अयोध्या के पौराणिक कुंडों का विकास करेगी केंद्र और राज्य सरकार, 70 करोड़ आएगा खर्च

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अयोध्या. राम नगरी अयोध्या (Ayodhya) के चतुर्मुखी विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार (State Government) लगातार प्रयासरत है. राम की पैड़ी गुप्तार घाट के सौंदर्यीकरण के बाद अब केंद्र और राज्य सरकार विलुप्त हो चले या जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़े पौराणिक कुंडों का जीर्णोद्धार करवाने जा रही है. केंद्र सरकार का पर्यटन विभाग (Tourism Department) और राज्य सरकार द्वारा लगभग 70 करोड़ रुपए से अयोध्या के कुंडों का विकास करेगी. इसके लिए नोड अर्बन लैब को प्रोजेक्ट बनाने का निर्देश दिया गया है. इस प्रोजेक्ट को लेकर मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में एक बैठक संपन्न हो चुकी है जिसमें अयोध्या के विलुप्त हो रहे हैं या जीर्ण शीर्ण अवस्था में पड़े पौराणिक गुंडों के विकास के लिए मंथन किया गया.

बैठक में इस योजना का प्रस्तुतिकरण भी किया गया. नोड अर्बन लैब संस्था कुंडों के विकास के लिए अनेक योजना बना रही है. संस्था स्थानीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों से मिलकर और मौके पर निरीक्षण कर अंतिम रूप देगा. अयोध्या के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक चरण में दशरथ कुंड, अग्नि कुंड, सीता कुंड, विद्या कुंड, गणेश कुंड और हनुमान कुंड का प्रस्ताव बनाया गया है. इसको और विस्तृत किए जाने के लिए अन्य कुंडों को भी शामिल किया जाएगा.

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उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य विरासत की विकास को महत्व देना, राम राज्य के मुख्य भाव को लेते हुए विकास करना और पर्यटन विकास हेतु गुप्तार घाट से नया घाट तक के विकास के कार्यों को महत्व देना. यही नहीं अयोध्या धाम के मुख्य स्थानों को पूर्ण विकसित करने को भी प्राथमिकता देने की योजना है ताकि टूरिस्ट पर्यटन केंद्र मानकर उस स्थान पर जरूर पहुंचे.

विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने बताया कि सरकार की मंशा है कि अयोध्या को पर्यटन केंद्र बनाकर अयोध्या को एक नई दिशा दी जाए ताकि दूर दराज से पर्यटक अयोध्या पहुंचे और पौराणिक स्थलों का भ्रमण कर उसके इतिहास के बारे में जान सके.

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