Corona Test in UP: योगी सरकार सख्त, निजी लैब ने अब इससे ज्यादा लिया शुल्क तो होगी सख्त कार्रवाई

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Corona Test UP Yogi government strict private lab charged
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लखनऊ. कोरोना काल में मरीजों से लूट घसोट कर रहे निजी अस्पतालों पर योगी सरकार बेहद सख्त नजर आ रही है। इसी कड़ी में यूपी सरकार ने कोरोना मरीजों से जुड़ी समस्याओं को लेकर शुल्क निर्धारित कर दिया है। अगर इसके बाद भी कोई अस्पताल तय शुल्क से ज्यादा राशि लेता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

योगी सरकार ने प्राइवेट लैब में कोरोना टेस्ट के लिए लगने वाले शुल्क को कम कर दिया है. अब निजी लैब केवल 1600 रुपये ही वसूल सकेंगे, जबकि पहले यह राशि 2500 रुपये थी.

निजी लैब द्वारा 1600 रुपये से ज्यादा शुल्क वसूलने पर होगी सख्त कार्रवाई

सरकार ने कहा है कि यदि प्राइवेट लैब निर्धारित शुल्क से ज्यादा वसूलते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि यदि निजी लैब द्वारा 1600 रुपये से ज्यादा शुल्क वसूलने की शिकायत मिलती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद के अनुसार निजी अस्पतालों के लिए सभी सुविधाओं को शामिल करते हुए एक पैकेज तय किया गया है।
इसमें कोविड केयर प्रोटोकाल के मुताबिक इलाज देने के लिए बेड, भोजन, नर्सिंग केयर, देखरेख, इमेजिंग, जांचें और डॉक्टर विजिट शामिल की गई है। पैकेज में डायबिटीज मरीजों के इलाज और हीमो डायलिसिस की सुविधा भी शामिल है। इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है।

शासनादेश के अनुसार, आरटीपीसीआर टेस्ट और आईएल-6 टेस्ट को दर निर्धारण में शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा प्रयोगात्मक इलाज के रूप में शामिल रैमडेसिविर दवा शामिल नहीं है। गर्भवती महिलाओं का प्रसव, नॉर्मल या सीजेरियन, नवजात के इलाज पर होने वाले खर्च को अस्पताल आयुष्मान भारत योजना की दर पर अलग से ले सकता है, लेकिन योजना में शामिल मरीजों से प्रसव से संबंधित इलाज में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

योगी सरकार ने निजी अस्पतालों के लिए शुल्क तय किया

आइसोलेशन बेड

ऑक्सीजन व अन्य सुविधाओं के साथ प्रतिदिन की दर NABH अस्पताल के लिए 10 हजार रुपये और Non NABH अस्पताल के लिए 8 हजार रुपये निर्धारित की गई है।

ICU बेड

बिना वेंटिलेटर के लिए प्रतिदिन की दर NABH अस्पताल के लिए 15 हजार रुपये और Non NABH अस्पताल के लिए 13 हजार रुपये तय की गई हैं। इस श्रेणी में हाइपरटेंशन एवं अनियंत्रित डायबिटीज से पीड़ित मरीज भी शामिल हैं।

ICU बेड वेंटिलेटर सहित

NABH अस्पताल में प्रतिदिन 18 हजार और Non NABH अस्पतालों के लिए 15 हजार रुपये निर्धारित है। इस श्रेणी में हाई फ्लो नोजल कैनुला और बाईपेप की जरूरत वाले रोगियों का इलाज भी शामिल है।

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