If someone reached his center with the help of Google Map, someone booked an e-rickshaw: Students said – it was good if the exam is over, if not today, we have to give tomorrow | कोई गूगल मैप की मदद से अपने सेंटर पर पहुंचा तो किसी ने बुक कराया ई- रिक्शा: छात्रों ने कहा- परीक्षा खत्म हो गई तो अच्छा ही हुआ, आज नहीं तो कल देनी ही पड़ती

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लखनऊ15 मिनट पहले

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सीआरपीएफ सेंटर बिजनौर के पास बने जेईई परीक्षा केंद्र के बाहर लोग परीक्ष्राा खत्म होने का इंतजार कर रहे थे।

  • कोरोना महामारी और दुश्वारियों के बीच किसी तरह से सेंटर खोजते हुए पहुंचे अभ्यर्थी
  • परीक्षार्थियों के अभिभावकों के सामने बच्चों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की चुनौती थी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को आईआईटी समेत अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले के लिए जेईई मेन्स की परीक्षा का आगाज़ हो गया। एक सितम्बर से छह सितम्बर तक चलने वाली परीक्षा के पहली पाली के एग्जाम के लिए छात्र-अभिवावक पूरी तैयारी के साथ पहुंचे। शहर के हजरतगंज चौराहे से रायबरेली की तरफ जा रहे हाइवे पर करीब 25 किलोमीटर जाने पर वहां बने ब्रिज के बगल से एक रास्ता कानपुर-सुल्तानपुर जा रहे पुल के नीचे से मुड़ता है। वहां से बिजनौर सीआरपीएफ कैम्प का ऑफिस लगभग 18 किलोमीटर दूर है। सीआरपीएफ कैम्प के पीछे के बॉउंड्री से जुड़ी सड़क पर जेईई मेन की परीक्षा का केंद्र बनाया गया था। कोरोना संकटकाल के बीच जहां परीक्षार्थियों को अपना एग्जाम देना था वहीं उनके अभिभावकों के सामने चुनौती अपने बच्चों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की थी। सुबह 8 बजे आज़ाद टेक्नोलॉजी बिजनौर सेंटर पहुंचे दैनिक भास्कर संवाददाता आदित्य तिवारी की ग्राउंड रिपोर्ट.

सीआरपीएफ सेंटर के पास बने परीक्षा केंद्र के बाहर अचानक एक कार आकर रुकती है। कार में ड्राविंग सीट पर अदिति के माता-पिता बैठे थे। कार रुकने के बाद जैसे ही वह बाहर निकलती है, वह अपने अभिभावकों से कहती है कि सेंटर तो बहुत दूर कर दिया। तब तक उसके पिता भी बाहर आ जाते हैं जिनके हाथों में ग्लब्स और सैनिटाइजर की बोतल दिख रही थी। उसे अपनी बेटी को सौंपते हुए कहते हैं कि आराम से जाना अभी परीक्षा में बहुत टाइम बचा है। उसी सएम एक ऑटो रिक्शा वहीं आकर रुका जिसमें करीब 55 साल के एक शख्स ने वहां खड़े व्यक्ति से पूछा आजाद इंस्टीट्यृट किधर है। तभी किसी ने जवाब दिया चिंता मत करिए आप सही जगह पहुंच गए हैं। ऐसा ही नजारा परीक्षा केंद्र का था।

आजाद पुरम बांग्ला बाजार निकट सीआरपीएफ कैंप बिजनौर सेंटर से बाहर से निकलते हुए परीक्षार्थी।

आजाद पुरम बांग्ला बाजार निकट सीआरपीएफ कैंप बिजनौर सेंटर से बाहर से निकलते हुए परीक्षार्थी।

9 बजे शुरू हुई परीक्षा 12 बजे हुई खत्म, सड़क किनारे छांव तलाशते रहे अभिभावक
260 परीक्षार्थी में 131 ही परीक्षा देने पहुंचे थे। परीक्षा शुरू होने के बाद परीक्षार्थियों के अभिभावकों का चेहरा सकून दिख रहा था। कुछ लोग एक दूसरे से बातचीत करना शुरू कर दिया। वहीं कुछ लोग राजनीति के गप्प लड़ाते हुए बार-बार घड़ी देख रहे थे। कोई अपने स्कूटर से नहीं उतरा तो कोई पेड़ की छांव से नहीं उठना चाहता था। सब बस 12 बजने का इंतज़ार कर रहे थे। सबको अपने बच्चों के पेपर देने के बाहर आने का इंतज़ार था। जैसे ही 12 बजे वैसे ही हलचल होने लगी। एक-एक करके बच्चे गेट खुलने के बाद निकलने लगे।

आजाद पुरम बिजनौर सेंटर से बाहर से निकलते हुए परीक्षार्थी।

आजाद पुरम बिजनौर सेंटर से बाहर से निकलते हुए परीक्षार्थी।

परीक्षा तो देना था- आज देते या कुछ महीनों बाद, शुरू में डर लगा लेकिन अब निश्चिंत है
गौतम सिंह कुशवाहा गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं। वह अपने नाना-नानी के घर पर रहकर तैयारी कर रहे थे। वह अपने नाना के साथ सुबह 7:30 बजे सेंटर पहुंच गए थे। उनका कहना है। पेपर तो देना ही था। जितना टलता उतनी और देर होती। एक न एक दिन पेपर देना ही था जितनी देर होती उतनी की गई तैयारियां खराब होतीं। पेपर हो गया। ज्यादा अच्छा है। पहले डर लग रहा था लेकिन अब निश्चिंत हूं।

गौतम सिंह कुशवाहा - अभ्यर्थी

गौतम सिंह कुशवाहा – अभ्यर्थी

कोरोना के बढ़ते मामलों में परीक्षा कराना ठीक नहीं, पेपर कोई कठिन नहीं था
करीब दो सौ किलोमीटर दूर से पेपर देने आई अनीता का मानना है कि कोराना काल में परीक्षा कराना उचित नहीं था। कहा कि अब तो परीक्षा हो गई ठीक ही है। परीक्षा सेंटर पर कोराना बचाव के सभी इंतजाम थे दो सीट छोड़कर बैठने की व्यवस्था की गई थी। पेपर कोई कठिन नहीं था। जो पहले तैयारी की थी वो आज काम आई है।

यह तस्वीर अनीता की है जो दो सौ किलोमीटर दूर से आज लखनऊ में परीक्षा देने पहुंची थीं।

यह तस्वीर अनीता की है जो दो सौ किलोमीटर दूर से आज लखनऊ में परीक्षा देने पहुंची थीं।

गूगल मैप्स से पहुंचा सेंटर, मजबूरन बाइक से आना पड़ा...
महराजगंज रायबरेली के रहने अभिभावक अमित जायसवाल बहन को पेपर दिलाने आए थे। पेपर से बच्चे को डर नहीं लग रहा है। बढ़ते हुए कोरोना के प्रकोप से डर लगने लगा है। अमित जायसवाल ने बताया कि ग्रामीण इलाके में सेंटर था। गुगल मैप्स से तलाशते हुए यहां तक पहुंच गए। करीब मेरे गांव से 95 किलोमीटर सेंटर दूर है। मजबूरन बाइक से आना पड़ा। बस में सफर करते समय कोरोना का खतरा दिल में बना हुआ था। यह भी शंका मन में थी कि कैसी व्यवस्था और इंतज़ाम होंगे।

सभी केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड प्रोटोकॉल का होगा पालन
डीएम अभिषेक प्रकाश ने राजधानी के सभी केंद्र व्यवस्थापक को निर्देश दिए हैं कि केन्द्रों में सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन कराए जाने का ध्यान रखा जाए। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों को चेक कर लिया जाए कि सभी कार्यशील है या नहीं है। आईआईटी और ट्रिपल आईआईटी समेत प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिले के लिए होने वाली आयोजित गए जेईई मेंस परीक्षा में यूपी से 100706 परीक्षार्थी हिस्सा लेंगे। राजधानी के आठ सेंटरों में चार सेंटरों पर आज जेईई बीमार्क की परीक्षा थी।

यह परीक्षा यूपी के 66 केंद्रों पर आयोजित होनी है। यह परीक्षा 1 सितंबर से 6 सितंबर तक 12 चरणों में आयोजित होगी। जबकि आगामी 13 सितंबर को होने वाली नीट की परीक्षा में 166582 परीक्षार्थी हिस्सा लेंगे। जिनके लिए यूपी में 320 सेंटर बनाए गए हैं। दोनों ही परीक्षाओं में कोरोना प्रोटोकाल का पालन किया जाएगा।

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