Uttar Pradesh Prayagraj Corona COVID-19 Test Kit Scam News Update; Suspended IPS Abhishek Dixit and Mahoba Superintendent of Police Manilal Patidar | प्रदेश में कोरोना किट खरीद की होगी जांच, निलंबित आईपीएस अभिषेक और मणिलाल पाटीदार की संपत्तियां भी खंगाली जाएंगी

0
131
.

  • Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Uttar Pradesh Prayagraj Corona COVID 19 Test Kit Scam News Update; Suspended IPS Abhishek Dixit And Mahoba Superintendent Of Police Manilal Patidar

लखनऊ10 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

एसआईटी का नेतृत्व अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार करेंगी, जो अपनी रिपोर्ट 10 दिन में शासन को सौंपेंगी। 

  • भाजपा विधायक देवमणि और आप पार्टी के राज्यसभा सांसद ने कोरोना किट खरीद में धांधली का उठाया था प्रकरण, जांच की मांग की थी
  • गृह विभाग ने बीते 24 घंटे में दो जिलों के निलंबित हुए पुलिस कप्तानों की संपत्ति की जांच विजलेंस के कराने का लिया निर्णय

अपनी ही पार्टी के विधायक द्वारा कोरोना किट खरीद में अनियमितता के आरोपों से घिरी योगी सरकार ने अब मामले की जांच एसआईटी से कराने का निर्णय लिया है। एसआईटी का नेतृत्व अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार करेंगी, जो अपनी रिपोर्ट 10 दिन में शासन को सौंपेंगी। सुल्तानपुर में लंभुआ विधानसभा सीट से भाजपा विधायक देवमणि द्विवेदी ने कोरोना किट में धांधली का मुद्दा उठाया था और जांच की मांग की थी। इसके बाद आम आदमी पार्टी के सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने भी योगी सरकार को घेरा था।

संजय सिंह का आरोप- 26 सौ की किट 9950 में खरीदी गई

बीते चार सितंबर को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर योगी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। उन्होंने कोरोना किट के रेट के आंकड़े रखते हुए कहा था कि, सुल्तानपुर में जिलाधिकारी ने 2600 रुपए की कोरोना किट 9950 रुपए में खरीदी। जबकि, ऑनलाइन खरीदने पर ऑक्सीमीटर की कीमत 800 रुपए, थर्मामीटर की कीमत 1800 रुपए है। प्रदेश सरकार कोरोना संक्रमण से लड़ने में पूरी तरह फेल है। प्रदेश सरकार के दो मंत्री, अधिकारी, कई स्वास्थ कर्मचारी और पत्रकार भी कोरोना संक्रमण से अपना जीवन गंवा चुके हैं और इस भीषण कोरोना काल में भी योगी सरकार भ्रष्टाचार के नए-नए अवसर तलाश रही है। संजय सिंह ने सुल्तानपुर, गाजीपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में कोविड किट खरीदने को सीबीआई डायरेक्टर को पत्र लिखकर जांच कराने की मांग की थी।

सांसद ने कहा- एसआईटी से जांच कराना हास्यास्पद, सीबीआई से हो

सांसद संजय सिंह ने योगी सरकार द्वारा जांच के निर्णय पर ही सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के घोटाले की जांच निष्पक्षता के साथ सरकार के ही अधिकारी नहीं कर सकते। वह आज भी अपनी पुरानी मांग पर कायम हैं और इस भ्रष्टाचार और घोटाले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि रामराज का दावा करने वाली योगी सरकार ने चिकित्सीय उपकरणों की खरीद में 100-200 नहीं, बल्कि 500 फीसदी का घोटाला किया है।

दो आईपीएस अफसरों की संपत्ति की होगी जांच

वहीं, दूसरी तरफ भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित किए गए प्रयागराज और महोबा के पुलिस कप्तानों की संपत्तियों की विजिलेंस जांच के निर्देश दिए गए हैं। इन अधिकारियों की अनियमितता में शामिल पुलिसकर्मियों की अलग से पुलिस महानिदेशक जांच करवाएंगे। दरअसल, बीते 24 घंटे के भीतर योगी सरकार ने प्रयागराज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक दीक्षित और महोबा के पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार पर भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते उन्हें निलंबित कर दिया था। अब गृह विभाग ने दोनों निलंबित पुलिस कप्तानों की संपत्तियों की विजिलेंस जांच कराने का निर्णय लिया है।

0

Source link

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here