यूपी- दलित महिलाओं से बलात्कार पर मायावती अपने दिन याद करें…

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Dr. Lalji Prasad Nirmal
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के चेयरमैन और डॉ. आंबेडकर महासभा के अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने आज मायावती को चुनौती देते हुए कहा कि वह दलित महिलाओं की सबसे बड़ी दुश्मन रही हैं।
इतना ही नहीं, उन्होंने अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम को संशोधित करते हुए ये आदेश भी जारी किए थे कि दलित महिलाओं के साथ बलात्कार होने पर सीधे एफआईआर दर्ज न की जाए। वरन इसकी सीएमओ से जांच करवाई जाए।

मायावती को ये बताना चाहिए कि उन्होंने ये आदेश क्यों जारी किया था। क्या मायावती को महिलाओं के बलात्कार के आरोप पर विश्वास नहीं हैं। डॉ. निर्मल ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ने जहां दलितों की झोपड़ियों को जलाने वाले, उनका उत्पीड़न करने वाले लोगों के विरुद्ध जौनपुर, आजमगढ़, लखीमपुर में रासुका लगाई गई है। हाथरस, बुलंदशहर और बलरामपुर में रेप के आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करवाया। एसआईटी जांच और फास्ट ट्रैक के आदेश दिए गए। मायावती को ये भी जवाब देना चाहिए कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कितने दलित उत्पीड़कों के विरुद्ध रासुका लगाया।

डॉ. निर्मल ने कहा है कि मायावती ये बताएं कि दलितों के घुर विरोधी बाहुबली मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद जैसे कुख्यात माफियाओं को राजनैतिक शरण दी। आज जब उनकी संपत्तियों पर बुलडोजर चल रहा है, तो मायावती को परेशानी हो रही है।

आज जब प्रदेश में दलितों का आर्थिक सशक्तिकरण हो रहा है। उन्हें आवास सहित सरकारी मूलभूत सुविधाएं दी जा रही हैं, तो मायावती बेचैन हो रही हैं। डॉ. निर्मल ने कहा कि मायावती जी ने अपने कार्यकाल में दलितों को दरिद्र बनाने का काम किया। उनके पास दलितों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कोई योजना नहीं थी, वरन उनके पास खुद को दौलत का पहाड़ खड़ा करने की चाहत थी, जो उन्होंने अपने कार्यकाल में पूरा कर लिया था।

डॉ. निर्मल ने कहा कि मायावती ने अपने कार्यकाल में दलितों को दरिद्र बनाया और खुद दौलत के पहाड़ पर बैठ गईं। डॉ. निर्मल ने खुली चुनौती देते हुए कहा है कि मायावती दलित सवालों पर सीधे बहस करें। मैं उन्हें खुली चुनौती देता हूं।

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