World Suicide Prevention Day 2020: आत्महत्याएं रोकने के लिए ऐसे आगे आएं, अपनापन बांटें | health – News in Hindi

0
44
.

आत्महत्या को रोकने के लिए करें ये जरूरी प्रयास

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस २०२० ( World Suicide Prevention Day 2020/WSPD): हर व्यक्ति किसी न किसी परेशानी से गुजरता है, ऐसे में सामान्य आदमी को उसके पास रहते हुए उस तनाव (Depression) को कम करने का प्रयास करना चाहिए.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 10, 2020, 11:26 AM IST

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस २०२० ( World Suicide Prevention Day 2020/WSPD): जीवन अनमोल है, इसे संजीदगी से जीना चाहिए. कहा तो यह भी जाता है कि जीवन एक बार मिलता है, इसमें कुछ ऐसा करना चाहिए जिसे कई सालों तक याद किया जाए. इसके उलट हर साल बड़ी संख्या में लोग आत्महत्या कर इस खूबसूरत जीवन को समाप्त कर देते हैं. देश के भविष्य का नुकसान होने के अलावा परिवार और करीबी लोगों का भी भारी नुकसान होता है. इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए हर साल 10 सितम्बर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (World Suicide Prevention Day) मनाया जाता है. आज विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें : सुशांत सिंह राजपूत डिप्रेशन में थे? ये हेल्पलाइन नंबर्स करेंगे आपकी मदद…

आत्महत्या के मामले समाज के हर तबके में देखने को मिलते हैं. इसमें हर वर्ग और हर धर्म के लोग शामिल होते हैं. समाज और सरकार को मिलकर इसे रोकने के लिए आगे आना होगा. आत्महत्या की प्रवृत्ति एक नासूर बनती जा रही है जिसे रोकना काफी जरूरी है. इससे पहले कि सब खत्म हो जाए और इसमें देरी हो जाए, इसे रोकने के लिए आगे आना होगा. आत्महत्या (Suicide) रोकने के लिए जरूरी कुछ कारक इस लेख में बताए गए हैं.

व्यक्ति की बातों को समझेंअगर कोई व्यक्ति अपनी पुरानी यादगार बातों का जिक्र बार-बार कर रहा है और उन्हें याद करते हुए भावुक होता है, तो सामने वाले को यह समझना जरूरी है कि कुछ गड़बड़ जरुर है. ऐसी स्थिति में उसके मन की बात सुनने के अलावा उचित सलाह देते हुए जीवन के मूल्यों को समझाना चाहिए.

इसे भी पढ़ें : World Suicide Prevention Day 2020: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस, जानें इस बार की थीम

तनाव मुक्त माहौल तैयार करें
हर व्यक्ति किसी न किसी परेशानी से गुजरता है, ऐसे में सामान्य आदमी को उसके पास रहते हुए उस तनाव (Depression) को कम करने का प्रयास करना चाहिए. शांत माहौल में रहने से मानसिक स्थिति में परिवर्तन जरुर देखने को मिलता है.

मानसिक बीमार लोगों का उचित इलाज
आत्महत्या के सबसे ज्यादा मामले मानसिक रूप से बीमार लोगों में देखने को मिलते हैं. ऐसे में जरूरत उचित इलाज मिलने की है. कई बार मानसिक हालत खराब होने के बाद व्यक्ति को छेड़ने या दुत्कारने की घटनाएं देखने को मिलती है. इससे उसकी मानसिकता पर समाज और लोगों के प्रति एक नकारात्मकता का भाव आता है और अंत में वह जीवन समाप्त करने की सोचता है. ऐसे लोगों की पहचान कर इलाज मुहैया कराने से आत्महत्या की रोकथाम की जा सकती है.

जागरूकता कार्यक्रम
आत्महत्या रोकथाम जागरूकता कैम्प से इसे रोकने के प्रयास होने चाहिए. इसमें हर तबके के लोगों को शामिल कर समय-समय पर अभियान चलाते हुए इसे रोक सकते हैं. इससे लोगों के मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और एक बार जीवन की परिभाषा समझ में आने के बाद मनुष्य कभी इस रस्ते पर चलने के बारे में नहीं सोचेगा.

समाज से दूर रहने वालों को अपना समझना
कुछ लोग असंतोष की कई बातें करते हुए समाज और अपने लोगों से काफी दूर जाने का प्रयास करते हैं और अंत में उनकी आत्महत्या की खबर सामने आती है. ऐसे व्यक्तियों को अपना और अपनत्व की अहमियत समझाने का प्रयास करते हुए एक उचित जगह देनी चाहिए. इससे मन में भरी हुई नकारात्मक भावनाएं सकारात्मक होंगी और आत्महत्या का विचार मन में नहीं आएगा.



Source link

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here