After recovering from Corona, the businessman came to the commissioner and told the hospital the condition of the hospital, said – kept in an ambulance for two and a half hours before admitting, the treatment started when the money came from America. | कमिश्नर से मिलकर लोगों ने बताया अस्पताल का हाल, कहा- एडमिट करने से पहले ढाई घंटे तक एंबुलेंस में ही रखा, अमेरिका से पैसा आया तो शुरू हुआ इलाज

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वाराणसी19 घंटे पहले

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अस्पतालों में हो रह लापरवाही और धन उगाही को लेकर कमिश्नर से मिला व्यवासाइयों का प्रतिनिधिमंडल।

  • व्यावासायी ने कहा कि ढाई घंटे पड़ा रहा एम्बुलेंस में, डॉक्टर तो कभी आए ही नहीं
  • अस्पताल के सीसीटीवी को जरूर देखना चाहिए, बेटे ने अमेरिका से पैसा भेजा

देश ही नहीं दुनियाभर में कोरोना का आतंक फैला हुआ है। इस बीच निजी और सरकारी अस्पतालों में कोरोना के नाम पर धन उगाही और मनमानी का खेल जारी है। वाराणसी में पंडित कमला पति त्रिपाठी फाउंडेशन ने मंगलवार को मैदागिन स्थित मेडविन अस्पताल में मरीजों से पैसों की उगाही और इलाज ठीक से न किये जाने को लेकर कमिश्नर दीपक अग्रवाल से मुलाकात की और निजी और सरकारी अस्पतालों में बरती जा रही लापरवाही को लेकर बातचीत की। इस दौरान कमिश्नर ने उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस दिशा में कारगर कदम उठाया जाएगा।

नदेसर के फर्नीचर व्यवसायी आनंद मिश्रा जो खुद कोविड पॉजिटिव थे और अस्पताल की दुर्व्यवस्था में किसी तरह मौत से जंग लड़कर जीत कर ठीक हुए। उन्होंने कमिश्नर से अपनी आपबीती बताई। कमिश्नर ने बताया मामला काफी गम्भीर हैं, निश्चित मामले को देखा जाएगा।

आनंद मिश्रा ने बताया कि जब वो एडमिट होने 22 जुलाई को गए तो ढ़ाई घंटे एम्बुलेंस में ही थे।अस्पताल वाले रात आठ बजे तीन लाख रुपए की डिमांड की। छोटे बेटे ने कहा चालीस हजार जमा कर लीजिए, सुबह पैसा दे देंगे। नहीं मानने पर बड़े बेटे ने अमेरिका से ऑनलाइन दो लाख रुपए ट्रांसफर किए। मेरे से कुछ दूरी पर दूसरे मरीज को प्लाज्मा चढ़ना था, प्लाज्मा लेकर भी अस्पताल वालों ने नहीं चढ़ाया।

दस दिन रहा एक भी डॉक्टर देखने नहीं आया
10 दिनों में मुझे कोई भी डॉक्टर देखने नहीं आया। प्राइवेट वार्ड कहकर जनरल की तरह रखा गया। एक दिन मुझे डीप चढ़ाया गया। मैं इतना नशे में हो गया कि बेड से कब नीचे आ गया पता ही नहीं चला। मुझे कंपाउंडर तक ने नहीं छुआ।

रेट जो अस्पतालों के लिए रखा गया है
कोविड-19 अंतर्गत मॉडरेट सिकनेस वाले मरीजों का अस्पताल में इलाज के लिए पीपीई किट सहित चार्ज 10,000 रुपए, नॉन एनएबीएच एक्रिडेटेड हॉस्पिटल में इलाज के लिए पीपीई किट सहित चार्ज 8000 रुपये निर्धारित किया गया है। वेंटिलेटर वाले आईसीयू की आवश्यकता है, उनके लिए एनएबीएच एक्रिडेटेड हॉस्पिटल में इलाज के लिए पीपीई किट सहित चार्ज 18,000 रुपए तथा नॉन एनएबीएच एक्रिडेटेड हॉस्पिटल में पीपीई किट चार्ज सहित 15,000 रुपए रखा गया है।

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