मलमास 2020: आज से शुरू हो रहा है अधिकमास, हिंदू मान्यताओं के अनुसार, जानिए क्या है इसका महत्व ?

0
107
MALMAS 2020 Starting from today Hindu beliefs importance
.

धर्म डेस्क. आज से अधिकमास शुरू हो चुका है, इसे मलमास (Adhik Maas), पुरुषोत्तम मास के नामों से भी जाना जाता है। अधिक मास (Adhik Maas) में कुछ नियम भी बताए गए हैं, इन नियमों का पालन करने से अधिक मास (Adhik Maas) में भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

शास्त्रों के अनुसार मनुष्य को पुण्य लाभ कमाने के लिए अधिमास की व्यवस्था की गई है। हालांकि अधिकमास में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। लेकिन धार्मिक अनुष्ठान कथा आदि के लिए यह महिना उत्तम माना जाता है।

हिंदू मान्याताओं के अनुसार, मलमास (Adhik Maas) में भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। माना जाता है कि इस महीने में जितना हो सकें दान-पुण्य करना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि मलमास (Adhik Maas) में किए गए दान, पूजा-पाठ और व्रत का कई गुना फल मिलता है। इन दिनों में भागवत पुराण का भी विशेष पाठ किया जाता है। कहते हैं कि अधिक मास (Adhik Maas) में भगवान विष्णु की सत्यनारायण की कथा करनी चाहिए।

क्या न करें

हिन्दू शास्त्रों के अनुसार अधिक मास (Adhik Maas) में सभी तरह के शुभ कार्य जैसे– शादी, सगाई, गृह प्रवेश, नए गृह का निर्माण आदि वर्जित होते हैं। क्योंकि इस समय सूर्य गुरु की राशियों में रहता है जिसके कारण गुरु का प्रभाव कम हो जाता है। बता दें कि यह मास तीन साल में एक बार आता है।

दान का महत्व

अधिक मास (Adhik Maas) में दान का विशेष महत्व बताया गया है अधिक मास (Adhik Maas) में तिथिवार दान का फल बताया गया हैं अधिक मास (Adhik Maas) में दीपदान करना शुभ माना गया हैं इसके अतिरिक्त धार्मिक पुस्तकों का दान भी शुभ बताया गया हैं अधिक मास (Adhik Maas) के प्रथम दिन प्रतिपदा तिथि है इस दिन घी का दान श्रेष्ठ फलदायी बताया गया हैं।

तीन साल में आता है मलमास (Adhik Maas)

जिस माह में सूर्य संक्रांति नहीं होती वह अधिक मास (Adhik Maas) होता है, इसी प्रकार जिस माह में दो सूर्य संक्रांति होती हैं वह क्षय मास कहलाता है। चन्द्रमा 29.5 दिनों में पृथ्वी की एक परिक्रमा पूरा करता है। चन्द्रमा की 12 परिक्रमा 354 दिन में पूरी होती है। इसलिये चन्द्र वर्ष 354 दिन का होता है, जो सौर वर्ष से 11 दिन कम होता है। इस प्रकार तीन वर्षों में 33 दिन का अंतर आ जाता है। इसी कमी को तीन वर्षों में 13 महीने मानकर एक महीने का मलमास (Adhik Maas) पड़ता है।

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here