politics News : महाराष्ट्र विधान परिषद के नामित सदस्यों की नियुक्ति पर बोले राज्यपाल कोश्यारी, सरकार नाम ही नहीं भेजती तो मैं क्या करूं – ‘what should i do if the government does not send the name itself’

0
46
.
विशेष संवाददाता, मुंबई
विधान परिषद में राज्यपाल नामांकित 12 सदस्यों की नियुक्ति पर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने साफ कहा कि अब सरकार ही नाम नहीं भेजती तो वे क्या करें? उन्होंने कहा कि यहां स्थिति ‘मुद्दई सुस्त, गवाह चुस्त’ वाली है, जिनको नाम भेजना है, वे नाम ही नहीं भेज रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि सरकार से उनका किसी तरह का कोई टकराव नहीं है। जो सलाह मांगता है उसे सलाह देता हूं और जो नहीं मानता, उसे नहीं देता। फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के घर तोड़ने पर राज्यपाल की नाराजगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं नाराज नहीं हूं और इस मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।

महाराष्ट्र का राज्यपाल बने हुए भगत सिंह कोश्यारी को 5 सितंबर को एक साल पूरे हो गए। अपने एक साल के कार्यकाल की एक पुस्तक ‘जनराज्यपाल’ का विमोचन शुक्रवार को उन्होंने राजभवन में किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस एक साल में उन्होंने महाराष्ट्र के 36 जिलों में से 20 जिलों का दौरा किया है। यह कोरोना जैसी आपदा आ गई, अन्यथा वे अपने दौरे को और आगे बढ़ाते।

कोश्यारी ने कहा, मैं घुमंतू प्रवृत्ति का आदमी हूं। एक साल में 225 से अधिक कार्यक्रमों में शामिल हुआ। कोल्हापुर विश्वविद्यालय में जब मैं गया तो वहां के लोगों ने मुझे बताया कि 16 साल बाद कोई राज्यपाल आया है। इस पर मुझे बहुत आश्चर्य हुआ कि इतने वर्षों तक इस विश्वविद्यालय का कोई कुलाधिपति यहां क्यों नहीं आया। मैं गडचिरोली व नंदुरबार के दूर दराज के गांवों में गया। रात वहां ठहरा भी। राजभवन के जनसंपर्क अधिकारी उमेश काशीकर ने कहा कि यह पुस्तक राजभवन की वेबसाईट पर भी उपलब्ध कराई गई है। काशीकर ने कहा कि मैं लंबे समय से राजभवन में हूं पर राज्यपाल कोश्यारी की सक्रियता काबिले तारीफ है। पहले पांच से सात लोग राज्यपाल से मुलाकात करने राजभवन आते थे, पर अब प्रतिदिन 50 से 60 लोग मुलाकात करने आते हैं।

किसानों को मदद
राज्यपाल ने अपने एक साल के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे ही मैं महाराष्ट्र में राज्यपाल के तौर पर आया। यहां अतिवृष्टि से किसानों का भारी नुकसान हुआ था। विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो गई, जिसकी वजह से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ा। मेरी हालत सिर मुडाते ही ओले पड़ने वाली हो गई। इस दौरान सरकारी खजाने की हालत ठीक नहीं होने के बाद भी मैंने किसानों के लिए 8,000 करोड़ की राहत राशि घोषित की और किसानों को तुरंत राहत राशि बांटने का निर्देश दिया।

‘किसी के काम में हस्तक्षेप नहीं करता’
राज्यपाल ने कहा कि आए दिन मैं सुनता हूं कि सरकार के साथ राज्यपाल का टकराव है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। मैं किसी के काम में हस्तक्षेप नहीं करता। उद्धव जी से मेरी बात होती रहती है। वे सज्जन व्यक्ति हैं। उद्धव ठाकरे मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान शपथ लेते नेताओं के नाम लेने पर मंत्रियों को टोकने के मसले पर राज्यपाल ने कहा कि इसको लेकर नियम बनाया जाना चाहिए। मंत्रियों को मेरा टोकना कुछ लोगों को अच्छा नहीं लगा था, पर मैं सही बात बोलने से नहीं हिचकता। उप राष्ट्रपति ने भी उनकी बात को सही पाया। उन्होंने मुझे पत्र भी लिखा है।

एनबीटी का अंतर्ज्ञान रोज पढ़ते हैं राज्यपाल
एक साल के कार्यकाल पुस्तक का विमोचन करते हुए राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने कहा कि वे रोज सुबह ‘एनबीटी’ पढ़ते हैं। एनबीटी के अंतर्ज्ञान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मैं उसे रोज पढ़ता हूं। उन्होंने आगे कहा कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए आपकी इच्छाशक्ति मजबूत होनी चाहिए। अगर आपने मन में ठान लिया है, तो उसे हासिल करके रहेंगे।

Source link

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here