Kannauj BSF Jawan Martyr In Jammu And Kashmir; UP CM Yogi Adityanath Pays Homage To Havildar Virpal Singh | बॉर्डर पर पेट्रोलिंग करते वक्त बीएसएफ का जवान शहीद, बेटे ने कहा- छुट्टी हुई थी मंजूर, पापा तिरंगे में लिपटकर आएंगे, ये सोचा नहीं था

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कन्नौज13 मिनट पहले

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कन्नौज के बीएसएफ के जवान वीरपाल बुधवार रात जम्मू-कश्मीर में हादसे का शिकार होकर शहीद हो गए। शुक्रवार को पार्थिव शरीर गांव लाया गया तो परिजन गमगीन हो उठे।

  • शुक्रवार को पैतृक गांव लाया गया पार्थिव शरीर
  • सीएम ने शहादत को किया नमन, 50 लाख रुपए आर्थिक सहयोग देने का ऐलान
  • सहकारिता मन्त्री मुकुट वर्मा, सांसद सुब्रत पाठक, तिर्वा विधायक कैलाश राजपूत ने दी श्रद्धांजलि

जम्मू-कश्मीर के सुंदरी वन में तैनात बीएसएफ के हवलदार वीरपाल सिंह बीते बुधवार रात पेट्रोलिंग करते समय पहाड़ी से गिरकर शहीद हो गए थे। शुक्रवार सुबह वीरपाल का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव भग्गीपुरवा लाया गया तो सभी की आंखें नम हो गईं। शहीद के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। बेटे विकास ने कहा कि एक सितंबर की रात पिता से बात हुई थी। वे बेहद खुश थे। उनकी छुट्टी मंजूर हो गई थी। वे इसी माह घर आने वाले थे। सभी को उनके आने का इंतजार था। लेकिन तिरंगे में लिपटकर आएंगे, यह किसी ने नहीं सोचा था। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए जनप्रतिनिधि, अफसर और आमजन पहुंचे हैं। बेटे ने शव को मुखाग्नि दी।

वीरपाल।- फाइल फोटो

वीरपाल।- फाइल फोटो

बेटे की शहाद से मां हुई गुमसुम, तीन बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल

सौरिख थाना क्षेत्र के भग्गीपुरवा गांव निवासी वीरपाल सिंह वर्ष 1995 में अहमदाबाद में 69 बटालियन बीएसएफ में भर्ती हुए थे। पिता की रतीराम की साल 2015 में मौत हो चुकी है। बेटे की शहादत से 72 साल की मां विद्यावती गुमसुम हो गई हैं। वीरपाल चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे। बड़े भाई सुरेंद्र पाल सुरेंद्र पाल और तीसरे नंबर के भाई उम्मेद पाल सोनीपत में नौकरी करते हैं। छोटा भाई सत्येंद्र पाल दिल्ली में नौकरी करता है। वीरपाल के एक बेटा चमन और तीन बेटियां पूनम पाल, पारुल व दुर्गा पाल हैं। वीरपाल का भतीजा गौरव चाचा वीरपाल की तरह देश की सेवा करना चाहता था। साल 2017 में वी भारतीय सेना की टेक्निकल कोर में कानपुर से भर्ती हुए। वर्तमान में उसकी तैनाती गुजरात के भुज में हैं।

पिता के पार्थिक देह के पास बैठी बेटी।

पिता के पार्थिक देह के पास बैठी बेटी।

जनवरी माह में बेटी की शादी के लिए आए थे घर

बीते बुधवार को वीरपाल अपने साथियों के साथ सुंदरी वन में सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए अपने साथियों के साथ पहाड़ी पर पेट्रोलिंग कर रहे थे। लेकिन पैर फिसलने से वे 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरे। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां मौत हो गई। वीरपाल इसके पहले 27 जनवरी को एक माह की छुट्टी पर घर आए थे। इसी अवधि में उन्होंने बड़ी बेटी पूनम पाल की शादी की थी। शहीद के घर जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्रा के साथ पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह भी पहुंचे हैं।

रोते बिलखते परिजन।

रोते बिलखते परिजन।

शहीद जवान वीरपाल पंचतत्व में विलीन।

शहीद जवान वीरपाल पंचतत्व में विलीन।

योगी ने श्रद्धांजलि दी

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