Finance Minister resigns or Prime Minister sacks him for economic destruction-Congress-‘आर्थिक तबाही’ के लिए वित्त मंत्री इस्तीफा दें या प्रधानमंत्री उन्हें बर्खास्त करें: कांग्रेस

0
75
.

वित्त मंत्री के ऐक्ट ऑफ गॉड वाले बयान का उल्लेख करते हुए रणदीप सुरजेवाला ने दावा किया कि 6 साल से एक्ट ऑफ फ्रॉड से अर्थव्यवस्था को डुबोने वाली मोदी सरकार अब इसका जिम्मा एक्ट ऑफ गॉड यानि भगवान पर मढ़कर अपना पीछा छुड़वाना चाहती है.

Bhasha | Updated on: 03 Sep 2020, 01:36:27 PM

रणदीप सुरजेवाला (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

कांग्रेस (Congress) ने जीडीपी विकास दर (GDP Growth Rate) में भारी गिरावट और बेरोजगारी को लेकर बृहस्पतिवार को सरकार पर देश को आर्थिक आपातकाल (Economic Emergency) की तरफ धकेलने का आरोप लगाया और कहा कि इस आर्थिक तबाही के लिए वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए या फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को उन्हें बर्खास्त करना चाहिए.

यह भी पढ़ें: IMF ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर जारी किया बेहद डराने वाला अनुमान 

सरकार के भीतर बड़ी राजनीतिक और वित्तीय सर्जरी की जरूरत: रणदीप सुरजेवाला

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में सरकार के भीतर बड़ी राजनीतिक और वित्तीय सर्जरी की जरूरत है. सुरजेवाला ने जीडीपी में गिरावट, बेरोजगारी और राज्यों को जीएसटी के बकाये से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए संवाददाताओं से कहा कि आज देश में चारों ओर आर्थिक तबाही का घनघोर अंधेरा है. रोजी, रोटी, रोजगार खत्म हो गए हैं तथा धंधे, व्यवसाय व उद्योग ठप्प पड़े हैं. अर्थव्यवस्था बर्बाद हो गई है तथा जीडीपी पाताल में है. देश को आर्थिक आपातकाल की ओर धकेला जा रहा है. वित्त मंत्री के ‘दैवीय घटना’ (ऐक्ट ऑफ गॉड) वाले बयान का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि 6 साल से ‘एक्ट ऑफ फ्रॉड’ से अर्थव्यवस्था को डुबोने वाली मोदी सरकार अब इसका जिम्मा ‘एक्ट ऑफ गॉड’ यानि भगवान पर मढ़कर अपना पीछा छुड़वाना चाहती है. सच ही है, जो भगवान को भी धोखा दे रहे हैं, वो इंसान और अर्थव्यवस्था को कहां बख्शेंगे.

यह भी पढ़ें: विश्व के प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल हुए ईशा और आकाश अंबानी  

सरकार से पूरी तरह उठ चुका है लोगों का विश्वास: रणदीप सुरजेवाला
उनके मुताबिक, 73 साल में पहली बार जीडीपी दर पहली तिमाही में घटकर माइनस 24 प्रतिशत होने का मतलब है कि देशवासियों की औसत आय धड़ाम से गिरेगी. अगर पूरे साल में अगर जीडीपी नकारात्मक 11 प्रतिशत तक भी गिरी, तो आम देशवासी की आय में बढ़ोत्तरी होने की जगह सालाना 14,900 रुपये कम हो जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘लोगों का विश्वास सरकार से पूरी तरह उठ चुका है. लघु, छोटे और मध्यम उद्योगों से पूछिए, तो वो बताएंगे कि बैंक न तो कर्ज देते हैं और न ही वित्तमंत्री की बात में कोई वज़न। मोदी सरकार का 20 लाख करोड़ का ‘जुमला आर्थिक पैकेज’ भी डूबती अर्थव्यवस्था, आर्थिक तबाही व गिरती जीडीपी को रोकने में फेल साबित हुआ.

यह भी पढ़ें: मोदी जी का कैश-मुक्त भारत मजदूर-किसान-छोटा व्यापारी मुक्त भारत है: राहुल 

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि 73 साल में पहली बार केंद्र सरकार घोषित रूप से डिफॉल्टर हो गई है. वित्त सचिव ने 11 अगस्त, 2020 को संसद की वित्तीय मामलों की स्थायी समिति को साफ तौर से कहा कि भारत सरकार जीएसटी में प्रांतों का हिस्सा नहीं दे सकती व प्रांत कर्ज लेकर काम चलाएं. उन्होंने कहा कि देश को इस हालात में पहुंचाने के लिए क्या प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को अपने पद पर रहना चाहिए? यह सवाल में देश के लोगों के विवेक पर छोड़ता हूं. एक अन्य सवाल के जवाब में सुरजेवाला ने कहा कि सरकार में बड़ी राजनीतिक और वित्तीय सर्जरी की जरूरत है. हमारा यह मानना है कि ऐसी वित्त मंत्री को पद पर बने नहीं रहने चाहिए जो इस आर्थिक तबाही के लिए जिम्मेदार हैं. उन्हें खुद इस्तीफा देना चाहिए या फिर प्रधानमंत्री को उन्हें बर्खास्त करना चाहिए. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार को सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर से सुझाए गए उपायों पर अमल करना चाहिए जिनमें लोगों के खाते में पैसे डालने का सुझाव प्रमुख है.


Read full story

First Published : 03 Sep 2020, 01:30:00 PM

For all the Latest Business News, Economy News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.



Source link

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here