sharad pawar’s u-turn on kangana office sabotage, says – bmc complied with the rule : कंगना के दफ्तर में हुई तोड़फोड़ पर शरद पवार का यू-टर्न, बोले

0
54
.

हाइलाइट्स:

  • एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने बीएमसी की कार्रवाई को सही बताया है
  • शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार का इसमें कोई रोल नहीं है
  • इससे पहले उन्होंने बीएमसी की कार्रवाई को गैरजरुरी बताया था

मुंबई
मुंबई में अभिनेत्री कंगना रनौत के दफ्तर पर बीएमसी के ऐक्‍शन की हर तरफ आलोचना हो रही है। महाराष्‍ट्र में सत्ताधारी गठबंधन के साझीदार एनसीपी के चीफ शरद पवार ने अब कहा है कि इस पूरे मामले में महाराष्ट्र सरकार का कोई रोल नहीं है। यह निर्णय बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने लिया था। बीएमसी ने अपने नियमों का पालन किया। इससे पहले पवार ने कहा था कि कंगना के दफ्तर में तोड़फोड़ संबंधी बीएमसी का ऐक्‍शन गैर जरूरी है, लेकिन अब वह अपने बयान से पलट गए हैं। दूसरी ओर, कंगना का कहना है कि वह जिस इमारत में रहती हैं, वह शरद पवार से संबंधित है।

इससे पहले पवार ने कहा था कि कंगना के बयानों को बिना वजह ही महत्व दिया जा रहा है। लोग उनकी टिप्पणियों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि इस सप्ताह के शुरू में मिली धमकी को वह गंभीरता से नहीं लेते हैं।

कंगना के ‘पाक’ वाले बयान पर क्या बोले पवार
पवार ने कहा था कि हम ऐसे बयान देने वालों को अनुचित महत्व दे रहे हैं। हमें देखना होगा कि लोगों पर इस तरह के बयानों का क्या प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘मेरी राय में, लोग (ऐसे बयानों को) गंभीरता से नहीं लेते हैं।

कंगना रनौत के दफ्तर पर बुलडोजर चलना कितना सही, NBT ऑनलाइन पोल में 92% से ज्यादा वोटरों ने कहा- बदले की भावना

‘कोई मेरे नाम पर एक इमारत का नाम रखे’
इससे पहले कंगना रनौत ने कहा था कि वह जिस इमारत में रहती हैं, वह शरद पवार से संबंधित है। ऐसे में कहा गया है कि अभिनेत्री का इशारा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख की ओर था। इस बीच, रनौत के दावे को लेकर जब संवाददाताओं ने पवार से सवाल किया तो उन्होंने इसे खारिज कर दिया। पवार ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, ‘यह मेरी इच्छा है कि कोई मेरे नाम पर एक इमारत का नाम रखे।

NCP नेता जयंत पाटील ने कहा पब्लिसिटी के लिए बयानबाजी कर रहीं कंगना

हाई कोर्ट में चल रहा मामला
शिवसेना के नियंत्रण वाली बीएमसी ने बुधवार सुबह कंगना के दफ्तर पर ‘अवैध निर्माण’ को गिराने की कार्रवाई शुरू की थी। हालांकि इसके कुछ ही देर बाद अदालत से कंगना को राहत मिल गयी थी और बीएमसी की कार्रवाई पर रोक लगा दी गयी। कंगना के वकील का दावा है कि बीएमसी की कार्रवाई में करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बीएमसी की कार्रवाई का मामला हाई कोर्ट में है।

श‍िवसेना पर फिर बरसीं कंगना रनौत, सोनिया गांधी की चुप्‍पी पर भी उठाए सवाल

.

.

Source link

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here