25 अक्टूबर से खुलेगा श्रीबांकेबिहारी मंदिर, दर्शन के लिए भक्तों को इन बातों का रखना होगा खास ध्यान…

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मथुरा। मथुरा के वृंदावन में स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर को ज्यादा भीड़ होने की वजह से बंद कर दिया गया था लेकिन अदालत के आदेश के बाद इसे 25 अक्टूबर से दोबारा खोला जाएगा। फाइल फोटो- मंदिर में दर्शन के लिए खड़े भक्त।

  • याचिकाकर्ताओं ने नियमित रूप से मंदिर खोले जाने की मांग की थी। अदालत ने याचिका स्वीकार कर लिया है
  • अदालत की ओर से मंदिर खोलने के आदेश जारी होने के बाद मंदिर प्रशासन ने 25 अक्टूबर से खोलने का फैसला किया है

मथुरा जिले के वृंदावन में ठाकुर बांकेबिहारी के भक्तों को राहत मिली है। अदालत की ओर से मंदिर खोलने के आदेश जारी होने के बाद मंदिर प्रशासन ने 25 अक्टूबर से खोलने का फैसला किया है। दरअसल इससे पहले शुक्रवार को जिले की अदालत ने कहा था कि 15 अक्टूबर को दिया गया उसका आदेश ही प्रभावी माना जाएगा। मंदिर खोलने के लिए अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गईं थीं। है। इससे पहले ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा भी मंदिर खुलवाए जाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था।

इस संबंध में मंदिर प्रबंधन मैनेजर मनीष शर्मा ने बताया कि भक्तों के दर्शन के लिए बांके बिहारी के कपाट 25 अक्टूबर से खोले जाएंगे पूर्व में भी यह कपाट न्यायालय के आदेश के बाद 17 अक्टूबर को खोले गए थे लेकिन मंदिर के बाहर भीड़ अधिक हो जाने के कारण कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं हो पा रहा था जिसके बाद मंदिर प्रबंधन ने मंदिर को 19 अक्टूबर से दर्शनार्थियों के लिए बंद कर दिया था

सिविल जज ने शुक्रवार को सुनाया था फैसला

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को न्यायालय सिविल जज जूनियर डिविजन गजेंद्र सिंह ने पुनः मंदिर खोले जाने का आदेश पारित कर दिया। न्यायालय ने पूर्व आदेश के तहत बांके बिहारी मंदिर, खोलने का आदेश दिया है। इस संबंध में मथुरा सिविल जज जूनियर डिवीजन के यहां दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की गईं थी। कोर्ट के आदेश के बाद भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

कोविड की वजह से सात माह के बाद खुला था मंदिर

दरअसल कोरोना वायरस महामारी के चलते लॉकडाउन लगने के बाद से बंद बांके बिहार मंदिर को शनिवार को भक्तों के लिए खोला गया था। लेकिन इस दौरान अव्यवस्थाओं तथा अफरा-तफरी के कारण मंदिर प्रबंधन को पुनः मंदिर बंद करने का निर्णय लेना पड़ा। ऐसे में महज दो दिन मंदिर खोले जाने के बाद उसे अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया था।

अदालत पहुंचा था बांके बिहारी मंदिर का मामला

इससे पहले सोमवार को वकील राजीव माहेश्वरी और महेंद्र प्रताप ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में याचिका दाखिल की थी। याचिकाकर्ताओं ने नियमित रूप से मंदिर खोले जाने की मांग की थी। अदालत ने याचिका स्वीकार कर लिया है। दरअसल, 17 अक्टूबर को सात माह बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। लेकिन, मंदिर प्रबंधन कोरोना की गाइडलाइन का पालन कराने में फेल नजर आया। इसके एक दिन बाद ही अग्रिम आदेशों तक मंदिर के कपाट बंद रखने का निर्णय ले लिया गया था।

मंदिर के कपाट खुलते ही उमड़ पड़ा था श्रद्धालुओं का सैलाब

17 अक्टूबर को बांके बिहारी मंदिर खुला था। लेकिन, पहले दिन ही भक्तों का सैलाब इस कदर उमड़ा कि भीड़ को संभालना मुश्किल हो गया था। भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन द्वारा सरकारी गाइडलाइन के अनुपालन में की गईं तैयारियां एवं सोशल डिस्टेंसिंग आदि की जमकर धज्जियां उड़ीं। इसकी वजह से अब 19 अक्टूबर से मंदिर को बंद रखने का फैसला किया गया था।

 

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