शिवसेना: महामंडलों के बंटवारें को लेकर कांग्रेस-शिवसेना में मामला फिट

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मुंबई. देश की मालामाल बीएमसी की विविध समितियों के चुनावों के चलते राज्य में महामंडलों के बंटवारें का मसला लगभग हल हो गया है। माना जा रहा है इस संबंध में जल्द ही सरकार में शामिल तीन दल शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की बैठक होगी। कहा जा रहा है कि मालदार महामंडल सिडको राकांपा को मिलेगा जबकि म्हाडा शिवसेना की झोली में जाएगी। कांग्रेस को म्हाडा रिपेयरिंग बोर्ड से संतुष्ठ होना होगा। कांग्रेस मौलाना आजाद अल्‍पसंख्‍यक आर्थिक विकास महामंडल की मांग कर रही है।

राज्य में महाविकास आघाडी सरकार बनाए जाने के बाद विधान परिषद में राज्यपाल नामांकित 12 विधायकों को लेकर तीनों दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं, लेकिन महामंडलों के बंटवारें को लेकर मामला लगभग पट गया है। इसका श्रेय मुंबई महानगरपालिका की विविध समितियों के चुनावों को जाता है। समितियों के चुनाव नहीं होते तो यह मामला हल नहीं हो पाता। समितियों के चुनाव में अपने उम्मीदवारों के नाम वापस लेकर कांग्रेस ने शिवसेना के साथ एक तरह से ‘मनभेद’ खत्म कर दिया है।

बीएमसी की विविध समितियों के चुनाव में कांग्रेस को नाम वापस लेने के लिए शिवसेना ने कई तरह के प्रलोभन दिए। शुरूआत में कांग्रेस म्हाडा महामंडल मांग रही थ, जिसे शिवसेना देने के लिए तैयार नहीं हुई। कहा जा रहा है कि शिवसेना सचिन अहिर को म्हाडा देना चाहती है। शिवसेना ने कांग्रेस को म्हाडा रिपेयरिंग बोर्ड का ऑफर दिया था, जिसे कांग्रेस ने स्वीकार कर लिया है। माना जा रहा है कि कांग्रेस उस जगह पर मुंबा देवी के विधायक अमीन पटेल को फिट करना चाहती है। साथ ही कांग्रेस मौलाना आजाद अल्‍पसंख्‍यक आर्थिक विकास महामंडल की मांग कर रही है। इसके पीछे कांग्रेस ने तर्क दिया है कि अल्पसंख्यक मंत्रालय राकांपा के पास है इसलिए उसे मौलाना आजाद महामंडल उन्हें चाहिए।

कांग्रेस नेता व राज्य के पूर्व मंत्री बाबा सिद्धिकी वहां अपने विधायक बेटे जिशान सिद्धिकी को वहां फिट करने के लिए ऐडी चोटी का जोर लगा दिया है। इसके अलावा शिवसेना ने कांग्रेस के नाम वापस लेने पर दो या तीन प्रभाग समिति देने का निर्णय लिया है, जिसमें मलाड स्थित पी-उत्तर प्रभाग समिति भी है। यह प्रभाग समिति वस्त्रोद्योग मंत्री असलम शेख के मतदान क्षेत्र का हिस्सा है। असलम शेख वहां अपना अध्यक्ष चाहते हैं। इसके अलावा भी शिवसेना ने कांग्रेस के साथ कई और वादे किए हैं।

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