|आमिर खान ने ‘लाल सिंह चड्ढा’ की शूटिंग के दौरान 45 दिनों के लिए महिलाओं की कैब सर्विस को हायर किया, घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं चला रहीं ये बिजनेस

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Desk news ,आमिर खान इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्‍म ‘लाल सिंह चड्ढा’ की शूटिंग के सिलसिले में दिल्ली में हैं। जहां पर उन्होंने एक खास पहल करते हुए महिलाओं के द्वारा संचालित कैब सर्विस हायर किया है। जिसका मकसद घरेलू हिंसा से प्रभावित इन महिलाओं की मदद करना है।

इस बारे में सेट पर मौजूद लोगों ने बताया कि आमिर ने 45 दिनों के लिए महिलाओं के द्वारा संचालित कैब सर्विस हायर को किया है। जिनमें प्रोडक्‍शन से जुड़े लोगों होटल से सेट पर लाने ले जाने का काम किया जाएगा।

घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं करती हैं संचालन

आमिर ने जिस कैब सर्विस को हायर किया है, उसका नाम ‘सखा’ है। जिसका संचालन घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं करती हैं। अपने टेलीविजन शो ‘सत्‍यमेव जयते’ की शूटिंग के दौरान आमिर सबसे पहले इस कैब सर्विस से परिचित हुए थे। तब से आमिर उन्‍हें हेल्‍प करते रहे हैं। खासकर दिल्‍ली प्रवास के दौरान आमिर अक्सर इसी कैब की सर्विस लेते रहे हैं। ऐसा करते हुए उन्‍हें 10 साल हो चुके हैं।

कोरोना से बचाव के किए गए पूरे इंतजाम

कोविड के चलते भी इन महिलाओं की कैब सर्विस को भी खासा नुकसान हुआ है। ऐसे में दिल्‍ली शेड्यूल की शूट के दौरान पूरे 45 दिनों के लिए आमिर ने यह सर्विस हायर की है। इस दौरान कोरोना से बचाव के लिए ‘बायो बबल’ रूल को भी फॉलो किया जाएगा।

बेलबॉटम की शूटिंग में भी फॉलो किए सारे रूल

इससे पहले अक्षय कुमार की फिल्म ‘बेलबॉटम’ की शूटिंग के दौरान भी ‘बायो बबल’ रूल को फॉलो किया था। ताकि पूरी सुरक्षा के साथ फिल्म की शूटिंग हो सके। साथ ही आगे भी जो फिल्‍में शूट होंगी, उनमें भी इसका पालन किया जाएगा।

‘बायो बबल’ रूल में कैसे होती है शूटिंग?

इस प्रोसेस में अलग-अलग यूनिटों की टुकड़ी बना ली जाती है। पूरी यूनिट इकट्ठे रहती है। सेम फ्लाइट में ट्रैवेल करती है, लेकिन लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट से होटल और होटल से सेट तक जो गा‍ड़ी और ड्राइवर असाइन होता है, उसी के साथ ट्रैवेल करते हैं। इसमें बाहर जाने की अनुमति नहीं रहती है। शॉपिंग करने की भी मनाही रहती है। यह सब करने के बाद उसी पैटर्न पर सेम फ्लाइट में ही वापसी हो जाती है।

बाहरी दुनिया से संपर्क नहीं रहता

होटल में कलाकारों को साथ में बुफे भी शेयर करने की अनुमति नहीं होती है। पैक्‍ड खाना सीधे उनके कमरे या वैनिटी में आता है। कास्‍ट और क्रू का एक यूनिट बनाया जाता है, जिससे कोई बाहर का आदमी नहीं मिल सकता और ना ही वो बाहर के लोगों से मिल सकते हैं। इस तरह सुरक्षा के साथ शूट को अंजाम दिया जाता है।

 

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