क्या सोशल मीडिया मेंटल हेल्थ पर डाल रहा है बुरा असर? ये सेफ्टी टिप्स करेंगे आपकी मदद | health – News in Hindi

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लोग ये मान लेते हैं कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले लाइक्स और कमेंट्स ही उनकी जिंदगी का उचित या अनुचित बता सकते हैं.

आज के समय में सोशल मीडिया (Social Media) नेगैटिविटी (Negativity) और इनसिक्योरिटी (Insecurity) से भरा हुआ है. कई अध्यनों से पता चला है कि सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल करने से एंग्जाइटी (Anxiety) और डिप्रेशन (Depression) का स्तर काफी हद तक बढ़ सकता है.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 4, 2020, 12:01 PM IST

आज के समय को सोशल मीडिया और स्मार्टफोन (Social Media and Smartphone) का जमाना कहा जा सकता है. खासतौर पर कोरोना वायरस (Coronavirus) को रोकने के लिए जारी किए गए लॉकडाउन (Lockdown) में लोग सबसे ज्यादा सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं. सुबह होने के बाद और सोने से पहले तक हर इंसान सोशल मीडिया पर बिजी रहने लगा है. सोशल मीडिया का असर इंसान के जीवन में कई तरह से पड़ता है. ज्यादा सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने से मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) भी प्रभावित हो सकता है. डिजीटल मार्केटर और बिजनेस वुमेन बेली पार्नेल (Bailey Parnell) ने TED Talk में सोशल मीडिया और मेंटल हेल्थ पर बातें की. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक आइए जानते हैं कैसे सोशल मीडिया लोगों की मेंटल हेल्थ पर असर डाल सकता है और इससे बचने के लिए क्या करें.

बेली ने बताया कि आज के समय में सोशल मीडिया नेगेटिविटी और इनसिक्योरिटी से भरा हुआ है. कई अध्यनों से पता चला है कि सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल करने से एंग्जाइटी और डिप्रेशन का स्तर काफी हद तक बढ़ सकता है. बेली ने बताया कि सोशल मीडिया पर 4 तरह की बातें काम करती हैं जो कि किसी भी इंसान के स्ट्रेस लेवल को बढ़ा सकते हैं. ये 4 प्वाइंट्स हैं-

1. हाइलाइटेड होना
बेली के अनुसार सोशल मीडिया पर लोग इस बात से असुरक्षित महसूस करने लगते हैं कि वह दूसरों से कम हाइलेट क्यों हो रहे हैं. वह सोशल मीडिया पर मौजूद अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और यहां तक कि अनजान लोगों से भी खुद की तुलना करने लगते हैं. इसी के चलते मेंटल हेल्थ प्रभावित होने लगता है.2. सोशल करेंसी यानी लाइक्स और कमेंट्स

बेली ने बताया कि सोशल मीडिया पर लोग लाइक्स और कमेंट्स को लेकर भी खूब अटेंटिव रहते हैं. लोग ये मान लेते हैं कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले लाइक्स और कमेंट्स ही उनकी जिंदगी का उचित या अनुचित बता सकते हैं. इसके अलावा उनके पोस्ट के शेयर भी उनकी सोच को प्रदर्शित कर सकती है. इसके चलते लोग मेंटल प्रेशर से गुजरने लगते हैं.

3. फोमो (फियर ऑफ मिसंग आउट)
बेली के अनुसार सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा डर लोगों को पीछे रह जाने या मिस हो जाने का होता है. वह हमेशा इस बात को लेकर स्ट्रेस में रहते हैं कि कहीं उन्होंने कहीं कोई ट्रेंडिंग टॉपिक मिस तो नहीं कर दिया जो कि उनके जानने वाले सभी लोगों को पता हो. ऐसे में मेंटल हेल्थ पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

4. ऑनलाइन हैरेसमेंट

कई बार लोगों को सोशल मीडिया पर ऑनलाइन हैरेसमेंट का शिकार भी होना पड़ता है. दरअसल लोग सोशल मीडिया पर लोगों के डार्क साइड को लेकर ज्यादा चर्चाएं करते हैं. ऐसे में स्ट्रेस लेवल काफी दह तक बढ़ सकता है.

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सोशल मीडिया के ज्यादा इस्तेमाल से मेंटल हेल्थ प्रभालित न हो इसके लिए बेली ने कुछ सेफ्टी टिप्स बताए. उनके अनुसार सबसे पहले अपनी समस्याओं का समाधान करना बहुत जरूरी होता है. मेंटल हेल्थ को सही रखने के लिए परेशानी क्या है और इसे कैसे सुलझाया जा सकता है ये जानना बहुत जरूरी होता है. बेली ने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग जो कह रहे हैं या फिर बता रहे हैं उसे एक सुझाव के तौर पर लें. उसे ही जीवन का लक्ष्य न मान लें. इसके अलावा कई चीजों को लेकर जागरूकता भी बहुत जरूरी है. उन्होंने सोशल मीडिया डाइट को सुधारने की भी बात कही यानी सोशल मीडिया पर उन्हीं चीजों को फॉलो करें जिनकी आपको जरूरत है. बाकी बेकार की चीजों पर ध्यान न देना ही मेंटल हेल्थ के लिए उचित होता है.

जैसे लोग अपने शारीरिक हेल्थ के लिए अच्छा डाइट लेते हैं ठीक वैसे ही मानसिक हेल्थ के लिए अच्छी डाइट (बातों) की जरूरत पड़ती है. दिमाग और दिल में चल रही बातों का स्वस्थ होना बहुत जरूरी होता है. वहीं बेली ने बताया कि एक अच्छा ऑनलाइन एक्सपीरियंस भी मेंटल हेल्थ में सुधार करता है और एक मॉडल गुड बीहेवियर बनाता है. बैले की मानें तो सोशल मीडिया हमेशा मेंटल हेल्थ पर बुरा प्रभाव नहीं डालता. कभी यह दुखी करता है तो कभी आपको हंसने पर भी मजबूर कर सकता है.



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