Meerut: खेल उद्योग के लिए मशहूर उत्‍तर प्रदेश का यह शहर कभी था रावण की ससुराल | meerut – News in Hindi

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रावण की ससुराल और ‘खेल उद्योग’ का अनूठा संगम है मेरठ शहर (file photo)

शहीद स्मारक मेरठ (Meerut) जो भारत के शहीदों को समर्पित है, मुख्य रूप से उन्हे समर्पित है जो भारत की आजादी की 1857 की प्रथम लड़ाई का हिस्सा बने थे.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 2, 2020, 4:55 PM IST

मेरठ. पश्चिमी यूपी के मेरठ (Meerut) शहर का इतिहास काफी गहरा है. पौराणिक कहानियों में मेरठ को रावण का ससुराल भी कहा गया है और महाभारत में पांडवों-कौरवों की राजधानी हस्तिनापुर. मेरठ दो पवित्र नदियों गंगा और यमुना के बीच बसा हुआ है. मेरठ को ‘भारत का खेल नगर’ भी कहते हैं जिसका किं कारण यहां पर विशाल खेल उद्योग का होना है. 1857 की क्रांति का बिगुल बजाने वाला जिला, ऐतिहासिक नौचंदी मेले या फिर वह शहर जहां का बल्ला थामकर सचिन, धोनी और विराट जैसे क्रिकेटरों ने देश-दुनिया में अपना परचम लहराया. इस शहर की कई खासियत है.

बाबा औघड़ नाथ मंदिर
मेरठ कैंट में स्थित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. यह कहा जाता है कि भारत की आजादी की पहली लड़ाई सन् 1857 में यहीं पर लड़ी गई थी, जिसके बाद यह चिंगारी आग में तब्दील हो गई. काली पलटन “ब्रिटिश आर्मी” के सैनिक, मंदिर परिसर के कुएं में पानी पीने आते थे. मंदिर के मुख्य पंडित द्वारा प्रतिबंधित कारतूस (जिसमे गाय का मांस मिला होने का आरोप था) के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया जिसने सैनिकों की हिंसक प्रतिक्रिया को उकसाया एवं जिसके परिणाम स्वरूप 10 मई, 1857 में ब्रिटिश शासन के खिलाफ सबसे पहली इतनी बड़ी जंग छिड़ी.

प्राचीन मूर्तियां (file photo)

प्राचीन मूर्तियां (file photo)

शहीद स्मारक मेरठ जो भारत के शहीदों को समर्पित है, मुख्य रूप से उन्हे समर्पित है जो भारत की आजादी की 1857 की प्रथम लड़ाई का हिस्सा बने थे. यह स्मारक दिल्ली रोड पर लगभग सिटी रेलवे स्टेशन से नॉर्थ-ईस्ट से 6 किमी पर स्थित है.

पांडव किला
यह किला बरनावा में स्थित है. महाभारत से संबंध रखने वाले इस किले में अनेक प्राचीन मूर्तियां देखी जा सकती हैं. कहा जाता है कि यह किला पांडवों ने बनवाया था. दुर्योधन ने पांडवों को उनकी मां सहित यहां जीवित जलाने का षडयंत्र रचा था, किन्तु वे एक भूमिगत मार्ग से बच निकले थे.आजकल ये स्थान बागपत में मिलता है.

रावण की ससुराल (file photo)

उत्तर प्रदेश की गंगा व यमुना नदियों के बीच बसी मेरठ लोकसभा सीट 2014 के आम चुनाव में भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल इस सीट से जीते थे. उसके बाद 2004-09 तक यह सीट बीएसपी के हाथ में रही थी और 2009 के बाद से वर्तमान समय तक यहां बीजेपी का वर्चस्व है.

मेरठ शहर की जनसंख्या
इसे ज़्यादातर निहारी संग खाया जाता है. मुलायम होने के कारण इसे अन्य शोरबे (करी) वाले व्यंजनों संग भी खाते हैं. वहीं मेरठ शहर की कुल जनसंख्या 33 लाख तक पहुंच गई है.



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