Jyoti Sharma UPSC Third Topper Interview; Up Public Service Commission Exam Third Topper Jyoti Sharma Speaks To Dainik Bhaskar | भ्रष्टाचारी अफसर की करतूत ने सिविल सर्विस एग्जाम देने का जज्बा दिया, सबक सिखाने के लिए अब पोस्टिंग का इंतजार

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लखनऊ3 घंटे पहले

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अयोध्या के मिल्कीपुर के बीडीओ (ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर) के पद पर तैनात ज्योति शर्मा ने यूपी लोक सेवा आयोग 2018 में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

  • अयोध्या के मिल्कीपुर में बीडीओ के पद पर तैनात ज्योति शर्मा ने यूपी लोक सेवा आयोग-2018 में पाया तीसरा स्थान
  • पिता यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पद तैनात, मां गृहणी, भाई नेशनल बालीबॉल प्लेयर और बहन साइंटिस्ट

अयोध्या के मिल्कीपुर ब्लॉक में बीडीओ (ब्लॉक डेवलेपमेंट ऑफिसर) के पद पर तैनात ज्योति शर्मा ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग-2018 के परिणाम में तीसरा स्थान हासिल किया है। यह उनका दूसरा प्रयास था। ज्योति कहती हैं कि मैं एक ऐसे अफसर को जानती हूं कि जो जिले स्तर पर तैनात रहते हुए जनता के हित में अच्छा काम कर सकते थे। लेकिन, उनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के मामला प्रदेश का चर्चित मामला बना। मैं उस अफसर को अच्छे से जानती थी। यह बात मुझे भीतर से झकझोर गई। तभी मैंने ठान लिया कि अब मुझे सिविल सर्विसेज के जरिए तैनाती पाकर उस अफसर को सबक सिखाना है। आज मैंने उस दिशा में पहला पड़ाव पार कर लिया है। अब मेरा लक्ष्य आईएएस बनने का है।

ज्योति वर्तमान में बीडीओ के पद पर तैनात हैं।

ज्योति वर्तमान में बीडीओ के पद पर तैनात हैं।

पिता की वर्दी ने मुझे हर पल गर्व महसूस कराया
ज्योति शर्मा मूलत: मथुरा जिले की रहने वाली हैं। उनकी पढ़ाई लखनऊ में हुई है। पिता देवेंद्र शर्मा उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल हैं। ज्योति अपने पिता को आइडियल मानती हैं। कहती हैं कि वे अक्सर घर देर रात आते हैं। सुबह जल्दी चले जाते हैं। उनका एक ही मकसद होता है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद कर सकें। उनका यह जज्बा देकर मुझे गर्व होता है। छोटी बहन कीर्ति साइंटिस्ट है और छोटा भाई दीपक बॉलीवॉल का नेशनल प्लेयर है। अगर साइंटिस्ट बनती तो एक सीमित दायरे में रहकर नौकरी करती रहती, लेकिन सिविल सर्विसेज के जरिए नौकरी मिलती है तो ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद कर सकती हूं। इसलिए सिविल सर्विसेज के एग्जाम की तैयारियां शुरू की थी।

परिवार के साथ ज्योति।

परिवार के साथ ज्योति।

एग्जाम के समय मम्मी-पापा ने रखा पूरा ध्यान

ज्योति बताती हैं कि साल 2017 में सिविल सर्विसेज का पहला एग्जाम दिया था। तब मेरा सेलेक्शन बीडीओ के पद पर हुआ था। जिसके बाद मेरी पहली पोस्टिंग अगस्त माह में मिल्कीपुर के ब्लाक में हुई। यह मेरा दूसरा प्रयास है। जिसके बाद मेरा सेलेक्शन एसडीएम के पद पर हुआ है। मेरी तीसरी रैंक मिली हैं। मेरे माता-पिता ने कभी मुझे किसी काम करने से नहीं रोका-टोका। एग्जाम के समय मैं अपने बाल तक नहीं बनाती थी। मेरे पापा मेरे बालों में तेल लगाते थे। मां मेरे बाल बांध दिया करती थीं। एग्जाम के दौरान मैं समय पर खाना नहीं खाती थी। तब पिता सेब काट दिया करते थे। दलिया बनाकर दे दिया करते थे। मेरे सेलेक्शन का पूरा श्रेय मेरे माता-पिता को ही जाता है।

परिवार के साथ ज्योति।

परिवार के साथ ज्योति।

पिता ने कहा- मैंने शुरू से बेटी को आगे बढ़ाया

पिता देवेंद्र शर्मा बताते हैं मैंने शुरू से ही बेटी को तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। पहले प्रयास में ही बेटी का सेलेक्शन बीडीओ के पद पर हुआ था। तब वह थोड़ा निराश हुई थी। तब मैंने समझाया था कि अभी तुम्हारी उम्र बहुत है, अभी बहुत से मौके हैं।

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