Ban on 118 apps in India is a big setback for China, only PUBG ban estimated to be worth $ 8.4 million – भारत में 118 ऐप पर प्रतिबंध चीन के लिए बड़ा झटका, सिर्फ PUBG पर पाबंदी से 8.4 करोड़ डॉलर के नुकसान का अनुमान

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PUBG समेत 118 ऐप्स बैन होने पर बौखलाया चीन, भारत से अपनी गलती सुधारने को कहा

भारत सरकार (Government Of India) द्वारा 118 ऐप पर पाबंदी लगाने के फैसले पर चीन ने बुधवार को पहली प्रतिक्रिया दी. चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता गाओ फेंग ने इस पर विरोध जताते हुए कहा, ”भारत का ये फैसला चीनी निवेशकों और सर्विस प्रोवाइडर्स के कानूनी हितों के खिलाफ है और भारत को अपनी गलती सुधारनी चाहिए.”

यह फैसला ऐसे वक्त पर आया है, जब भारत-चीन सीमा पर फिर तनाव बढ़ रहा है. इस फैसले से भारत के ऐप बाजार में चीनी कंपनियों को काफी आर्थिक नुक्सान होगा, क्योंकि 118 ऐप में से ज्यादातर का मालिकाना हक चीन का है या उनकी कंपनियों की 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है. प्रतिबन्ध का चीन की बड़ी डिजिटल कंपनी श्याओमी, टेंसेंट, अलीबाबा और चीन का गूगल माना जाने वाले बाइदू पर काफी असर पड़ेगा.

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चीन की कंपनी टेंसेंट का PUBG गेमिंग ऐप में भारी निवेश है. जुलाई 2020 तक PUBG की ग्लोबल रेवन्यू करीब 22,000 करोड़ तक पहुंच गयी. भारत PUBG के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है. उसके कुल डाउनलोड का 24% भारत में किया गया था. अनुमान के मुताबिक उसका करीब 8.4 करोड़ डॉलर का राजस्व भारत से आता है.

आईटी विशेषज्ञ पवन दुग्गल ने NDTV से कहा, “भारत ने जो प्रतिबन्ध लगाया है वो पुराने बैन से ज्यादा महत्वपूर्ण है. इससे चीन को आर्थिक नुक्सान ज्यादा होगा और देश में डिजिटल सिक्युरिटी भी बढ़ेगी.”  

उधर, व्यापारी संगठन CAIT ने आईटी मंत्री को चिठ्ठी लिखकर मांग की है कि 5G नेटवर्क से भी चीनी कंपनियों को बाहर रखा जाये. CAIT के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने NDTV से कहा, “चीन अपनी टेक्नोलॉजी के द्वारा जासूसी करता है.  5G नेटवर्क एक विशाल नेटवर्क होगा. अनेक सूचनाएं उस पर होंगी जो सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होंगी. इसलिए हमने कहा है सरकार से चीनी कंपनियों को तत्काल प्रभाव से बैन किया जाये.”  

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भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव और भारतीय बाजार में चीनी सामानों के आयात पर लगाई जा रही सीमित रोक का असर अब ज़मीन पर दिखने लगा है. इस साल जुलाई तक भारत में चीनी आयात लगभग एक-चौथाई गिर चुका है. पहले 7 महीने में कुल व्यापार में 18.6% की गिरावट आई है. तनाव जल्दी खत्म नहीं हुआ तो आर्थिक संबंध और कमज़ोर होंगे.

भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव और भारतीय बाजार में चीनी सामानों के आयात पर लगाई जा रही सीमित रोक का असर अब ज़मीन पर दिखने लगा है. चीन सरक़ार के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स की तरफ से 8 अगस्त को जारी ताज़ा ट्रेड डाटा के मुताबिक चीन से भारत में आयात गिरा है. जनवरी से जुलाई 2020 के बीच भारत में चीन से होने वाला आयात 32.28 बिलियन डॉलर रहा. यह जनवरी से जुलाई 2019 के मुकाबले 24.7% नीचे गिर गया है. यानी इस साल अब तक भारत में चीनी आयात लगभग एक-चौथाई गिर गया है. जबकि इस दौरान कुल व्यापार में 18.6 % की गिरावट आई है.

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