दिमाग को नुकसान पहुंचाती हैं ये आदतें, भूलकर भी न करें ये गलतियां | health – News in Hindi

0
42
.

नींद कम होगी तो स्वाभाविक है इसका सीधा असर मस्तिष्क पर पड़ेगा. फिर सुबह भी जल्दी उठने के कारण नींद की कमी से शरीर और मस्तिष्क दोनों कमजोर होने लगते हैं.

हमारी दिनचर्या में कई ऐसी आदतें (Habits) शामिल हो जाती हैं जो कहीं न कहीं हमारे दिमाग (Brain) की मांशपेशियों को प्रभावित करती हैं.

    • अव्यवस्थित दिनचर्या के कारण जहां शारीरिक तकलीफें बढ़ रही हैं, वहीं मानसिक तनाव (Mental Stress) भी कम नहीं है. ऐसे हालात में हमारी दिनचर्या में कई ऐसी आदतें शामिल हो जाती हैं जो कहीं न कहीं हमारे दिमाग (Brain) की मांशपेशियों को प्रभावित करती हैं. आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही आदतों (Habits) के बारे में, जिन्हें तत्काल बदलना बेहद जरूरी है, अन्यथा आज नहीं तो कल इसका दिमाग पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.

अधिक कैलोरीयुक्त आहार लेना

myUpchar से जुड़ीं डॉ. नेहा सूर्यवंशी के अनुसार, घर में तरह-तरह की चीजें बनाकर खाने की आदतें मोटापे का कारण होती हैं. शरीर को एक निश्चित मात्रा में कैलोरी की आवश्यकता होती है. यदि इससे ज्यादा कैलोरी मिलती है तो फिर शरीर इसे पचा पाने में असमर्थ होता है, जो वसा के रूप में शरीर में जमा हो जाता है. स्वाद के चक्कर में कुछ लोग ज्यादा खा लेते हैं, जिससे मस्तिष्क पर असर पड़ता है. ज्यादा खाने से शरीर में इंसुलिन का लेवल भी बढ़ता है, जिससे डायबिटीज और मोटापा बढ़ने लगता है. इन समस्याओं की वजह से स्मरण शक्ति पर भी असर पड़ता है.मोबाइल का अधिक इस्तेमाल नुकसानदायक

आजकल मोबाइल सभी के लिए महत्वपूर्ण हो गया है. इन दिनों दिनचर्या की शुरुआत मोबाइल चलाने से होकर मोबाइल चलाने पर ही खत्म होती है. लगातार मोबाइल पर बात करना लाइफस्टाइल का एक हिस्सा बन गया है. फोन के अधिक इस्तेमाल से मस्तिष्क पर बुरा असर पड़ता है. मोबाइल से निकलने वाला रेडिएशन मस्तिष्क की कोशिकाओं का नुकसान पहुंचा सकता है. इससे नींद कम आना, दिनभर सुस्ती लगना, सिरदर्द होना, अधिक तनाव होना आदि बीमारियां हो सकती हैं.

धूम्रपान करने की गलत आदत

धूम्रपान करना या नशा करने की गलत आदतों के कारण से भी मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होती हैं. सिगरेट पीना या किसी भी तरह का नशा करने से याददाश्त कमजोर होने लगती है. अधिक नशा करने से शरीर भी कमजोर हो जाता है. किसी भी तरह का नशा शरीर को नुकसान ही पहुंचाता है. मस्तिष्क की कोशिकाएं उस नशे की आदि हो जाती है.

रात में ज्यादा समय जागना

सभी के लिए पर्याप्त नींद लेना आवश्यक होता है. बिगड़ती दिनचर्या के चलते रात में देर तक सोने की आदत हो जाती है. रात में ज्यादा समय तक टीवी, मोबाइल चलाने के कारण इसका नींद पर असर पड़ता है. इसका कारण है कि जब मस्तिष्क सोने के संकेत देता है तो उस समय सोने के बजाए दूसरे कार्य करने से नींद का समय बाधित हो जाता है. नींद कम होगी तो स्वाभाविक है इसका सीधा असर मस्तिष्क पर पड़ेगा. फिर सुबह भी जल्दी उठने के कारण नींद की कमी से शरीर और मस्तिष्क दोनों कमजोर होने लगते हैं. कुछ लोगों में तो देर रात तक जागने के कारण डिप्रेशन की समस्या भी होने लगती है. myUpchar से जुड़ीं डॉ. मेधावी अग्रवाल के अनुसार, कई लोगों को रात में नींद नहीं आना भी इसी समस्या का हिस्सा है.

शारीरिक व्यायाम नहीं करना

अधिकतर लोग शारीरिक व्यायाम पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं जिसके चलते शरीर में जड़ता आने लगती है. व्यायाम करने से शरीर के रक्त संचार में सुधार होता है. दिमाग भी ताजगी महसूस करता है. दिमाग को संतुलित रखने के लिए प्रतिदिन कम से कम 30 से 40 मिनट तक व्यायाम जरूर करना चाहिए.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, आपके किस खाने में कितनी कैलोरी हैं, 

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए Firsteyenews.co.in नही जिम्मेदार होगा।

Source link

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here