प्रेम विवाह के बाद युवती ने जारी किया Video, परिजनों से खतरा बताते हुए लगाई सुरक्षा की गुहार

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डेेस्क। रविवार को एक युवती ने वीडियो जारी करके अपनी सुरक्षा की गुहार पुलिस से लगाई है. युवती ने सोशल मीडिया में वीडियो वायरल करके परिजनों से जान का खतरा बताया है. परिजनों की नाराजगी के बाद युवती ने हाईकोर्ट में भी सुरक्षा की गुहार लगाई है, जहां से पुलिस को सुरक्षा देने के दिशा निर्देश दिए गए हैं.

वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी ने भोजीपुरा थाना प्रभारी को आवश्यक कार्रवाई करने के साथ-साथ सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं. एसएसपी रोहित सिंह सजवान का कहना है कि वायरल वीडियो के माध्यम से प्रकरण संज्ञान में आया है. प्रेम विवाह करने वाली युवती को किसी से कोई खतरा नहीं होने दिया जाएगा. पुलिस उसके पति और परिजनों को पूर्ण सुरक्षित रखेगी.

दरअसल, बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के पीपलसाना चौधरी गांव की रहने वाली काजल ने अपने ही गांव के रहने वाले संजू प्रजापति से आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था. दोनों की जाति अलग-अलग होने के कारण काजल के परिवार ने इस कदम को लेकर नाराजगी जताई. जिसके बाद काजल अपने पति संजू को गांव से लेकर कही दूर सुरक्षित स्थान पर निकल गई. सामाजिक बदनामी का जिक्र करते हुए काजल के परिजनों ने उसे काफी डराया धमकाया था. जिस कारण वह अब अपने मायके वालों के साथ नहीं रहना चाहती. काजल ने एक गाड़ी के अंदर बैठकर दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए हैं जिसमें वह अपने मायके वालों से जान का खतरा बता रही है.

 

आर्य समाज मंदिर में किया प्रेम विवाह

वीडियो में युवती का कहना है कि उसने अपने प्रेमी के साथ फरवरी में विवाह किया था जो उसके परिजनों को नागवार गुजरा. प्रेम विवाह होने की जानकारी रखने के बावजूद उसके परिजनों ने उसका दो जगह रिश्ता पक्का किया था. यही वजह से अब वह घर छोड़कर चली आई है और अपनी मर्जी से अपने पति के साथ रह रही है. लेकिन परिजन इसे नाराज हैं और अब उसके ससुराल पक्ष और पति को हत्या करने की धमकी दे रहे हैं.

 

युवती ने वीडियो में यह भी बताया कि वह कोर्ट का आदेश लेकर पुलिस अफसरों के चक्कर काट रही है, लेकिन पुलिस के अफसरों का भी उसकी सुरक्षा को लेकर कोई सकारात्मक रुख नहीं है. इतना ही नहीं एसएसपी को भेजे एक पत्र में काजल का कहना है कि भोजीपुरा पुलिस मेरे मायके वालों से सांठगांठ करके मेरे ससुर व देवर को परेशान कर रही है, जो माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना भी है.
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