EMI के बोझ को सेहत से न करने दें खिलवाड़, खुद पर ऐसे रखें कंट्रोल | health – News in Hindi

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जिन लोगों की नौकरी चली गई है, उन्हें समझाया जाना चाहिए कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है. उनकी काबिलियत तो किसी ने नहीं छिनी है.

मानसिक (Mentally) रूप से कमजोर (Weak) या टूट चुके लोगों को सपोर्ट की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. जरूरी नहीं कि उनकी आर्थिक (Economical) मदद ही की जाए. उन्हें भावनात्मक मदद की दरकार होती है और यह काम किया जा सकता है बातचीत से.




  • Last Updated:
    September 1, 2020, 6:47 AM IST

कोरोना (Corona) महामारी और लॉकडाउन (Lockdown) के कारण एक बड़ी आबादी की जिंदगी बेपटरी हो गई है. खासतौर पर मध्यम और निम्न वर्ग के लिए यह बहुत मुश्किल वक्त है. जिन लोगों ने लोन ले रखा है, उनके लिए ईएमआई (मासिक किस्त) भरना मुश्किल हो रहा है. ऐसे में कई लोग मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं. डिप्रेशन का शिकार होकर खुद को नुकसान पहुंचाने वाले निराशाजनक विचार मन में आ रहे हैं. सवाल उठता है कि ऐसे लोग क्या करें? सरकार की तरफ से लोन मोरेटोरियम (ईएमआई में छूट) की सुविधा से कुछ राहत मिली है, लेकिन क्या यह काफी है? मानसिक रूप से ऐसे लोगों को संबल देने के लिए क्या किया जाना चाहिए? पढ़िए क्या कहते हैं एक्सपर्ट-

फोर्टिस हेल्थ केयर में मेंटल हेल्थ एंड बिहेवरियल साइंसेस के डायरेक्टर डॉ. समीर पारिख के अनुसार, ‘मानसिक रूप से कमजोर या टूट चुके लोगों को सपोर्ट की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. जरूरी नहीं कि उनकी आर्थिक मदद ही की जाए. उन्हें भावनात्मक मदद की दरकार होती है और यह काम किया जा सकता है बातचीत से. सबसे जरूरी है बात करना. जो व्यक्ति मुश्किल में है, उससे बात करनी चाहिए और यदि हमें कोई शख्स परेशान-सा लगता है तो उससे भी बात करनी चाहिए.’

दोस्त, परिवार, समाज निभा सकते हैं अहम भूमिकाडॉ. समीर पारिख आगे कहते हैं, ‘दोस्त, परिवार और समाज इस लड़ाई में अहम भूमिका निभा सकते हैं. टूट चुके लोगों को इनका जितना सपोर्ट मिलेगा, वो उतनी जल्दी उबरेंगे. जिन लोगों की नौकरी चली गई है, उन्हें समझाया जाना चाहिए कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है. उनकी काबिलियत तो किसी ने नहीं छिनी है. यह मुश्किल वक्त है, गुजर  जाएगा, फिर नई जॉब मिल जाएगी और सबकुछ सामान्य हो जाएगा.’

डॉ. समीर पारिख की सलाह है कि किसी एनजीओ या कहीं और दान करने या मदद करने के बजाए अपने आसपास के लोगों की मदद करें. अपने परिवार, दोस्तों और कॉलोनी में देखें कि कहीं कोई परेशान तो नहीं है. अपने साथ काम करने वाले कर्मचारियों के बारे में सोचें और उनसे बात करने की कोशिश करें. पूछें कि कहीं कोई परेशानी तो नहीं. कई बार डिप्रेशन के शिकार लोग बोलने से बचते हैं. अपने मन की बात जाहिर नहीं करते हैं. ऐसे में यदि कोई रिश्तेदार या दोस्त फोन लगाकर पूछेगा तो हो सकता है कि वे अपनी परेशानी बता दें और कोई समाधान ही निकल जाए.

सोशल मीडिया की हर बात पर न करें भरोसा 

डॉ. समीर पारिख के मुताबिक, सोशल मीडिया पर अधिकांश बातें अपुष्ट होती हैं. लोग बिना जानकारी के संवेदनशील मुद्दों पर टिप्पणी करते रहते हैं. किसी बीमारी पर डॉक्टर की बात मानें, अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर अर्थशास्त्री की बात सुनें, बाकी सबको नजरअंदाज करना शुरू कर दें. myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. उमर अफरोज के अनुसार, वैज्ञानिक रूप से साबित हो चुका है कि मनपसंद खाना खाने या काम करने से डिप्रेशन कम होता है. इसलिए वो काम करें, जो अच्छे लगते हैं. समय पर सोएं, समय पर उठें. मन पसंदीदा संगीत सुनें. बुरे विचार अपने आप दूर हो जाएंगे. साथ ही योग और प्राणायम भी बहुत कारगर हैं.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, इलायची तेल, लाल गुलाब और नींबू बाम से लेकर केसर और गिलोय तक डिप्रेशन के घरेलू उपाय पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।



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