‘Khuda Hafiz’ actress Shivalika Oberoi spoke on the debate of insiders outsiders- ‘Our auditions don’t even reach the director, Struggle will last for eternity’ | इनसाइडर्स आउटसाइडर्स की बहस पर बोलीं ‘खुदा हाफिज’ एक्ट्रेस शिवालिका ओबेरॉय- ‘हमारे ऑडिशन भी डायरेक्टर तक नहीं पहुंचते, स्ट्रगल अनंत काल तक चलेगा’

0
92
.

  • Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • ‘Khuda Hafiz’ Actress Shivalika Oberoi Spoke On The Debate Of Insiders Outsiders ‘Our Auditions Don’t Even Reach The Director, Struggle Will Last For Eternity’

एक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक

विद्युत जामवाल के साथ फिल्‍म ‘खुदा हाफिज’ में नजर आने वालीं शिवालिया ओबेरॉय की ये दूसरी फिल्म थी। इससे पहले एक्ट्रेस किक फिल्म में असिस्‍टेंट रह चुकी हैं। बतौर अ‍भिनेत्री उन्‍होंने ‘ये साली आशिकी’ से अपनी पारी का आगाज किया था। एक्ट्रेस फिल्मी बैकग्राउंड से नहीं है ऐसे में उन्होंने आउटसाइडर होने का अपना अनुभव शेयर किया है।

हमारे ऑडिशन भी डायरेक्टर तक नहीं पहुंचतेः शिवालिका

उन्‍होंने कहा, ‘बाकी आउटसाइडरों की तरह मेरी जर्नी भी चुनौतियों से भरी रही है। किसी रोल के लिए शॉर्टलिस्‍ट होना तो दूर, हमारे ऑडिशंस तक डायरेक्‍टर और प्रोड्यूसर्स के पास नहीं पहुंचते थे। इस बात की जानकारी अब जाकर हुई है’।

परिवार ने खूब हौंसला बढ़ाया-

एक्ट्रेस ने बताया कि स्ट्रगल के दिनों में माता-पिता को खूब सहयोग मिला। उन्होंने कहा, सफलता मिल नहीं रही थी। चीजें सही से हो नहीं रही थीं। वह सब मुझे निराश कर रही थीं। हर दिन इस सोच के साथ नींद खुलती थी कि अब अगला क्‍या। अनिश्चितता मानसिक शांति को प्रभावित करती है। पर मेरे पेरेंट्स लगातार मेरा हौंसला बढ़ाते रहे। कहते रहे कि पढ़ाई जारी रखो। कुछ न हो सके तो किसी और फील्‍ड में प्रयास करना।

शिवालिका को खुशी है कि दर्शकों ने उनकी हालिया रिलीज खुदा हाफिज को पसंद किया है और यह उनके लिए उत्साहजनक है, “कई लोगों ने कहा कि ट्रेलर में मेरा बहुत कुछ नहीं था, लेकिन उन्होंने फिल्म में मेरे समग्र प्रदर्शन, भावों को पसंद किया और कहा कि उन्होंने मुझे और देखना पसंद किया होगा। ”

आउटसाइडर्स को अपनाने के लिए कोई तैयार नहीं हैः शिवालिका

शिवालिका को यह भी लगता है कि बाहरी लोगों के बारे में लोगों का नजरिया अभी भी नहीं बदल रहा है और कोई भी उन जैसी नई प्रतिभाओं को पनपने का मौका देने के बारे में बात नहीं करना चाहता है, “विद्युत के बड़े प्रशंसक हैं, लोग उनके लिए फिल्म देखेंगे और इससे कोई इनकार नहीं करता है, लेकिन जब वह इतना सहायक था मेरे प्रति तो मुझे वास्तव में समझ में नहीं आता है कि दूसरों को मेरे जैसे नए लोगों को स्वीकार करने में समय क्यों लगता है? मीटी रोल करने से लेकर, ऑडिशन क्रैक करने और कैमियो रोल मिलने तक… हमारा संघर्ष इसलिए अनवरत चलता ही रहता है।’

0

Source link

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here