अमेरिका में हाहाकार, वैज्ञानिकों ने नहीं दी थी हेल्थ डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर कोरोना टेस्ट संबंधी सलाह, व्हाइट हाउस की टास्क फोर्स पर गहराया शक

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America scientists did not advice corona test health department website
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वर्ल्ड डेस्क. अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव प्रचार जारी है। Coronavirus की रोकथाम और संभावित वैक्सीन को लेकर राष्ट्रपति Donald Trump और डेमोक्रेट उम्मीदवार Joe Biden (जो बिडेन) जुबानी जंग में उलझे हैं। ट्रम्प बचाव की मुद्रा में हैं तो बाइडेन का रुख हमलावर है। इस बीच, यूएस सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल (सीडीसी) की वेबसाइट पर जारी कोरोना टेस्ट संबंधी जानकारी और गाइडलाइन्स को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। यह गाइडलाइन्स पिछले महीने पोस्ट की गईं थीं।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, गाइडलाइन्स जारी और पोस्ट करने का सीडीसी के वैज्ञानिकों ने विरोध किया था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर सीडीसी के साइंटिस्ट इनके गाइडलाइन्स के पक्ष में नहीं थे तो वेबसाइट पर ये पोस्ट कैसे हो गईं।
गोपनीय दस्तावेज सामने आए

रिपोर्ट के मुताबिक, सीडीसी साइंटिस्ट इन गाइडलाइन्स को जारी करने का विरोध कर रहे थे। गाइडलाइन्स में बताया गया कि किन लोगों को कोरोना टेस्ट कराना चाहिए और किन लोगों को इसकी जरूरत नहीं है। संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं और टेस्टिंग बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है आखिर किसके कहने पर ये गाइडलाइन्स जारी की गईं थीं।

गाइडलाइन्स में कहा गया था- उन लोगों को टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है, जिनमें संक्रमण के लक्षण नहीं हैं। भले ही वे संक्रमितों के संपर्क में आए हों। सीडीसी डायरेक्टर रॉबर्ट रेडफील्ड ने खुद इन गाइडलाइन्स को देखा था। रिपोर्ट के मुताबिक, डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ और ह्यूमन सर्विस के अफसरों ने ये गाइडलाइन्स सीडीसी की वेबसाइट पर पोस्ट की थीं। एजेंसी ने इनका रिव्यू नहीं किया था।

टास्क फोर्स पर गहराया शक

मामले से तीन पक्ष जुड़े हैं। हेल्थ और ह्यूमन सर्विस (एचएचएस), सीडीसी और कोरोनावायरस टास्क फोर्स। टास्क फोर्स व्हाइट हाउस यानी राष्ट्रपति को सीधे रिपोर्ट करती है। चूंकि, चुनावी दौर है। इसलिए, शक की सुई उसी तरफ घूम रही है। मामले ने तूल पकड़ा तो डिपार्टमेंट एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

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