अमेरिका को झटका देने के लिए चीन ने बनाया ये कानून, इन चीजों के निर्यात पर लगेगा बैन…

0
60
.

वर्ल्ड डेस्क. चीन ने राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ में टेक्नोलॉजी से जुड़े संवेदनशील निर्यात को प्रतिबंधित करने वाला एक नया कानून पारित किया है. चीन के इस कदम से अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक रिश्ते (खासकर टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट) और बिगड़ सकते हैं.

चीन की टॉप विधायी संस्था, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस स्टैंडिंग कमेटी ने शनिवार को ये नियम पास कर दिया है, जो चीन में सभी कंपनियों पर लागू होता है, जिसमें विदेशी-निवेश वाली कंपनियां भी शामिल हैं. ये नया कानून 1 दिसंबर से प्रभावी होगा.

नया कानून बीजिंग को उन देशों के खिलाफ “पारस्परिक कार्रवाई करने” की अनुमति देता है जो निर्यात नियंत्रण का दुरुपयोग करते हैं और चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं. नए कानून के प्रकाशित अंश के मुताबिक, निर्यात नियंत्रण के अधीन कवर की गई वस्तुओं में तकनीकी डेटा भी शामिल है.

बीजिंग के नवीनतम कानून ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा चीनी तकनीकी फर्मों के खिलाफ छेड़ी गई जंग को और हवा दे दी है. ट्रम्प प्रशासन ने लोकप्रिय चाइनीज ऐप्स और प्रमुख कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए टिक टॉक और वीचैट समेत टेक दिग्गज हुआवेई और चिपमेकर सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्प पर बैन लगा दिया था.

बीजिंग की ओर से कहा गया है कि नया कानून, “राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए तैयार” किया गया है. नए कानून में कहा गया है, “अगर कोई भी देश या क्षेत्र पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की राष्ट्रीय सुरक्षा और उसके हितों को खतरे में डालने के लिए निर्यात नियंत्रण उपायों का दुरुपयोग करता है, तो (यह) कानून उनके खिलाफ पारस्परिक कार्रवाई की अनुमति देता है.”

कानून के मुताबिक चीनी अधिकारी समय-समय पर निर्यात कंट्रोल की लिस्ट में फेरबदल कर उसे जारी करते रहेंगे. इस कानून का उल्लंघन करने वालों पर 5 मिलियन युआन का दंड और एक्सपोर्ट लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान कानून में किया गया है.Source link

Authors

.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here