का निर्देश दिया है और टिप्पणी भी की कि बिना लॉकडाउन के कोई मदद नहीं मिलने वाली।

  • लखनऊ के विधि छात्र हर गोविंद की याचिका पर कोर्ट ने सुनाया फैसला
  • कोर्ट ने 30 सितंबर तक इस आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट तलब की

उत्तर प्रदेश में हुक्का बार पर रोक लगा दी गई है। मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी को आदेश दिया कि किसी भी रेस्टोरेंट और कैफे में हुक्का बार चलाने की अनुमति न दी जाए। कोर्ट ने 30 सितंबर तक इस आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट तलब की है।

कोर्ट ने कहा- कोरोना मानव जीवन के अस्तित्व के लिए खतरा

कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि लॉकडाउन के बावजूद कोरोना जंगल की आग की तरह फैलता जा रहा है। यह मानव जीवन के अस्तित्व के लिए खतरा बन गया है। हम घने अंधेरे जंगल के बीच खड़े हैं। कल क्या होगा, इसका पता नहीं है। यदि रेस्टोरेंट व कैफे में हुक्का बार पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो यह सामुदायिक संक्रमण का रूप ले लेगा।

लखनऊ के छात्र ने दाखिल की थी याचिका

दरअसल, लखनऊ विश्वविद्यालय में कानून के छात्र हर गोविंद पांडेय ने यूपी में हुक्का बार पर प्रतिबंध लगाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी। हर गोविंद ने कई अधिकारियों को इस बारें में पत्र भी लिखा था। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोर्ट ने भी मुख्य सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। कहा था कि क्यों न याचिका स्वीकार कर ली जाए। लेकिन कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया।

कोर्ट ने अधिवक्ता विनायक मित्तल को बनाया एमिकस क्यूरी

इस पर कोर्ट ने हुक्का बार की अनुमति न देने का आदेश जारी किया है। मंगलवार काे सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता एवं न्यायमूर्ति शमीम अहमद की खंडपीठ ने अपना फैसला दिया है। कोर्ट ने अधिवक्ता विनायक मित्तल को इस मामले में एमिकस क्यूरी (अदालत मित्र) नियुक्त किया है। कोर्ट ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। कोरोना संक्रमितों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। हाईकोर्ट ने इसके फैलाव को रोकने के लिए मुख्य सचिव को रोड मैप तैयार करने का निर्देश दिया है और टिप्पणी भी की कि बिना लॉकडाउन के कोई मदद नहीं मिलने वाली।

0

Source link

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here