चीनी मिलों ने किसानों के 62,591 करोड़ रुपये चुकाए, अब 13,000 करोड़ का भुगतान बाकी | lucknow – News in Hindi

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केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया कि चीनी मिलों पर गन्‍ना किसानों के करीब 13 हजार करोड़ रुपये बकाया हैं.

खाद्य व उपभोक्‍ता मामलों के राज्‍यमंत्री डीआर दादाराव (MoS DR Dadarao) ने संसद को बताया कि चीनी मिलों (Sugar Mills) पर किसानों का सत्र 2019-20 का 75,585 करोड़ रुपये बकाया (Dues) था. इसमें से गन्‍ना किसानों (Cane Farmers) को 11 सितंबर 2020 तक 62,591 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 15, 2020, 10:25 PM IST

नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) के दौरान बताया कि चीनी मिलों (Sugar Mills) ने गन्‍ना सत्र 2019-20 के लिए बकाया 75,585 करोड़ रुपये में से किसानों को 62,591 करोड़ रुपये का भुगतान (Paid to Cane Farmers) कर दिया है. अब 11 सितंबर 2020 तक चीनी मिलों पर गन्‍ना किसानों का सिर्फ 13,000 करोड़ रुपये बकाया है. खाद्य व उपभोक्‍ता मामलों के राज्‍यमंत्री डीआर दादाराव (MoS DR Dadarao) ने लोकसभा में दिए लिखित जवाब में कहा कि अब चीनी मिलों पर किसानों के कुल 12,994 करोड़ रुपये बकाया हैं. बता दें कि गन्‍ना सत्र अक्‍टूबर में शुरू होता है.

चीनी मिलों पर किसानों का बकाया हैं कुल 15,683 करोड़ रुपये
दादाराव ने संसद के निचले सदन को बताया कि चीनी मिलों पर मार्केटिंग सीजन 2018-19 (अक्‍टूबर-सितंबर) का 548 करोड़ रुपये, 2017-18 का 242 करोड़ और 2016-17 का 1,899 करोड़ रुपये बकाया है. इस तरह चीनी मिलों पर अब तक गन्‍ना किसानों के कुल 15,683 करोड़ रुपये बाकी (Total Outstanding) हैं. उन्‍होंने बताया, ‘उत्‍तर प्रदेश सरकार की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, बजाज हिंदुस्‍तान (Bajaj Hundustan) की 14 मिलों पर सुगर सीजन 2019-20 के लिए किसानों का 5,339 करोड़ रुपये बकाया हैं. इनमें से 2,378 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है यानी कंपनी पर गन्‍ना किसानों का 2,961 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है.’

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राज्‍यमंत्री दादाराव ने कहा कि चीनी मिलों की ओर से गन्‍ना किसानों को भुगतान करने की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है. हालांकि, पिछले सत्र में चीनी के बंपर उत्‍पादन (Surplus Sugar Production) के कारण कीमतों पर काफी बुरा असर पड़ा. इससे चीनी मिलों के सामने नकदी संकट पैदा हो गया था. इससे चीनी मिलों पर किसानों का बकाया बढ़ता चला गया. उन्‍होंने कहा कि चीनी मिलों की माली हालात सुधारकर किसानों के बकाया भुगतान में मदद के लिए केंद्र सरकार ने पिछले तीन चीनी सत्रों के दौरान कई अहम कदम उठाए. चीनी मिलों को निर्यात में मदद की गई. बफर स्‍टॉक के रखरखाव में सरकार ने चीनी मिलों की मदद की. वहीं, बकाया भुगतान के लिए चीनी मिलों को बैंकों से लोन दिलाया गया.

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यूपी में चीनी मिलों को बकाया भुगतान का नोटिस जारी किया गया
नियमों के मुताबिक, गन्‍ना मिल तक पहुंचने के 14 दिन के भीतर किसानों को उसका भुगतान किया जाना चाहिए. किसानों को बकाया भुगतान दिलाने के लिए इसका इस्‍तेमाल करने का अधिकार राज्‍य सरकारों के हाथ में है. इसी के तहत उत्‍तर प्रदेश (UP) के गन्‍ना आयुक्‍त (Cane Commissioner) ने बजाज ग्रुप की 14 मिलों समेत सभी शुगर मिलों को किसानों का बकाया भुगतान करने के लिए नोटिस जारी किया. राज्‍यमंत्री दादाराव ने संसद के निचले सदन को बताया कि उत्‍तर प्रदेश के बस्‍ती जिले में रुदौली की शुगर मिल के खिलाफ गन्‍ना आयुक्‍त ने रिकवरी का आदेश (Recovery Certificate) भी जारी किया.



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