यूपी एटीएस ने संभाली जांच की कमान, लापरवाह चौकी इंचार्ज समेत 5 पुलिसकर्मी निलंबित, विभागीय जांच के भी आदेश

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बलरामपुर में मकान में विस्फोट के बाद जांच करती पुलिस।

  • सोमवार दोपहर नगर कोतवाली गदुरहवा मोहल्ले में हुआ था विस्फोट
  • एक किशोर की गई थी जान, दो महिलाएं हुई थीं घायल

बलरामपुर जिले में सोमवार की दोपहर मोहल्ला गदुरहवा में घनी आबादी के बीच एक मकान में तेज धमाका हुआ था। जिसमें श्रावस्ती जिले के रहने वाले एक किशोर की मौत हुई थी। जबकि दो महिलाएं घायल हुई थीं। धमाका इतना तेज था कि आसपास के 24 मकानों में दरारें आई हैं। शुरुआत में मकान मालिक की बातों को सुनकर पुलिस लोगों को गुमराह करती रही। लेकिन फॉरेंसिक की जांच में बारूद से विस्फोट की बात सामने आई है। ऐसे में मामले की जांच एटीएस ने अपने हाथों में ली है। वहीं, एसपी ने एलआईयू बीट प्रभारी सरताज मिश्रा समेत पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

मलबे में तब्दील मकान।

मलबे में तब्दील मकान।

इन पर गिरी कार्रवाई की गाज

पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा ने बताया कि सूचना संकलन में लापरवाही बरतने के आरोप में एलआईयू (लोकल इंटेलीजेंस यूनिट) बीट प्रभारी सरताज मिश्रा, सिपाही अवधेश चौरसिया, बलुहा चौकी इंचार्ज शैलेंद्र कुमार और बीट पुलिस ऑफिसर राहुल वर्मा व आलोक को सस्पेंड कर दिया गया है। जबकि एलआईयू इंस्पेक्टर व कोतवाली नगर प्रभारी राजित राम और सीओ सिटी मनोज यादव के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए है। जांच का जिम्मा एएसपी अरविंद मिश्रा को सौंपा गया है।

यूपी एटीएस जांच में क्यों लगी?

यूपी एटीएस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर बारूद के नमूने जुटाए हैं। साथ ही एक एयर गन व मोबाइल को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। यह जांच इसलिए भी की जा रही है कि जिले के उतरौला के बढ़या भैसाहि गांव में कुछ दिन पहले ही आईएसआईएस के आतंकी मुस्तकीम घर से बारूद और सुसाइड बम जैकेट बरामद हुई थी। यूपी एटीएस ये खंगालने में जुटी है कि इस ब्लास्ट का ताल्लुक उतरौला के आतंकी यूसुफ उर्फ मुस्तकीम से तो नहीं है?

तीन किमी दूर तक धमाके की गूंज सुनाई दी थी।

तीन किमी दूर तक धमाके की गूंज सुनाई दी थी।

बयानों से गुमराह करता रहा घर मालिक

यह धमाका कोतवाली नगर क्षेत्र के गदुरहवा मोहल्ले के रहने वाले मोहम्मद रजा के घर में हुआ था। इस मामले में पहले पुलिस ने सिलेंडर से विस्फोट होने की थ्योरी मीडिया को बताई। लेकिन धमाके की तीव्रता अधिक होने और मीडिया में खबरें आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने अपने ही बयान को पलटते हुए उसे बारूद का धमाका बताया था। पुलिस अधीक्षक की जांच में पता चला है मोहम्मद रजा व उसका भाई अकरम एक ही घर मे रहते थे। अकरम लाइसेंसी पटाखा व्यवसायी पाया गया। जिसने शहर के बाहर बिजलीपुर गांव में पटाखे का गोदाम दिखाकर लाइसेंस ले रखा था। लेकिन अवैध तरीके से पटाखे का भंडारण अपने शहरी क्षेत्र स्थित गदुरहवा मोहल्ले में अपने मकान में कर रखा था। जिससे यह धमाका हुआ।

 

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